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नवागत डीडी की दुधवा कर्मियों को मनाने की कोशिश हुई बेकार
पलियाकलां (लखीमपुर खीरी)।
Updated Thu, 25 Feb 2016 10:33 PM IST
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पलियाकलां (लखीमपुर खीरी)। दुधवा नेशनल पार्क के नवागत डिप्टी डायरेक्टर
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महावीर कौजलगि ने फेडरेशन आफ फारेस्ट के पदाधिकारियों के साथ वार्ता कर
उनसे पर्यटन बहाल कराने की कोशिश की, जो बेका रही। इधर, 28 वें दिन भी
कर्मियों का आंदोलन जारी रहा और उन्होंने अपनी मांगों को दोहराया।
नवागत डिप्टी डायरेक्टर पलिया स्थित दुधवा मुख्यालय पहुंचे और फेडरेशन आफ फारेस्ट के पदाधिकारियों को बुलवाकर उन्हें मनाने की कोशिश की जो कामयाब नहीं हुई। कर्मियों ने हड़ताल खत्म करने से मना कर दिया। 28वें दिन मुख्यालय पर फेडरेशन अध्यक्ष पतिराज सिंह, मंत्री विजय, उपाध्यक्ष रामकुमार आदि ने कहा कि वह अपनी मांग पर अडिग हैं और कार्रवाई न होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने एक बार फिर एफडी को निशाने पर लेते हुए उन्हें कर्मी विरोधी बताया। कर्मियों ने कहा कि अब उनका आंदोलन पूरे प्रदेश में पहुंच गया है। जगह जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। मांग पूरी न हुई तो वह सब लखनऊ में नौ मार्च को एक विशाल रैली करेंगे और अगले निर्णय वहीं लिए जाएंगे। कहा कि अब जो भी निर्णय होगा वह प्रदेश भर के साथियों के साथ लिया जाएगा।
बृहस्पतिवार को भी साथ रहीं ईको विकास समितियां
दुधवा कर्मियों के आंदोलन में बुधवार को इलाके की ईको विकास समितियां शामिल हो गईं थीं। बृहस्पतिवार को भी इन समितियों की महिला सदस्य और पुरुष फिर मुख्यालय पहुंचे और कर्मियों के साथ आंदोलन में हिस्सा लिया।
पर्यटन शुरू कराने के साथ जंगल की सुरक्षा होगी पहली प्राथमिकता
पलियाकलां। दुधवा नेशनल पार्क के नए डिप्टी डायरेक्टर महावीर कौजलगि ने कहा कि दुधवा में बंद पड़े पर्यटन को शुरू कराना और जंगल की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता होगी। कहा कि वह कोशिश में जुटे हुए हैं और कर्मियों से वार्ता जारी रखेंगे।
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गौरतलब है कि शासन सेे प्रमोशन पाकर कंजरवेटर हो चुके पीपी सिंह को यहां से नए पद पर लखनऊ में तैनाती दे दी थी। इसके बाद यहां का चार्ज कर्तनियां घाट सेंक्चुरी के एफडी आशीष तिवारी को दिया गया था लेकिन इसके अगले ही दिन इसमें फेरबदल करते हुए शासन ने यहां कासगंज में तैनात महावीर कौजलगि को डीडी बना दिया। वह इससे पूर्व में करीब दो माह यहां डिप्टी डायरेक्टर रह चुके हैं। श्री कौजलगि ने लखनऊ में चार्ज ले लिया था और बृहस्पतिवार को दुधवा मुख्यालय पहुंचे।
नवागत डिप्टी डायरेक्टर पलिया स्थित दुधवा मुख्यालय पहुंचे और फेडरेशन आफ फारेस्ट के पदाधिकारियों को बुलवाकर उन्हें मनाने की कोशिश की जो कामयाब नहीं हुई। कर्मियों ने हड़ताल खत्म करने से मना कर दिया। 28वें दिन मुख्यालय पर फेडरेशन अध्यक्ष पतिराज सिंह, मंत्री विजय, उपाध्यक्ष रामकुमार आदि ने कहा कि वह अपनी मांग पर अडिग हैं और कार्रवाई न होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने एक बार फिर एफडी को निशाने पर लेते हुए उन्हें कर्मी विरोधी बताया। कर्मियों ने कहा कि अब उनका आंदोलन पूरे प्रदेश में पहुंच गया है। जगह जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। मांग पूरी न हुई तो वह सब लखनऊ में नौ मार्च को एक विशाल रैली करेंगे और अगले निर्णय वहीं लिए जाएंगे। कहा कि अब जो भी निर्णय होगा वह प्रदेश भर के साथियों के साथ लिया जाएगा।
बृहस्पतिवार को भी साथ रहीं ईको विकास समितियां
दुधवा कर्मियों के आंदोलन में बुधवार को इलाके की ईको विकास समितियां शामिल हो गईं थीं। बृहस्पतिवार को भी इन समितियों की महिला सदस्य और पुरुष फिर मुख्यालय पहुंचे और कर्मियों के साथ आंदोलन में हिस्सा लिया।
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पर्यटन शुरू कराने के साथ जंगल की सुरक्षा होगी पहली प्राथमिकता
पलियाकलां। दुधवा नेशनल पार्क के नए डिप्टी डायरेक्टर महावीर कौजलगि ने कहा कि दुधवा में बंद पड़े पर्यटन को शुरू कराना और जंगल की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता होगी। कहा कि वह कोशिश में जुटे हुए हैं और कर्मियों से वार्ता जारी रखेंगे।
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गौरतलब है कि शासन सेे प्रमोशन पाकर कंजरवेटर हो चुके पीपी सिंह को यहां से नए पद पर लखनऊ में तैनाती दे दी थी। इसके बाद यहां का चार्ज कर्तनियां घाट सेंक्चुरी के एफडी आशीष तिवारी को दिया गया था लेकिन इसके अगले ही दिन इसमें फेरबदल करते हुए शासन ने यहां कासगंज में तैनात महावीर कौजलगि को डीडी बना दिया। वह इससे पूर्व में करीब दो माह यहां डिप्टी डायरेक्टर रह चुके हैं। श्री कौजलगि ने लखनऊ में चार्ज ले लिया था और बृहस्पतिवार को दुधवा मुख्यालय पहुंचे।