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बिना डाक्टर के चल रहे एनसीडी क्लीनिक
बिजुआ/लखीमपुर।
Updated Mon, 28 Sep 2015 11:23 PM IST
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दिल की बीमारी अच्छी नहीं होती। वक्त रहते लोगों को हृदय रोग के बारे में जानकारी हो सके और गांव के अस्पतालों में ही इलाज मिल जाए। इसके लिए जिले की 11 सीएचसी में भी एनसीडी सेल (क्लीनिक) खोले गए, जबकि एक सेल की स्थापना जिला अस्पताल में की गई हैै।
इस सेल में हृदय रोग, डायबिटीज, कैंसर और शरीर से अक्षम होने वाले मरीजों का इलाज होता है। क्लीनिक में हृदय रोगियों के लिए ईसीजी मशीनें भी हैं, लेकिन डाक्टर एवं ईसीजी टेक्नीशियन की तैनाती अभी नहीं हो सकी है। वहीं, जिला अस्पताल के कार्डियोलाजी विभाग में तैनात डाक्टर का तबादला ढाई साल पूर्व हुआ था, जिसके बाद से किसी डाक्टर की पोस्टिंग नहीं की गई है। लिहाजा लाखों कीमत की मशीनें स्टोर रूम में धूल में अटी हैं।
बगैर डाक्टर के चल रहे क्लीनिक, जांचों तक सिमटा सेल
एनसीडी सेल में सात पद स्वीकृत हैं, जिनमें एक डाक्टर, स्टॉफ नर्स, लैब टेक्नीशियन, ईसीजी एलटी, काउंसलर, डाटा इंट्री आपरेटर, लैब असिस्टेंट और फिजियोथेरेपिस्ट की तैनाती होनी है। जिले के एक भी क्लीनिक (सेल) में डॉक्टर की नियुक्ति शासन से नहीं हो सकी है। इसके अलावा सीएचसी स्थित सेल के पास ईसीजी मशीनें हैं, लेकिन उन्हें चलाने के लिए कोई एलटी या टेक्नीशियन नहीं है। सीएचसी पर काम कर रहे सेल महज ब्लड, शुगर की जांच करने और ब्लड प्रेशर मापने तक ही सीमित हैं।
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डाटा आपरेटर की तैनाती पर कंप्यूटरों का पता नहीं
11 सीएचसी में महज पांच जगह क्रमश: नकहा, पलिया, बेहजम, धौरहरा और मोहम्मदी में कंप्यूटर सेट एनसीडी सेल को मिले हैं, लेकिन सभी सेंटर पर डाटा इंट्री आपरेटर की नियुक्ति हो चुकी है।
क्लीनिक पर क्या-क्या है सुविधाएं मौजूद
1- ईसीजी मशीन
2- मल्टी चैनल मानीटर
3- ब्लड शुगर टेस्ट यूनिट
4- सर्वाइकल ट्रैक्शन मानीटर
5- शार्टवेयर ट्राइथेरेपी
6- यूरीन टेस्ट यूनिट
ढाई साल बाद भी नहीं मिल सका एक अदद डाक्टर
लखीमपुर खीरी। जिला अस्पताल के कार्डियोलाजी विभाग में एकमात्र कार्डियोलाजिस्ट का तबादला ढाई साल पहले कर दिया गया था, जिसके बाद इस पद पर किसी कार्डियोलाजिस्ट की तैनाती नहीं हो सकी है। 40 लाख की आबादी वाले जनपद में एक हार्ट स्पेशलिस्ट उपलब्ध नहीं है।
कार्डियोलाजी विभाग में अब सिर्फ ईसीजी की सुविधा उपलब्ध है, जो एक टेक्नीशियन और वार्ड ब्वाय के सहारे चल रही है। खास बात यह है कि विभाग का रूपांतरण आयुष विंग में किया जा रहा है, क्योंकि कार्डियोलाजिस्ट के कक्ष पर अंकित चिकित्सक कक्ष की सूचना को मिटा दिया गया है।
जिला अस्पताल में हार्ट स्पेशलिस्ट की तैनाती के लिए कई बार उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर अवगत कराया जा चुका है। फिलहाल अभी किसी डाक्टर की तैनाती नहीं हो सकी है। - डॉ. वीके साहू, सीएमओ
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इस सेल में हृदय रोग, डायबिटीज, कैंसर और शरीर से अक्षम होने वाले मरीजों का इलाज होता है। क्लीनिक में हृदय रोगियों के लिए ईसीजी मशीनें भी हैं, लेकिन डाक्टर एवं ईसीजी टेक्नीशियन की तैनाती अभी नहीं हो सकी है। वहीं, जिला अस्पताल के कार्डियोलाजी विभाग में तैनात डाक्टर का तबादला ढाई साल पूर्व हुआ था, जिसके बाद से किसी डाक्टर की पोस्टिंग नहीं की गई है। लिहाजा लाखों कीमत की मशीनें स्टोर रूम में धूल में अटी हैं।
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बगैर डाक्टर के चल रहे क्लीनिक, जांचों तक सिमटा सेल
एनसीडी सेल में सात पद स्वीकृत हैं, जिनमें एक डाक्टर, स्टॉफ नर्स, लैब टेक्नीशियन, ईसीजी एलटी, काउंसलर, डाटा इंट्री आपरेटर, लैब असिस्टेंट और फिजियोथेरेपिस्ट की तैनाती होनी है। जिले के एक भी क्लीनिक (सेल) में डॉक्टर की नियुक्ति शासन से नहीं हो सकी है। इसके अलावा सीएचसी स्थित सेल के पास ईसीजी मशीनें हैं, लेकिन उन्हें चलाने के लिए कोई एलटी या टेक्नीशियन नहीं है। सीएचसी पर काम कर रहे सेल महज ब्लड, शुगर की जांच करने और ब्लड प्रेशर मापने तक ही सीमित हैं।
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डाटा आपरेटर की तैनाती पर कंप्यूटरों का पता नहीं
11 सीएचसी में महज पांच जगह क्रमश: नकहा, पलिया, बेहजम, धौरहरा और मोहम्मदी में कंप्यूटर सेट एनसीडी सेल को मिले हैं, लेकिन सभी सेंटर पर डाटा इंट्री आपरेटर की नियुक्ति हो चुकी है।
क्लीनिक पर क्या-क्या है सुविधाएं मौजूद
1- ईसीजी मशीन
2- मल्टी चैनल मानीटर
3- ब्लड शुगर टेस्ट यूनिट
4- सर्वाइकल ट्रैक्शन मानीटर
5- शार्टवेयर ट्राइथेरेपी
6- यूरीन टेस्ट यूनिट
ढाई साल बाद भी नहीं मिल सका एक अदद डाक्टर
लखीमपुर खीरी। जिला अस्पताल के कार्डियोलाजी विभाग में एकमात्र कार्डियोलाजिस्ट का तबादला ढाई साल पहले कर दिया गया था, जिसके बाद इस पद पर किसी कार्डियोलाजिस्ट की तैनाती नहीं हो सकी है। 40 लाख की आबादी वाले जनपद में एक हार्ट स्पेशलिस्ट उपलब्ध नहीं है।
कार्डियोलाजी विभाग में अब सिर्फ ईसीजी की सुविधा उपलब्ध है, जो एक टेक्नीशियन और वार्ड ब्वाय के सहारे चल रही है। खास बात यह है कि विभाग का रूपांतरण आयुष विंग में किया जा रहा है, क्योंकि कार्डियोलाजिस्ट के कक्ष पर अंकित चिकित्सक कक्ष की सूचना को मिटा दिया गया है।
जिला अस्पताल में हार्ट स्पेशलिस्ट की तैनाती के लिए कई बार उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर अवगत कराया जा चुका है। फिलहाल अभी किसी डाक्टर की तैनाती नहीं हो सकी है। - डॉ. वीके साहू, सीएमओ