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धर्मांतरण मामले का मुख्य आरोपी मौलाना अब भी गिरफ्त से दूर
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प्रतीकात्मक
पुलिस का दावा, तलाशा जा रहा है आरोपी मौलाना यूनुस
मोहम्मदी। धर्मांतरण के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, लेकिन मुख्य आरोपी मौलाना यूनुस अब भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। पुलिस का दावा है कि वह उसकी जोरशोर से तलाश कर रहे हैं।
क्षेत्र के गरवापुर निवासी अनुसूचित जाति के अनुज के पिता दामोदर से पुलिस रविवार को भी पूछताछ करती रही। वहीं अनुज शाम को पुलिस के साथ घर पहुंचा। बताते हैं कि मुक्त कराए जाने के बाद अनुज मानसिक रूप से परेशान है।
इंस्पेक्टर राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि पीड़ित अनुज को घर भेज दिया गया है। उसकी सुरक्षा व्यवस्था पर भी ध्यान रखा जा रहा है, जबकि मौलाना यूनुस की तलाश जारी है।
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आखिर कहां से हुई दोनों में दोस्ती
गरवां गांव मोहम्मदी से लगा हुआ है। गरीबी और बेरोजगारी के कारण सरैया के दो युवकों से मेलजोल हो गया और काम दिलाने के बहाने वह अनुज को बरबर के भट्टे पर ले गए और पथाई के काम में लगा दिया। इन भट्टों पर बाहर के लोग भी काम करने के लिए आते हैं। वह सब धीरे-धीरे अनुज के दोस्त बनकर अपने मकसद में कामयाब होने लगे। बाद में दोनों अनुज को अच्छे पैसा पैदा कराने का लालच देकर उसे दिल्ली ले गए और वहां पर काम कराने के बहाने से इधर-उधर रोका और अपने मन का खाना खिलाते रहे। अधिकतर अपने ही धर्म की उससे बातें करते थे। कुछ दिन रहने के बाद उसे मोहम्मदी मदरसे में बंधक बनाकर रखने लगे। संवाद
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मोहम्मदी। धर्मांतरण के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, लेकिन मुख्य आरोपी मौलाना यूनुस अब भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। पुलिस का दावा है कि वह उसकी जोरशोर से तलाश कर रहे हैं।
क्षेत्र के गरवापुर निवासी अनुसूचित जाति के अनुज के पिता दामोदर से पुलिस रविवार को भी पूछताछ करती रही। वहीं अनुज शाम को पुलिस के साथ घर पहुंचा। बताते हैं कि मुक्त कराए जाने के बाद अनुज मानसिक रूप से परेशान है।
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इंस्पेक्टर राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि पीड़ित अनुज को घर भेज दिया गया है। उसकी सुरक्षा व्यवस्था पर भी ध्यान रखा जा रहा है, जबकि मौलाना यूनुस की तलाश जारी है।
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आखिर कहां से हुई दोनों में दोस्ती
गरवां गांव मोहम्मदी से लगा हुआ है। गरीबी और बेरोजगारी के कारण सरैया के दो युवकों से मेलजोल हो गया और काम दिलाने के बहाने वह अनुज को बरबर के भट्टे पर ले गए और पथाई के काम में लगा दिया। इन भट्टों पर बाहर के लोग भी काम करने के लिए आते हैं। वह सब धीरे-धीरे अनुज के दोस्त बनकर अपने मकसद में कामयाब होने लगे। बाद में दोनों अनुज को अच्छे पैसा पैदा कराने का लालच देकर उसे दिल्ली ले गए और वहां पर काम कराने के बहाने से इधर-उधर रोका और अपने मन का खाना खिलाते रहे। अधिकतर अपने ही धर्म की उससे बातें करते थे। कुछ दिन रहने के बाद उसे मोहम्मदी मदरसे में बंधक बनाकर रखने लगे। संवाद