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Lakhimpur Kheri News: दुधवा और किशनपुर अभयारण्य में मोबाइल फोन प्रतिबंधित
Mon, 29 Jun 2026 11:09 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 29 Jun 2026 11:09 PM IST
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लखीमपुर खीरी/ बांकेगंज। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर दुधवा नेशल पार्क उपनिदेशक जगदीश आर ने दुधवा और किशनपुर अभयारण्य में जंगल सफारी के लिए आने वाले पर्यटकों समेत नेचर गाइड एवं वाहन चालकों के लिए संपूर्ण पर्यटन क्षेत्र में मोबाइल फोन ले जाना प्रतिबंधित कर दिया गया। यह आदेश रविवार से लागू किया गया है।
पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन की ओर से जारी आदेश के बाद राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की ओर से जारी निर्देशों के तहत अब जंगल सफारी के लिए आने वाले पर्यटक माेबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। सफारी के दौरान यह बात सामने आई कि बाघ के दीदार होने पर जिप्सियों पर सवार पर्यटक,गाइड और वाहन चालक व्हाट्स ग्रुप और कॉल के जरिए अन्य वाहनों को लाइव लोकेशन शेयर करने के बाद पर्यटन मार्ग पर वाहनों का जमावाड़ा लग जाता है। साथ ही मोबाइल फोन की रिंगटोन का शोर सुनकर वन्यजीव डर जाते हैं, और उनके प्राकृतवास में खलल पैदा होता है। इसके अलावा बाघों की सटीक लोकेशन का पता चलता है। डीडी ने बताया कि आदेश जारी होने के बाद आपातकालीन स्थिति के लिए केवल अधिकृत गाइड या ड्राइवर के पास ही आफ स्क्रीन मोड में फोन रखने की अनुमति होगी। संवाद
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पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन की ओर से जारी आदेश के बाद राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की ओर से जारी निर्देशों के तहत अब जंगल सफारी के लिए आने वाले पर्यटक माेबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। सफारी के दौरान यह बात सामने आई कि बाघ के दीदार होने पर जिप्सियों पर सवार पर्यटक,गाइड और वाहन चालक व्हाट्स ग्रुप और कॉल के जरिए अन्य वाहनों को लाइव लोकेशन शेयर करने के बाद पर्यटन मार्ग पर वाहनों का जमावाड़ा लग जाता है। साथ ही मोबाइल फोन की रिंगटोन का शोर सुनकर वन्यजीव डर जाते हैं, और उनके प्राकृतवास में खलल पैदा होता है। इसके अलावा बाघों की सटीक लोकेशन का पता चलता है। डीडी ने बताया कि आदेश जारी होने के बाद आपातकालीन स्थिति के लिए केवल अधिकृत गाइड या ड्राइवर के पास ही आफ स्क्रीन मोड में फोन रखने की अनुमति होगी। संवाद
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