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मितौली प्रमुख की याचिका खारिज, 27 को शक्ति परीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Tue, 25 Jul 2017 11:20 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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ब्लाक प्रमुख के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव का मामला
फूलबेहड़ और ईसानगर के प्रमुखों को मिल चुका स्टे आर्डर
मितौली ब्लाक प्रमुख के खिलाफ पेश किए गए अविश्वास प्रस्ताव पर 27 जुलाई 2017 को निर्धारित समय पर ब्लाक सभागार में बैठक होने का रास्ता साफ हो गया है। हाईकोर्ट ने ब्लाक प्रमुख रामखेलावन की ओर से दायर की गई याचिका को खारिज कर दिया है। हालांकि इससे पहले फूलबेहड़ और ईसानगर के ब्लाक प्रमुख हाईकोर्ट से स्टे आर्डर हासिल करने में कामयाब रहे थे। डीपीआरओ ने 27 जुलाई को अविश्वास प्रस्ताव पर बैठक की तैयारी तेज कर दी है।
बता दें कि भाजपा जिलाध्यक्ष और विधायक की अगुवाई में बीडीसी सदस्यों ने मितौली प्रमुख के खिलाफ 27 जून को अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था, जिसमें डीएम ने पहले 15 जुलाई को बैठक की डेट लगाई थी। इस बीच फूलबेहड़ और ईसानगर ब्लाक प्रमुख को स्टे आर्डर हासिल होने पर अधिकारियों को अपनी चूक का अंदाजा हुआ। इसके बाद डीएम ने 27 जुलाई 2017 को बैठक की डेट तय कर दी। इस बीच ब्लाक प्रमुख रामखेलावन ने लखनऊ हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें नियमानुसार कार्रवाई न किए जाने का आरोप लगाया था। मसलन अविश्वास प्रस्ताव पेश होने के 30 दिन के अंदर बीडीसी की बैठक कराना अनिवार्य है। लिहाजा 27 जून को अविश्वास लाने की तिथि से बैठक की 27 जुलाई के मध्य एक दिन अधिक होने का हवाला दिया गया। डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद ने बताया कि 27 जून को डीएम की गैरमौजूदगी में अविश्वास प्रस्ताव सौंपा जरूर गया, जिस पर डीएम ने 28 जून 2017 को संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी की थी। इस लिहाज से 27 जुलाई 2017 को 30 दिन पूरे होते हैं। हाईकोर्ट ने इस तथ्य को संज्ञान में लेकर ब्लाक प्रमुख की याचिका खारिज कर दी है। निर्धारित तिथि पर एसडीएम की अध्यक्षता में मितौली सभागार में बैठक कराई जाएगी।
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फूलबेहड़ और ईसानगर के प्रमुखों को मिल चुका स्टे आर्डर
मितौली ब्लाक प्रमुख के खिलाफ पेश किए गए अविश्वास प्रस्ताव पर 27 जुलाई 2017 को निर्धारित समय पर ब्लाक सभागार में बैठक होने का रास्ता साफ हो गया है। हाईकोर्ट ने ब्लाक प्रमुख रामखेलावन की ओर से दायर की गई याचिका को खारिज कर दिया है। हालांकि इससे पहले फूलबेहड़ और ईसानगर के ब्लाक प्रमुख हाईकोर्ट से स्टे आर्डर हासिल करने में कामयाब रहे थे। डीपीआरओ ने 27 जुलाई को अविश्वास प्रस्ताव पर बैठक की तैयारी तेज कर दी है।
बता दें कि भाजपा जिलाध्यक्ष और विधायक की अगुवाई में बीडीसी सदस्यों ने मितौली प्रमुख के खिलाफ 27 जून को अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था, जिसमें डीएम ने पहले 15 जुलाई को बैठक की डेट लगाई थी। इस बीच फूलबेहड़ और ईसानगर ब्लाक प्रमुख को स्टे आर्डर हासिल होने पर अधिकारियों को अपनी चूक का अंदाजा हुआ। इसके बाद डीएम ने 27 जुलाई 2017 को बैठक की डेट तय कर दी। इस बीच ब्लाक प्रमुख रामखेलावन ने लखनऊ हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें नियमानुसार कार्रवाई न किए जाने का आरोप लगाया था। मसलन अविश्वास प्रस्ताव पेश होने के 30 दिन के अंदर बीडीसी की बैठक कराना अनिवार्य है। लिहाजा 27 जून को अविश्वास लाने की तिथि से बैठक की 27 जुलाई के मध्य एक दिन अधिक होने का हवाला दिया गया। डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद ने बताया कि 27 जून को डीएम की गैरमौजूदगी में अविश्वास प्रस्ताव सौंपा जरूर गया, जिस पर डीएम ने 28 जून 2017 को संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी की थी। इस लिहाज से 27 जुलाई 2017 को 30 दिन पूरे होते हैं। हाईकोर्ट ने इस तथ्य को संज्ञान में लेकर ब्लाक प्रमुख की याचिका खारिज कर दी है। निर्धारित तिथि पर एसडीएम की अध्यक्षता में मितौली सभागार में बैठक कराई जाएगी।
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