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Lakhimpur Kheri News: फुंके ट्रांसफार्मरों का आंकड़ा न बताने पर भड़के मंत्री, एक्सईएन को बैठक से निकाला
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लखीमपुर खीरी। गर्मी के सीजन में फुंके ट्रांसफार्मरों का आंकड़ा न बताने पर जिले के प्रभारी मंत्री एवं कैबिनेट मंत्री (प्राविधिक शिक्षा एवं उपभोक्ता मामले) आशीष पटेल का पारा चढ़ गया और उन्होंने एक्सईएन को बैठक से बाहर कर दिया। मंत्री ने सीडीओ को एक्सईएन से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए।
प्रभारी मंत्री सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अफसरों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे। सबसे पहले उन्होंने बिजली विभाग के अफसरों से शहरी व ग्रामीण की विद्युत का शेड्यूल जाना। एक्सईएन वार ट्रांसफार्मर फुंकने और 48 घंटे के अंदर बदले जाने की रिपोर्ट तलब की तो एक्सईएन शैलेंद्र कुमार मोबाइल खंगालने लगे। इस पर मंत्री भड़क गए थे। मंत्री ने सीडीओ अभिषेक कुमार को निर्देश दिए कि जुलाई में शेड्यूल के सापेक्ष वास्तविक आपूर्ति कितनी हुई। इसे स्वयं चेक करें।
उन्होंने कहा कि बिजनेस प्लान में स्वीकृत कार्यों की जानकारी जनप्रतिनिधियों को दें। अफसर योजनाएं जन-जन तक पहुंचाएं। मंत्री ने डीएफओ से पौधारोपण अभियान की प्रगति जानी और पौधों की सुरक्षा के लिए ट्रीगार्ड लगवाने के निर्देश दिए। मंत्री ने सड़कों की समीक्षा की। पीडब्ल्यूडी के ईई अनिल यादव ने बताया कि बाढ़ के दौरान 185 मार्गों के ऊपर से पानी चला, 57 सड़कों पर पानी निकलने से कोई क्षति नहीं हुई।
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लो-लैंड की 19 सड़कों पर अब भी पानी चल रहा है। मंत्री ने सुझाव दिया कि इन सड़कों को सीसी रोड बनाने का प्रस्ताव पर विचार करें। बाढ़ की समीक्षा के दौरान ईई बाढ़ खंड अजय कुमार ने बताया कि 11 कटावरोधी परियोजनाएं बनाई गई। 15 स्थलों पर फ्लड फाइटिंग का कार्य भी किया।
सामुदायिक शौचालय का ऐसा मॉडल तैयार करें तो प्रदेश में मिसाल बने
डीपीआरओ को निर्देश दिए कि डीएम-सीडीओ के मार्गदर्शन में दो माह में सामुदायिक शौचालय की क्रियाशीलता का एक मॉडल विकसित करें, जो प्रदेश के लिए मिसाल बने। बैठक के बाद मंत्री ने प्रेसवार्ता की। लोक निर्माण विभाग में दो एक्सईएन के विवाद के मुद्दे पर कहा कि मामले की जानकारी कर उचित निर्णय लिया जाएगा।
डग्गामार वाहनों पर लगाम लगाने, बिजली व्यवस्था में सुधार कराने का आश्वासन दिया। बैठक में मात्र एक ही विधायक के आने पर मंत्री ने कहा कि सभी से बात हुई है, कुछ विधायक बाहर गए हुए हैं। बैठक में विधायक विनोद शंकर अवस्थी, डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल, एसपी गणेश प्रसाद साहा आदि मौजूद रहे।
तीन घंटे परेशान हुए लाभार्थी
लाभार्थियों को 10 बजे कलक्ट्रेट में बुला लिया गया। मंत्री करीब 40 मिनट लेट पहुंचे, जो सीधे बैठक करने लगे। करीब तीन घंटे बाद लाभार्थियों का नंबर आया। मंत्री ने पीएम आवास के पांच लाभार्थियों को चाबी, कुपोषित पांच शिशुओं को सुपोषण किट, पांच बाढ़ प्रभावितों को राहत सामग्री, कुम्हारों को इलेक्ट्रॉनिक चाक वितरित किए। साथ ही पांच दिव्यांगजनों को ट्राई साइकिल की सौगात दी। मंत्री के हाथों उपहार पाकर लाभार्थियों के चेहरे जरूर खिले, लेकिन तीन घंटे का इंतजार उनको भारी पड़ा।
प्रभारी मंत्री सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अफसरों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे। सबसे पहले उन्होंने बिजली विभाग के अफसरों से शहरी व ग्रामीण की विद्युत का शेड्यूल जाना। एक्सईएन वार ट्रांसफार्मर फुंकने और 48 घंटे के अंदर बदले जाने की रिपोर्ट तलब की तो एक्सईएन शैलेंद्र कुमार मोबाइल खंगालने लगे। इस पर मंत्री भड़क गए थे। मंत्री ने सीडीओ अभिषेक कुमार को निर्देश दिए कि जुलाई में शेड्यूल के सापेक्ष वास्तविक आपूर्ति कितनी हुई। इसे स्वयं चेक करें।
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उन्होंने कहा कि बिजनेस प्लान में स्वीकृत कार्यों की जानकारी जनप्रतिनिधियों को दें। अफसर योजनाएं जन-जन तक पहुंचाएं। मंत्री ने डीएफओ से पौधारोपण अभियान की प्रगति जानी और पौधों की सुरक्षा के लिए ट्रीगार्ड लगवाने के निर्देश दिए। मंत्री ने सड़कों की समीक्षा की। पीडब्ल्यूडी के ईई अनिल यादव ने बताया कि बाढ़ के दौरान 185 मार्गों के ऊपर से पानी चला, 57 सड़कों पर पानी निकलने से कोई क्षति नहीं हुई।
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लो-लैंड की 19 सड़कों पर अब भी पानी चल रहा है। मंत्री ने सुझाव दिया कि इन सड़कों को सीसी रोड बनाने का प्रस्ताव पर विचार करें। बाढ़ की समीक्षा के दौरान ईई बाढ़ खंड अजय कुमार ने बताया कि 11 कटावरोधी परियोजनाएं बनाई गई। 15 स्थलों पर फ्लड फाइटिंग का कार्य भी किया।
सामुदायिक शौचालय का ऐसा मॉडल तैयार करें तो प्रदेश में मिसाल बने
डीपीआरओ को निर्देश दिए कि डीएम-सीडीओ के मार्गदर्शन में दो माह में सामुदायिक शौचालय की क्रियाशीलता का एक मॉडल विकसित करें, जो प्रदेश के लिए मिसाल बने। बैठक के बाद मंत्री ने प्रेसवार्ता की। लोक निर्माण विभाग में दो एक्सईएन के विवाद के मुद्दे पर कहा कि मामले की जानकारी कर उचित निर्णय लिया जाएगा।
डग्गामार वाहनों पर लगाम लगाने, बिजली व्यवस्था में सुधार कराने का आश्वासन दिया। बैठक में मात्र एक ही विधायक के आने पर मंत्री ने कहा कि सभी से बात हुई है, कुछ विधायक बाहर गए हुए हैं। बैठक में विधायक विनोद शंकर अवस्थी, डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल, एसपी गणेश प्रसाद साहा आदि मौजूद रहे।
तीन घंटे परेशान हुए लाभार्थी
लाभार्थियों को 10 बजे कलक्ट्रेट में बुला लिया गया। मंत्री करीब 40 मिनट लेट पहुंचे, जो सीधे बैठक करने लगे। करीब तीन घंटे बाद लाभार्थियों का नंबर आया। मंत्री ने पीएम आवास के पांच लाभार्थियों को चाबी, कुपोषित पांच शिशुओं को सुपोषण किट, पांच बाढ़ प्रभावितों को राहत सामग्री, कुम्हारों को इलेक्ट्रॉनिक चाक वितरित किए। साथ ही पांच दिव्यांगजनों को ट्राई साइकिल की सौगात दी। मंत्री के हाथों उपहार पाकर लाभार्थियों के चेहरे जरूर खिले, लेकिन तीन घंटे का इंतजार उनको भारी पड़ा।