{"_id":"587d092b4f1c1bdc30efe09e","slug":"more-than-half-the-tickets-come-from-outside-friends","type":"story","status":"publish","title_hn":"आधे से ज्यादा टिकट मिले बाहर से आए मित्रों को","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आधे से ज्यादा टिकट मिले बाहर से आए मित्रों को
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Mon, 16 Jan 2017 11:26 PM IST
विज्ञापन
bjp
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चार बसपा से टूटकर आए, एक पीस पार्टी से, आठ में से तीन ही पुराने अपने
भारतीय जनता पार्टी ने इस बार अपने पुराने लोगों के साथ बाहर से आए दोस्तों पर भी भरोसा जताया है। भाजपा उम्मीदवारों की सूची पर गौर करें तो सिर्फ रामकुमार वर्मा, लोकेद्र प्रताप सिंह और मंजू त्यागी ही ऐसे प्रत्याशी हैं जो पार्टी के पुराने कार्यकर्ता होने के साथ राष्ट्रीय स्वयं सेवक से जुड़े रहे हैं। दूसरी ओर चार उम्मीदवार बसपा छोड़कर आए हैं तो एक पीस पार्टी का साथ छोड़कर भाजपा का महारथी बना है।
पलिया सीट से अभी तक बसपा विधायक रहे रोमी साहनी इसी सीट से इस बार भाजपा के प्रत्याशी बने हैं। इसी तरह मोहम्मदी क्षेत्र के बसपा विधायक बाला प्रसाद अवस्थी भाजपा टिकट पर धौरहरा में अपनी पुरानी पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ तलवार भांजेंगे। रोमी साहनी और बाला प्रसाद अवस्थी दोनों कुछ समय पहले ही बसपा से अलग होकर भाजपा में शामिल हुए हैं। हालांकि बाला प्रसाद अवस्थी पहले भी 1991 में धौरहरा क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं। बसपा टिकट पर 2007 का चुनाव उन्होंने धौरहरा और 2012 का चुनाव मोहम्मदी से लड़ा था।
बाहर से आए मित्रों की सूची में तीसरा नाम अरविंद गिरि का है जिन्हें भाजपा ने गोला क्षेत्र से अपना प्रत्याशी बनाया है। अरविंद हैदराबाद सीट से तीन बार सपा के टिकट पर विधायक बने थे। 2012 का चुनाव कांग्रेस के टिकट पर गोला से लड़े। 2014 में वह बसपा के टिकट पर खीरी संसदीय क्षेत्र से लोकसभा चुनाव लड़े। 2016 में भाजपा में शामिल हो गए थे।
विज्ञापन
बसपा के दिग्गज नेता और राज्यसभा सदस्य रहे जुगुल किशोर 2015 में जब बसपा से निकाले गए तो उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया। उनके बेटे सौरभ सिंह सोनू को भाजपा ने कस्ता सीट से चुनाव मैदान में उतारा है। सोनू इससे पहले कस्ता क्षेत्र से ही बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं। लखीमपुर सदर से भाजपा ने योगेश वर्मा पर दांव लगाया है। योगेश वर्मा ने 2012 का चुनाव इसी सीट से पीस पार्टी के टिकट पर लड़ा था।
निघासन से भाजपा उम्मीदवार बने रामकुमार वर्मा जरूर विशुद्ध रूप से भाजपाई हैं। इससे पहले वह हैदराबाद क्षेत्र से तीन बार और निघासन से एक बार विधायक रह चुके हैं। भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे थे। मोहम्मदी में भाजपा प्रत्याशी लोकंद्र प्रताप सिंह पहले भी मोहम्मदी क्षेत्र और मंजू त्यागी भाजपा के टिकट पर श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुकी हैं।
विज्ञापन
भारतीय जनता पार्टी ने इस बार अपने पुराने लोगों के साथ बाहर से आए दोस्तों पर भी भरोसा जताया है। भाजपा उम्मीदवारों की सूची पर गौर करें तो सिर्फ रामकुमार वर्मा, लोकेद्र प्रताप सिंह और मंजू त्यागी ही ऐसे प्रत्याशी हैं जो पार्टी के पुराने कार्यकर्ता होने के साथ राष्ट्रीय स्वयं सेवक से जुड़े रहे हैं। दूसरी ओर चार उम्मीदवार बसपा छोड़कर आए हैं तो एक पीस पार्टी का साथ छोड़कर भाजपा का महारथी बना है।
पलिया सीट से अभी तक बसपा विधायक रहे रोमी साहनी इसी सीट से इस बार भाजपा के प्रत्याशी बने हैं। इसी तरह मोहम्मदी क्षेत्र के बसपा विधायक बाला प्रसाद अवस्थी भाजपा टिकट पर धौरहरा में अपनी पुरानी पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ तलवार भांजेंगे। रोमी साहनी और बाला प्रसाद अवस्थी दोनों कुछ समय पहले ही बसपा से अलग होकर भाजपा में शामिल हुए हैं। हालांकि बाला प्रसाद अवस्थी पहले भी 1991 में धौरहरा क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं। बसपा टिकट पर 2007 का चुनाव उन्होंने धौरहरा और 2012 का चुनाव मोहम्मदी से लड़ा था।
विज्ञापन
बाहर से आए मित्रों की सूची में तीसरा नाम अरविंद गिरि का है जिन्हें भाजपा ने गोला क्षेत्र से अपना प्रत्याशी बनाया है। अरविंद हैदराबाद सीट से तीन बार सपा के टिकट पर विधायक बने थे। 2012 का चुनाव कांग्रेस के टिकट पर गोला से लड़े। 2014 में वह बसपा के टिकट पर खीरी संसदीय क्षेत्र से लोकसभा चुनाव लड़े। 2016 में भाजपा में शामिल हो गए थे।
विज्ञापन
बसपा के दिग्गज नेता और राज्यसभा सदस्य रहे जुगुल किशोर 2015 में जब बसपा से निकाले गए तो उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया। उनके बेटे सौरभ सिंह सोनू को भाजपा ने कस्ता सीट से चुनाव मैदान में उतारा है। सोनू इससे पहले कस्ता क्षेत्र से ही बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं। लखीमपुर सदर से भाजपा ने योगेश वर्मा पर दांव लगाया है। योगेश वर्मा ने 2012 का चुनाव इसी सीट से पीस पार्टी के टिकट पर लड़ा था।
निघासन से भाजपा उम्मीदवार बने रामकुमार वर्मा जरूर विशुद्ध रूप से भाजपाई हैं। इससे पहले वह हैदराबाद क्षेत्र से तीन बार और निघासन से एक बार विधायक रह चुके हैं। भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे थे। मोहम्मदी में भाजपा प्रत्याशी लोकंद्र प्रताप सिंह पहले भी मोहम्मदी क्षेत्र और मंजू त्यागी भाजपा के टिकट पर श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुकी हैं।