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नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की
ब्यूरो/धौरहरा।
Updated Sat, 26 Mar 2016 11:21 PM IST
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नृत्य
- फोटो : अमर उजाला
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श्रीकृष्ण की अवतरण लीला देख भावविभोर हुए दर्शक
गोस्वामी तुलसीदास की कर्मस्थली रामवाटिका में चल रहे श्रीहनुमत यज्ञ में वैदिक मंत्रों के साथ श्रद्धालुओं ने आहुतियां डालीं। रात में वृंदावन से आई रासलीला मंडली के कलाकारों ने श्रीकृष्ण जन्म का सुंदर मंचन किया। मंचन देख दर्शक भाव विभोर हो उठे।
रासलीला में देवकी को विदा करते समय हुई आकाशवाणी, कंस का देवकी और वासुदेव को कारागार में डालने और इसके बाद कंस द्वारा देवकी के सात बच्चों की हत्या के बाद आठवें पुत्र के रूप में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म लीला का सुंदर मंचन किया। भगवान श्री कृष्ण के जन्म के साथ पूरा पंडाल नंद के घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की भजन से गूंज उठा।
श्री कृष्ण को लेकर वासुदेव गोकुल में नंद और यशोदा के पास छोड़ आते हैं। गोकुल में पैदा हुई योगमाया को वासुदेव मथुरा लाकर कंस को देते हैं। कंस जैसे ही योगमाया को मारने चलता है तभी योगमाया कहती हैं ‘हे कंस तू मुझे क्या मारेगा तुझे मारने वाला गोकुल में पैदा हो गया है।’ यहां दिन में रामलीला के अंतर्गत नारद मोह और विष्णु-लक्ष्मी के विवाह का मंचन किया गया।
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गोस्वामी तुलसीदास की कर्मस्थली रामवाटिका में चल रहे श्रीहनुमत यज्ञ में वैदिक मंत्रों के साथ श्रद्धालुओं ने आहुतियां डालीं। रात में वृंदावन से आई रासलीला मंडली के कलाकारों ने श्रीकृष्ण जन्म का सुंदर मंचन किया। मंचन देख दर्शक भाव विभोर हो उठे।
रासलीला में देवकी को विदा करते समय हुई आकाशवाणी, कंस का देवकी और वासुदेव को कारागार में डालने और इसके बाद कंस द्वारा देवकी के सात बच्चों की हत्या के बाद आठवें पुत्र के रूप में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म लीला का सुंदर मंचन किया। भगवान श्री कृष्ण के जन्म के साथ पूरा पंडाल नंद के घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की भजन से गूंज उठा।
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श्री कृष्ण को लेकर वासुदेव गोकुल में नंद और यशोदा के पास छोड़ आते हैं। गोकुल में पैदा हुई योगमाया को वासुदेव मथुरा लाकर कंस को देते हैं। कंस जैसे ही योगमाया को मारने चलता है तभी योगमाया कहती हैं ‘हे कंस तू मुझे क्या मारेगा तुझे मारने वाला गोकुल में पैदा हो गया है।’ यहां दिन में रामलीला के अंतर्गत नारद मोह और विष्णु-लक्ष्मी के विवाह का मंचन किया गया।
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