फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   medical college

राजकीय मेडिकल कॉलेज निर्माण में आ रही एक और अड़चन समाप्त

Sun, 17 Jan 2021 06:02 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 17 Jan 2021 06:02 PM IST
विज्ञापन
medical college
लखीमपुर खीरी। देवकली रोड स्थित गांव सैदापुर भाऊ में प्रस्तावित राजकीय मेडिकल कॉलेज के निर्माण में आ रही एक और अड़चन खत्म हो गई है। देवस्थान के महंत/सरवराकार प्रेम गिरि महाराज के मेडिकल कॉलेज के नाम दर्ज की गई जमीन पर किए गए दावे को चकबंदी विभाग ने सुनवाई के बाद खारिज कर दिया है।
विज्ञापन

ग्राम पंचायत सैदापुर भाऊ में राजकीय मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए शासन से जून 2020 में बजट जारी होने के बाद से स्थान परिवर्तन को लेकर नेताओं की नूरा-कुश्ती शुरू हो गई थी। बाद में भाजपा नेताओं का दांव विफल रहा, जिसके बाद देवस्थान सैदापुर भाऊ के महंत/सरवराकार प्रेम गिरि महाराज की ओर से 26 अगस्त 2020 को मेडिकल कॉलेज के नाम दर्ज हो चुकी जमीन पर देवस्थान का दावा करते हुए वाद दायर किया था। महंत ने ग्राम प्रधान सैदापुर भाऊ और डीएम को पार्टी बनाते हुए बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी द्वारा 28 सितंबर 2019 को जारी आदेश को चुनौती दी थी। महंत ने बताया था कि सैदापुर भाऊ का देवस्थान संगत श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा बड़ा हनुमान घाट जिला वाराणसी की देखरेख में है। विवादित भूमि गाटा संख्या 754 क्षेत्रफल 7.248 हेक्टेयर (करीब 26 एकड़), गाटा संख्या 755 और गाटा संख्या 756 को देवस्थान के नाम दर्ज होना बताया गया। बताते चलें कि इसी विवादित गाटा संख्या 754 में 16 एकड़ जमीन पर मेडिकल कॉलेज बनना है, लिहाजा मामले में न्यायालय उप संचालक चकबंदी ने त्वरित सुनवाई शुरू की। पहले तो महंत की ओर से 11 माह विलंब से वाद दायर करने पर उत्तरदाता की ओर से शासकीय अधिवक्ता ने वाद को निरस्त करने की मांग की गई। इसके बाद न्यायालय ने मामले की सुनवाई और जांच में पाया कि तत्कालीन सहायक चकबंदी अधिकारी द्वारा 15 फरवरी 1967 में पुरानी गाटा संख्या 1522 रकबा 20.66 एकड़ (नया गाटा संख्या 754) को जंगल झाड़ी का आदेश किया गया। इसके बाद जोत चकबंदी आकार पत्र 11 में फर्जी तरीके से जंगल झाड़ी की जमीन देवस्थान के नाम अंकित करा दी गई। जबकि सहायक चकबंदी अधिकारी को जमीन की श्रेणी परिवर्तन का अधिकार प्राप्त नहीं है। लिहाजा न्यायालय ने 1967 के आदेश को फर्जी करार दे दिया, जिससे महंत का दावा खारिज हो गया। यहां बता दें ग्राम प्रधान रामदयाल गुप्ता ने गाटा संख्या 754 की 26 एकड़ जमीन को पहले ग्राम सभा के नाम कराया था, जिसमें से 16 एकड़ जमीन राजकीय मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए दान में दे दी थी।
विज्ञापन

-
सैदापुर गांव में मेडिकल कॉलेज के निर्माण को रोकने के लिए अब भी कुछ लोग प्रयास कर रहे हैं और इसे दूसरी जगह ले जाना चाहते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ गांव की जनता एकजुट है और मेडिकल कॉलेज के निर्माण होने तक लड़ाई जारी रखेंगे। न्यायालय ने उचित निर्णय सुनाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

-रामदयाल गुप्ता, निवर्तमान प्रधान, सैदापुर भाऊ
-
मेडिकल कॉलेज के निर्माण में जो लोग बाधा डाल रहे थे, उनके प्रयास विफल हुए हैं। गांव सैदापुर में मेडिकल कॉलेज जल्द बनना चाहिए, जिससे लोगों की आशंकाएं दूर हों।

-यासीन मोहम्मद, प्रधान, सैदापुर देवकली
-
महंत ने गाटा संख्या 754 पर अपना दावा जताया था, जो पहले नवीन परती की भूमि बंजर खाते में दर्ज थी। तत्कालीन सहायक चकबंदी अधिकारी ने 1967 में जमीन की श्रेणी को बदलकर देवस्थान के नाम दर्ज करा दिया था, जो नियम विरुद्ध पाया गया। इससे महंत की ओर से दायर वाद को निरस्त कर दिया गया है।
-ब्रजेश कुमार शुक्ला, उप संचालक चकबंदी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed