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Lakhimpur Kheri News: वन्यजीवों से सुरक्षित सह-अस्तित्व का दिया संदेश
Wed, 11 Mar 2026 11:13 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 11 Mar 2026 11:13 PM IST
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दुधवा की बेलरायां रेंज में ग्रामीणों से संवाद करती मोटीवेटर और उपस्थित वनाधिकारी। स्रोत: दुधवा
पलियकलां। दुधवा टाइगर रिजर्व ने वन्यजीवों के साथ सुरक्षित सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सीमावर्ती गांवों में जनजागरूकता अभियान शुरू किया है। दुधवा बाघ संरक्षण फाउंडेशन के सहयोग से चल रहे इस अभियान में ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को वन्यजीवों के व्यवहार और उनसे बचाव के तरीकों की जानकारी दी जा रही है।
दुधवा टाइगर रिजर्व में बाघों और हाथियों की बढ़ती संख्या के साथ गैंडा पुनर्वास योजना भी सफलता की ओर बढ़ रही है। वर्तमान में रिजर्व में करीब 52 गैंडे मौजूद हैं। इनमें से चार गैंडों को पिछले वित्तीय वर्ष में खुले जंगल में स्वच्छंद विचरण के लिए छोड़ा जा चुका है, जबकि छह अन्य गैंडों को भी जल्द मुक्त करने पर विचार किया जा रहा है।
इसी को ध्यान में रखते हुए दक्षिण सोनारीपुर और बेलरायां रेंज के सीमावर्ती गांवों में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। दक्षिण सोनारीपुर रेंज के बुद्धापुरवा और इटैया के प्राथमिक विद्यालयों में मोटिवेटर धनीराम के नेतृत्व में संवाद कार्यक्रम हुआ, जिसमें स्कूली बच्चों, शिक्षकों और ग्रामीणों को वन्यजीवों के व्यवहार और उनसे बचाव के उपाय बताए गए।
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बेलरायां रेंज के पचपेड़ा और रिछिया गांवों में भी ग्रामीणों के साथ बैठक कर जागरूकता अभियान चलाया गया। मोटिवेटर नाजरुन निशा ने ग्राम प्रधान के आवास पर आयोजित बैठक में ग्रामीणों को वन्यजीवों के क्षेत्र में आने पर घबराने के बजाय सावधानी बरतने की सलाह दी। इस दौरान वन दरोगा शरीफ अहमद और वन रक्षक विकास तिवारी ने भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
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दुधवा टाइगर रिजर्व में बाघों और हाथियों की बढ़ती संख्या के साथ गैंडा पुनर्वास योजना भी सफलता की ओर बढ़ रही है। वर्तमान में रिजर्व में करीब 52 गैंडे मौजूद हैं। इनमें से चार गैंडों को पिछले वित्तीय वर्ष में खुले जंगल में स्वच्छंद विचरण के लिए छोड़ा जा चुका है, जबकि छह अन्य गैंडों को भी जल्द मुक्त करने पर विचार किया जा रहा है।
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इसी को ध्यान में रखते हुए दक्षिण सोनारीपुर और बेलरायां रेंज के सीमावर्ती गांवों में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। दक्षिण सोनारीपुर रेंज के बुद्धापुरवा और इटैया के प्राथमिक विद्यालयों में मोटिवेटर धनीराम के नेतृत्व में संवाद कार्यक्रम हुआ, जिसमें स्कूली बच्चों, शिक्षकों और ग्रामीणों को वन्यजीवों के व्यवहार और उनसे बचाव के उपाय बताए गए।
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बेलरायां रेंज के पचपेड़ा और रिछिया गांवों में भी ग्रामीणों के साथ बैठक कर जागरूकता अभियान चलाया गया। मोटिवेटर नाजरुन निशा ने ग्राम प्रधान के आवास पर आयोजित बैठक में ग्रामीणों को वन्यजीवों के क्षेत्र में आने पर घबराने के बजाय सावधानी बरतने की सलाह दी। इस दौरान वन दरोगा शरीफ अहमद और वन रक्षक विकास तिवारी ने भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए।