{"_id":"a60df66ed9649727664ead832d76eecb","slug":"muslim-community-the-philosophy-of-shiva-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुस्लिम समुदाय के लोगों ने किए शिव के दर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुस्लिम समुदाय के लोगों ने किए शिव के दर्शन
गोला गोकर्णनाथ
Updated Thu, 19 Mar 2015 07:21 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
छोटी काशी में बना प्राचीन शिव मंदिर हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल माना जाता है। चतुर्दशी को यहां मंदिर में दो मुस्लिम धर्मावलंबियों ने दर्शन किए।
चतुर्दशी की दोपहर जब गोकर्णनाथ मंदिर घंटा निनाद और बम भोले के जयकारों से गुंजायमान था, कांवड़िये और भक्त शिव का जलाभिषेक कर पूजन अर्चन कर रहे थे। उन्हीं के बीच मुस्लिम संप्रदाय के दो लोगों ने भगवान शिव के दर्शन किए।
दर्शन करने वाले हशीनुद्दीन मियां ने बताया कि वह राजगढ़ में हजरत जलील मियां की मजार पर सज्जादा नशीन हैं। वह अपने साथी रोज अली निवासी राजगढ़ के साथ दर्शन करने आए हैं। उन्होंने गोला के शिव मंदिर का काफी नाम सुना था कि काफी गहरे गड्ढे में शिव स्थापित हैं। शंकर जी के दर्शन कर बहुत अच्छा लगा। यहां के शिव मंदिर का निर्माण कोटवारा के मुस्लिम महाराजा ने कराया था और मंदिर के शिखर पर दूज का चांद स्थापित कराया था।
विज्ञापन
चतुर्दशी की दोपहर जब गोकर्णनाथ मंदिर घंटा निनाद और बम भोले के जयकारों से गुंजायमान था, कांवड़िये और भक्त शिव का जलाभिषेक कर पूजन अर्चन कर रहे थे। उन्हीं के बीच मुस्लिम संप्रदाय के दो लोगों ने भगवान शिव के दर्शन किए।
दर्शन करने वाले हशीनुद्दीन मियां ने बताया कि वह राजगढ़ में हजरत जलील मियां की मजार पर सज्जादा नशीन हैं। वह अपने साथी रोज अली निवासी राजगढ़ के साथ दर्शन करने आए हैं। उन्होंने गोला के शिव मंदिर का काफी नाम सुना था कि काफी गहरे गड्ढे में शिव स्थापित हैं। शंकर जी के दर्शन कर बहुत अच्छा लगा। यहां के शिव मंदिर का निर्माण कोटवारा के मुस्लिम महाराजा ने कराया था और मंदिर के शिखर पर दूज का चांद स्थापित कराया था।
विज्ञापन