{"_id":"688e599f9b9e29d8cb092715","slug":"new-buildings-are-being-constructed-in-47-primary-schools-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1002-152241-2025-08-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: 47 प्राथमिक स्कूलों में बनवाए जा रहे नवीन भवन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: 47 प्राथमिक स्कूलों में बनवाए जा रहे नवीन भवन
Sun, 03 Aug 2025 12:01 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 03 Aug 2025 12:01 AM IST
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। जिले में संचालित 47 परिषदीय स्कूलों में नवीन भवन बनवाए जा रहे हैं। प्रत्येक जगह 15.11 लाख की लागत से कार्य होगा। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद पंजीकृत छात-छात्राएं इन्हीं कमरों में बैठकर पढ़ाई करेंगे। विभाग ने कार्यदायी संस्था को तय समय में कार्य पूरा करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि संबंधित भवनों के कंडम घोषित होने के बाद उनके ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया पूरी की गई थी। इसके बाद उक्त स्कूलों में नवीन भवनों को निर्माण कार्य शुरू कराया गया है। इन स्कूलों में बच्चों के लिए दो कमरे, स्कूली कामकाज के लिए ऑफिस और एक बरामदा बनाया जा रहा है।
फिलहाल निर्माण कार्य पूरा होने के बाद उक्त कक्षाओं और बरामदों में शिक्षण कार्य कराया जाएगा। बीएसए ने बताया कि कई जगहों पर कक्षों की संख्या कम थी, इससे वह कमी भी पूरी की जा सकेगी साथ ही बच्चों को पढ़ाई का अच्छा माहौल मिल सकेगा।
विज्ञापन
एक कमरे में साथ चलती हैं कई कक्षाएं
अब भी ऐसे दर्जनों स्कूल हैं जहां पर कमरों की संख्या कम है। दो से तीन कमरों में कक्षा एक से लेकर आठ तक की कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। एक-एक कमरे में दो और दो से अधिक कक्षाओं के संचालन में जहां बच्चों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, वहीं शिक्षक भी परेशान हो जाते हैं। शहर के सदर विद्यालय में ही तीन कक्षाओं में एक से लेकर आठ तक के छात्र-छात्राओं को बिठाकर पढ़ाया जा रहा है।
विज्ञापन
बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि संबंधित भवनों के कंडम घोषित होने के बाद उनके ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया पूरी की गई थी। इसके बाद उक्त स्कूलों में नवीन भवनों को निर्माण कार्य शुरू कराया गया है। इन स्कूलों में बच्चों के लिए दो कमरे, स्कूली कामकाज के लिए ऑफिस और एक बरामदा बनाया जा रहा है।
विज्ञापन
फिलहाल निर्माण कार्य पूरा होने के बाद उक्त कक्षाओं और बरामदों में शिक्षण कार्य कराया जाएगा। बीएसए ने बताया कि कई जगहों पर कक्षों की संख्या कम थी, इससे वह कमी भी पूरी की जा सकेगी साथ ही बच्चों को पढ़ाई का अच्छा माहौल मिल सकेगा।
विज्ञापन
एक कमरे में साथ चलती हैं कई कक्षाएं
अब भी ऐसे दर्जनों स्कूल हैं जहां पर कमरों की संख्या कम है। दो से तीन कमरों में कक्षा एक से लेकर आठ तक की कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। एक-एक कमरे में दो और दो से अधिक कक्षाओं के संचालन में जहां बच्चों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, वहीं शिक्षक भी परेशान हो जाते हैं। शहर के सदर विद्यालय में ही तीन कक्षाओं में एक से लेकर आठ तक के छात्र-छात्राओं को बिठाकर पढ़ाया जा रहा है।