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गर्भवती पत्नी की चाकू से गोदकर हत्या
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बरवर (लखीमपुर खीरी)। मोहल्ला गांधीनगर में सोमवार सुबह शक्की पति ने चाय बना रही गर्भवती पत्नी की चाकू से गोदकर हत्या कर दी। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद कर आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक आरोपी, पत्नी के चरित्र पर शक करता था। इसको लेकर दोनों में आए दिन विवाद होता था। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा है।
बरवर नगर पंचायत के मोहल्ला गंधीनगर निवासी बबलू पुत्र बद्रीप्रसाद की पत्नी रेनू देवी (35) सोमवार सुबह घर में चाय बना रही थी। उसी समय किसी बात को लेकर पति से उसका विवाद हो गया। बात इतनी बढ़ी कि गुस्साए बबलू ने चाकू से पत्नी की ताबड़तोड़ प्रहार कर हत्या कर दी। मृतका के चाचा रामनरेश ने बताया की रेनू छह माह की गर्भवती थी। हत्या करने के बाद बबलू मौके से फरार हो गया। सूचना पर प्रभारी निरीक्षक आदर्श कुमार सिंह चौकी प्रभारी के साथ मौके पर पहुंचे। बाद में पुलिस ने गांव के बाहर आरोपी को हत्या में प्रयुक्त चाकू के साथ गिरफ्तार कर लिया। बकौल पुलिस: बबलू ने पूछताछ में बताया कि उसे पत्नी के चरित्र पर शक था। इसको लेकर आए दिन दोनों के बीच विवाद होता था। बेटी की हत्या की सूचना पाकर मृतका के मायके वाले भी मौके पर पहुंच गए। मृतका के पिता खुशीराम निवासी कचनार कोतवाली मोहम्मदी ने हत्यारोपी दामाद के खिलाफ नामजद तहरीर पुलिस को दी है। प्रभारी निरीक्षक आदर्श कुमार सिंह ने बताया कि बबलू के विरुद्ध हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। शव पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेजा गया है।
बरवर गांधीनगर में महिला की हत्या से सन्नाटा पसरा है। परिवार वालों के मुताबिक मृतका रेनू देवी छह मां के गर्भ से थी। बबलू को गर्भ में पल रहे बच्चे को लेकर पत्नी पर शक था। पिता के इसी शक ने तीनों बच्चों के सिर से मां की ममता हमेशा के लिए छीन ली।
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हत्यारोपी बबलू तीन भाई है। सभी भाई और पिता अलग-अलग रहते हैं। बबलू सबसे छोटा था। उसके पिता के नाम एक एकड़ जमीन है। बबलू अपने परिवार का भरण-पोषण बरवर रोड पर चाट का ठेला लगाकर करता है। 13 साल पहले उसकी शादी कोतवाली मोहम्मदी के गांव कचनार में रेनू से हुई थी। उसके तीन बच्चे बादल (6), रक्षा देवी (5) और आयुष (3) है। बताते हैं कि पांच दिन पूर्व पत्नी रेनू ने मायके जाने के लिए पांच सौ रुपये मांगे थे। पति ने उसे रुपये नहीं दिए और न ही मायके जाने दिया था। जिससे दोनों के बीच खासा मनमुटाव भी चल रहा था। इधर पिता के हाथों मां की हत्या होने से जहां तीनों बच्चों के सिर से मां की ममता का साया हमेशा के लिए उठ गया, वहीं पिता के जेल जाने से बच्चों को पिता का भी प्यार नहीं मिलेगा। मां की मौत से बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। तीनों बच्चों को उसके नाना खुशीराम अपने साथ ननिहाल ले गए हैं।
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बरवर नगर पंचायत के मोहल्ला गंधीनगर निवासी बबलू पुत्र बद्रीप्रसाद की पत्नी रेनू देवी (35) सोमवार सुबह घर में चाय बना रही थी। उसी समय किसी बात को लेकर पति से उसका विवाद हो गया। बात इतनी बढ़ी कि गुस्साए बबलू ने चाकू से पत्नी की ताबड़तोड़ प्रहार कर हत्या कर दी। मृतका के चाचा रामनरेश ने बताया की रेनू छह माह की गर्भवती थी। हत्या करने के बाद बबलू मौके से फरार हो गया। सूचना पर प्रभारी निरीक्षक आदर्श कुमार सिंह चौकी प्रभारी के साथ मौके पर पहुंचे। बाद में पुलिस ने गांव के बाहर आरोपी को हत्या में प्रयुक्त चाकू के साथ गिरफ्तार कर लिया। बकौल पुलिस: बबलू ने पूछताछ में बताया कि उसे पत्नी के चरित्र पर शक था। इसको लेकर आए दिन दोनों के बीच विवाद होता था। बेटी की हत्या की सूचना पाकर मृतका के मायके वाले भी मौके पर पहुंच गए। मृतका के पिता खुशीराम निवासी कचनार कोतवाली मोहम्मदी ने हत्यारोपी दामाद के खिलाफ नामजद तहरीर पुलिस को दी है। प्रभारी निरीक्षक आदर्श कुमार सिंह ने बताया कि बबलू के विरुद्ध हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। शव पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेजा गया है।
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बरवर गांधीनगर में महिला की हत्या से सन्नाटा पसरा है। परिवार वालों के मुताबिक मृतका रेनू देवी छह मां के गर्भ से थी। बबलू को गर्भ में पल रहे बच्चे को लेकर पत्नी पर शक था। पिता के इसी शक ने तीनों बच्चों के सिर से मां की ममता हमेशा के लिए छीन ली।
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हत्यारोपी बबलू तीन भाई है। सभी भाई और पिता अलग-अलग रहते हैं। बबलू सबसे छोटा था। उसके पिता के नाम एक एकड़ जमीन है। बबलू अपने परिवार का भरण-पोषण बरवर रोड पर चाट का ठेला लगाकर करता है। 13 साल पहले उसकी शादी कोतवाली मोहम्मदी के गांव कचनार में रेनू से हुई थी। उसके तीन बच्चे बादल (6), रक्षा देवी (5) और आयुष (3) है। बताते हैं कि पांच दिन पूर्व पत्नी रेनू ने मायके जाने के लिए पांच सौ रुपये मांगे थे। पति ने उसे रुपये नहीं दिए और न ही मायके जाने दिया था। जिससे दोनों के बीच खासा मनमुटाव भी चल रहा था। इधर पिता के हाथों मां की हत्या होने से जहां तीनों बच्चों के सिर से मां की ममता का साया हमेशा के लिए उठ गया, वहीं पिता के जेल जाने से बच्चों को पिता का भी प्यार नहीं मिलेगा। मां की मौत से बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। तीनों बच्चों को उसके नाना खुशीराम अपने साथ ननिहाल ले गए हैं।