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मोहम्मदी की मांगें किसी ने सुनीं ही नहीं

Sun, 08 Jan 2017 10:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो    लखीमपुर खीरी।
अमर उजाला ब्यूरो    लखीमपुर खीरी। Updated Sun, 08 Jan 2017 10:45 PM IST
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Mohammadi never heard anyone demand
netaji - फोटो : अमर उजाला
हर क्षेत्र में पिछड़ा हुआ है जिला मुख्यालय से 70 किमी दूर स्थित यह कस्बा 
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आजादी से पहले जिला हुआ करता था, अब फिर जिला बनाने की मांग
पिछले कई चुनावों से गूंजता रहा है रेलवे लाइन से जोड़ने का भी मुद्दा

 मोहम्मदी ब्रिटिशकाल में जिला मुख्यालय हुआ करता था। आजादी ने उसका यह दर्जा छीन लिया। लखीमपुर खीरी जिला मुख्यालय यहां से 70 किमी दूर है, लिहाजा जिला मुख्यालय पर बैठने वाले विकास की योजनाएं बनाने और उन पर क्रियान्वयन कराने वाले अफसरों की नजर यहां तक पहुंचती ही नहीं। लिहाजा यह कस्बा बुरी तरह पिछड़ेपन का शिकार हो चुका है। पिछले कई चुनावों में शाहजहांपुर जिले से सटे इस कस्बे को फिर जिले का दर्जा दिलाने और रेलवे लाइन से जोड़ने का मुद्दा उठता रहा है। यह अलग बात है कि इन मुद्दों पर वोट तो लिए गए लेकिन जीतने के बाद किसी भी विधायक ने इन मांगों को पूरा कराने के लिए कोई प्रयास तक नहीं किया।
मोहम्मदी में सड़क, बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी टोटा है। यह विधानसभा क्षेत्र भाजपा का गढ़ रहा है। विधानसभा के अब तक हुए 16 चुनावों में यहां से नौ बार जनसंघ या भाजपा के विधायक चुने गए। पांच बार कांग्रेस को भी मौका मिला और एक-एक बार सपा और बसपा भी चुनाव जीती लेकिन क्षेत्र की हालत जस की तस ही रही। आजादी के बाद से 2009 तक यह विधानसभा क्षेत्र सुरक्षित रहा। नए परिसीमन के बाद 2012 में यह सीट सामान्य हो गई है। 2012 के चुनाव में इस सीट से बसपा के टिकट पर बालाप्रसाद अवस्थी जीते थे जो अब भाजपा में शामिल हो चुके हैं। इस बार वह धौरहरा विधानसभा क्षेत्र से भाग्य आजमाने के मूड में हैं। 
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विधानसभा क्षेत्र के मुख्य मुद्दे
-मोहम्मदी को जिले का दर्जा मिले, क्योंकि लखीमपुर खीरी मुख्यालय यहां से 70 किमी से ज्यादा दूर है
-कस्बे को रेलवे लाइन से जोड़ने की मांग
-बरबर टाउन में बरुआ घाट पर पुल, अस्पताल और थाने की स्थापना
-जंगबहादुरगंज के लिए नगर पंचायत के दर्जे की मांग
-मोहम्मदी में स्टेडियम बनाने और मेहंदी बाग को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग
-पिपरिया कप्तान क्षेत्र में सीएचसी और मगदापुर परगना को मोहम्मदी में जोड़ना।
 
अब तक रहे विधायक 
1952-राम भजन शर्मा       (कांग्रेस)
1957-मन्ना लाल             (जनसंघ)
1962-मन्ना लाल             (जनसंघ)
1967-मन्ना लाल             (जनसंघ)
1969-सेवाराम               (कांग्रेस)
1974-मन्ना लाल             (जनसंघ)
1977-मन्ना लाल             (जनता पार्टी)
1980-बंशीधर राज          (कांग्रेस)
1985-बंशीधर राज          (कांग्रेस)
1989-छोटे लाल            (भाजपा)
1991-बंशीधर राज          (कांग्रेस)
1993-जगन्नाथ प्रसाद        (भाजपा)
1996-कृष्णा राज            (भाजपा)
2002-बंशीधर राज          (सपा)
2007-कृष्णा राज            (भाजपा)
2012-बाला प्रसाद अवस्थी  (बसपा) 
 
पिछले तीन चुनावों का मत विभाजन
2002
बंशीधर राज, सपा (निर्वाचित)       57525
कृष्णा राज, भाजपा                55610
जुगुल किशोर, बसपा              35913
लालवीर दिनकर, कांग्रेस           3377
 
2007
कृष्णा राज, भाजपा (निर्वाचित)      53391
बंशीधर राज, सपा                 45471
रामेश्वर प्रसाद, बसपा              45522
जयवीर सिंह, कांग्रेस              3077
--
2012
बालाप्रसाद अवस्थी, बसपा (निर्वाचित)     57737
इमरान अहमद, सपा                       46393
लोकेंद्र प्रताप सिंह, भाजपा                29045
अशफाक उल्ला खां, कांग्रेस             22014
 
लोकसभा चुनाव 2014 में मतविभाजन 
भाजपा  34.58 प्रतिशत,   बसपा       22.69 प्रतिशत
सपा    23.58 प्रतिशत,   कांग्रेस       14.51 प्रतिशत
  
मतदाताओं की संख्या
कुल मतदाता        315097
पुरुष मतदाता        171212
महिला मतदाता      143875  
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क्या कहते हैं मतदाता
दून पब्लिक स्कूल के प्रबंधक एवं शिक्षाविद् डॉ. गुरमेजर सिंह का कहना है कि मोहम्मदी को फिर जिले का दर्जा मिले और इसे रेल लाइन से जोड़ा जाए तभी इस कस्बे का विकास होना संभव है। 
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भूतपूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष अधिवक्ता और जेपी कॉलेज के प्रबंधक अवनीश गुप्ता का कहना है कि मोहम्मदी क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं की ओर किसी विधायक ने ध्यान नहीं दिया। जिला मुख्यालय से दूरी भी विकास में बाधक है।
 
नगर पालिका मोहम्मदी की पूर्व सदस्य रजनी सैनी कहती हैं कि विधायकों को कम से कम मूलभूत समस्याओं की ओर तो ध्यान देना चाहिए। महिला शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए मोहम्मदी में काफी काम की जरूरत है। 
 
मेडिकल स्टोर संचालक रईस खां झंझटी का कहना है कि विधायक साफ छवि का हो जो विधानसभा में हमारी आवाज बुलंद कर सके। पिछले विधायक ने तो यहां के मतदाताओं को काफी निराश किया है।
 
कस्बे के मोहल्ला शंकरपुर छावनी निवासी मोची का काम करने वाले बृजनंदन का कहना है कि अधिकतर विधायकों ने हमें छला है कुछ ने तो पांच साल तक जनता की सुध ही नहीं ली। विधायक जनसमस्याओं से जुड़े रहे। 
 
छात्रा नंदनी सिंह का कहना है कि आज भी मोहम्मदी में राजकीय कन्या डिग्री कॉलेज में बीए, बीएससी, बीकाम और उच्च शिक्षा का कोई साधन नहीं है। इससे लड़कियों की शिक्षा बाधित है। 

 
विधायक बोले
मोहम्मदी विधानसभा क्षेत्र के विधायक बाला प्रसाद अवस्थी का कहना है कि पिछले पांच वर्षों में क्षेत्र में काफी काम किया। दर्जनों सड़कों और पुलियों का निर्माण कराया। हां यह बात अलग है कि केंद्र और प्रदेश में दूसरी पार्टियों की सरकार होने के कारण क्षेत्र में कोई बड़ा काम नहीं करा सका, इसकी उन्हें टीस है। 
 
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