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व्हाट्सएप स्टेटस को लेकर भड़का मुस्लिम समुदाय, जुलूस निकाला
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भीरा में शुक्रवार को जुलूस में शामिल मुस्लिम समाज के लोग।
- फोटो : LAKHIMPUR
लखीमपुर खीरी/बिजुआ। नूपुर शर्मा के समर्थन वाले व्हाट्सएप स्टेटस को लेकर भीरा में मुस्लिम समुदाय के लोग भड़क गए और सड़कों पर उतरकर नारेबाजी की। जुलूस निकाला। हालांकि बाद में पुलिस ने समझा बुझाकर लोगों को शांत कराया। आक्रोशित लोगों ने नूपुर शर्मा का समर्थन करने वाले के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। भीरा को छोड़कर बाकी जिले में कोई प्रदर्शन नहीं हुआ।
पुलिस के मुताबिक, भीरा के एक युवक ने अपने वॉट्सएप स्टेटस पर भाजपा से निलंबित नूपुर शर्मा के समर्थन में स्टेटस लगाया था, जिसे बाद में हटा लिया गया। इसी बात से नाराज होकर कस्बे के मुस्लिम समुदाय से जुड़े लोगों ने पुलिस को ज्ञापन दिया। इसके बाद मुस्लिम समुदाय के सैकड़ों की संख्या में किशोर और युवाओं ने सड़क पर उतरकर जुलूस निकाला।
इस दौरान पुलिस कहीं भी मौके पर नजर नहीं आई। जब जुलूस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पुलिस ने भागदौड़ शुरू की। सीओ गोला राजेश कुमार, एडिशनल एसपी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लेकर दंगारोधी उपकरणों से लैस होकर मुस्लिम बस्ती में फ्लैग मार्च किया। देर शाम को पुलिस को तहरीर देते हुए मुस्लिम समुदाय के लोगों ने युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
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भीरा एसओ सियाराम वर्मा का कहना है कि दोपहर में नमाज के बाद कुछ मुस्लिम समुदाय के लोग एक व्यक्ति द्वारा व्हाट्सएप पर नूपुर शर्मा का स्टेटस लगाए जाने के विरोध में ज्ञापन देने आए थे और वापस लौट गए थे। बाद में कुछ युवक जुलूस के रूप में इकट्ठे होकर नारेबाजी करते हुए बाजार की तरफ से जा रहे थे। सूचना मिलते ही जुलूस निकालने वाले किशोरों और युवाओं को समझा बुझाकर वापस भेज दिया गया।
पहले ही कह दिया था- कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदर्शन होगा - इस मामले को लेकर एक दिन पहले ही मुस्लिम समुदाय के लोगों ने युवक के खिलाफ पुलिस को ज्ञापन देकर कार्रवाई न होने पर प्रदर्शन की बात कही थी लेकिन पुलिस ने मामले को हल्के में लिया। जबकि आरोपी युवक का कहना है कि उसने चार मई को स्टेटस लगाया था, जिसे कुछ घंटों में डिलीट कर दिया था।
उसका कहना है कि उसे साजिश कर फंसाया जा रहा है। मौके पर पहुंचे एएसपी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि सिर्फ 10 मिनट तक जुलूस निकाला गया, जिसे पुलिस ने समय रहते काबू में कर लिया। हालात सामान्य हैं। मामले में जांच चल रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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पुलिस के मुताबिक, भीरा के एक युवक ने अपने वॉट्सएप स्टेटस पर भाजपा से निलंबित नूपुर शर्मा के समर्थन में स्टेटस लगाया था, जिसे बाद में हटा लिया गया। इसी बात से नाराज होकर कस्बे के मुस्लिम समुदाय से जुड़े लोगों ने पुलिस को ज्ञापन दिया। इसके बाद मुस्लिम समुदाय के सैकड़ों की संख्या में किशोर और युवाओं ने सड़क पर उतरकर जुलूस निकाला।
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इस दौरान पुलिस कहीं भी मौके पर नजर नहीं आई। जब जुलूस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पुलिस ने भागदौड़ शुरू की। सीओ गोला राजेश कुमार, एडिशनल एसपी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लेकर दंगारोधी उपकरणों से लैस होकर मुस्लिम बस्ती में फ्लैग मार्च किया। देर शाम को पुलिस को तहरीर देते हुए मुस्लिम समुदाय के लोगों ने युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
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भीरा एसओ सियाराम वर्मा का कहना है कि दोपहर में नमाज के बाद कुछ मुस्लिम समुदाय के लोग एक व्यक्ति द्वारा व्हाट्सएप पर नूपुर शर्मा का स्टेटस लगाए जाने के विरोध में ज्ञापन देने आए थे और वापस लौट गए थे। बाद में कुछ युवक जुलूस के रूप में इकट्ठे होकर नारेबाजी करते हुए बाजार की तरफ से जा रहे थे। सूचना मिलते ही जुलूस निकालने वाले किशोरों और युवाओं को समझा बुझाकर वापस भेज दिया गया।
पहले ही कह दिया था- कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदर्शन होगा - इस मामले को लेकर एक दिन पहले ही मुस्लिम समुदाय के लोगों ने युवक के खिलाफ पुलिस को ज्ञापन देकर कार्रवाई न होने पर प्रदर्शन की बात कही थी लेकिन पुलिस ने मामले को हल्के में लिया। जबकि आरोपी युवक का कहना है कि उसने चार मई को स्टेटस लगाया था, जिसे कुछ घंटों में डिलीट कर दिया था।
उसका कहना है कि उसे साजिश कर फंसाया जा रहा है। मौके पर पहुंचे एएसपी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि सिर्फ 10 मिनट तक जुलूस निकाला गया, जिसे पुलिस ने समय रहते काबू में कर लिया। हालात सामान्य हैं। मामले में जांच चल रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा विधिक कार्रवाई की जाएगी।