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आसमान में छाई धुंध, लुढ़का पारा
लखीमपुर खीरी।
Updated Thu, 11 Jun 2015 07:16 PM IST
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करीब एक सप्ताह से लगातार तेज धूप से बृहस्पतिवार को लोगों को तब राहत मिली, जब आसमान में छाई धुंध के कारण पारा लुढ़क गया। बुधवार को अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस के मुकाबले बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस रह गया। हालांकि, न्यूनतम तापमान में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। बुधवार को न्यूनतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था, जबकि बृहस्पतिवार को 28.6 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया।
बृहस्पतिवार को सुबह से ही तापमान में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। इससे लोग पसीना पसीना हो गए, लेकिन दिन के 11 बजते ही आसमान में धुंध छाने के कारण धूप में नरमी महसूस की गई, जिससे पारा तो लुढ़क गया, लेकिन गर्मी से नहीं राहत महसूस की गई। भीषण गर्मी से लोग बेहाल रहे, हालांकि धुंध छाने और धूप में नरमी से लोगों को मौसम में बदलाव की उम्मीद जगी है। पंतनगर यूनिवर्सिटी के मौसम विज्ञानी डॉ एचएस कुशवाहा के अनुसार अगले दो या तीन दिनों में आसमान में बादल छाएंगे।
गोला गोकर्णनाथ। दिन प्रतिदिन सूर्यदेव के बढ़ते तापमान से आमजन अकुला उठा है। भीषण गर्मी में लू से बचने के लिए झुलसते तन को कपड़ों से ढंककर लोगों को बाहर निकलना पड़ रहा है। बढ़ते गर्मी के प्रकोप और बरसात न होने के कारण नदी में पानी कम हो गया है। तालाब, पोखर सूखे पड़े हैं। इस गर्मी में आमजन के साथ ही पशु पक्षी भी परेशान हैं।
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बृहस्पतिवार को सुबह से ही तापमान में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। इससे लोग पसीना पसीना हो गए, लेकिन दिन के 11 बजते ही आसमान में धुंध छाने के कारण धूप में नरमी महसूस की गई, जिससे पारा तो लुढ़क गया, लेकिन गर्मी से नहीं राहत महसूस की गई। भीषण गर्मी से लोग बेहाल रहे, हालांकि धुंध छाने और धूप में नरमी से लोगों को मौसम में बदलाव की उम्मीद जगी है। पंतनगर यूनिवर्सिटी के मौसम विज्ञानी डॉ एचएस कुशवाहा के अनुसार अगले दो या तीन दिनों में आसमान में बादल छाएंगे।
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गोला गोकर्णनाथ। दिन प्रतिदिन सूर्यदेव के बढ़ते तापमान से आमजन अकुला उठा है। भीषण गर्मी में लू से बचने के लिए झुलसते तन को कपड़ों से ढंककर लोगों को बाहर निकलना पड़ रहा है। बढ़ते गर्मी के प्रकोप और बरसात न होने के कारण नदी में पानी कम हो गया है। तालाब, पोखर सूखे पड़े हैं। इस गर्मी में आमजन के साथ ही पशु पक्षी भी परेशान हैं।
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