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174 गांवों के मानचित्र त्रुटि पूर्ण मिले
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आबादी सर्वेक्षण : ड्रोन टीमों की कमी से भी पिछड़ रहा सर्वे कार्य
मेन...
174 गांवों के मानचित्र त्रुटि पूर्ण मिले
- लोगों को स्वामित्व कार्ड मिलने में हो रही देरी
संवाद न्यूज एजेंसी
लखीमपुर खीरी। स्वामित्व योजना के अंतर्गत ड्रोन कैमरे से गांवों की आबादी का सर्वेक्षण करने का काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। अब तक हुए सर्वेक्षण में सर्वे ऑफ इंडिया से प्राप्त 1023 में से 174 गांवों के मानचित्र त्रुटिपूर्ण मिले हैं। सही पाए गए 849 गांवों के मानचित्र की जांच पड़ताल के बाद 819 गांवों का डाटा लॉक किया गया है। सर्वे में देरी होने से लोगों को स्वामित्व कार्ड (घरौनी) नहीं मिल पा रहे हैं।
जनपद के 1585 गांवों में आबादी का सर्वेक्षण कराकर लोगों के स्वामित्व कार्ड बनाए जाने हैं। इस कार्ड के आधार पर लोगों को अपने घरों पर मालिकाना हक मिल पाएगा। इसके अलावा भी लोगों को स्वामित्व कार्ड के द्वारा बैंक से लोन प्राप्त करने में आसानी हो सकेगी और अवैध कब्जेदारी के मामलों में कमी आएगी। बताते चलें कि ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी का इससे पहले सर्वे नहीं हुआ था और न ही मानचित्र बनाए गए थे, जिससे लोगों केे पास अपने मकान के कागज भी नहीं हैं। इसलिए केंद्र सरकार की यह योजना गांवों के लोगों के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, लेकिन अधिकारियों की सुस्ती से लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। करीब दो साल से आबादी का ड्रोन से सर्वे कराया जा रहा है, लेकिन अब तक 1327 गांवों का ड्रोन से सर्वे हो पाया है, जिसमें से 1023 गांवों के मानचित्र सर्वे ऑफ इंडिया से प्राप्त हुए हैं। इनमें से 849 गांव का मानचित्र सही पाया गया है, जबकि शेष 174 गांवों के मानचित्र में त्रुटियां मिली हैं। सही पाए गए 849 गांवों के मानचित्र की जांच पड़ताल के बाद 819 गांवों का डाटा लॉक किया गया है, जबकि मात्र 77000 स्वामित्व कार्ड बनाए गए हैं, जिन्हें लोगों में वितरित कर दिए जाने का दावा विभागीय अधिकारी कर रहे हैं।
वर्तमान में कराए जा रहे सर्वेक्षण कार्य में दो ड्रोन टीमें लगी हैं, जो इस समय मोहम्मदी और मितौली तहसील में कार्य कर रहे हैं, जबकि कम से कम चार ड्रोन टीमों की आवश्यकता जताते हुए जिला प्रशासन ने दो माह पहले राजस्व परिषद से टीमें बढ़ाने की मांग की थी। अब तक ड्रोन टीमें बढ़ाई नहीं गई हैं, जिससे आबादी के सर्वेक्षण कार्य में गति नहीं आ पा रही है और न ही स्वामित्व कार्ड बनाने का काम आगे बढ़ पा रहा है।
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गांवों में आबादी का सर्वेक्षण करने के लिए दो ड्रोन टीमें कार्य कर रही हैं। सात तहसीलों में कुल 1585 गांवों का सर्वे किया जाना है, जिसमें से अब तक 1327 गांवों का सर्वे हो चुका है। जिन गांवों के मानचित्र में गड़बड़ी मिली है, उनमें दोबारा सर्वे कराया जाएगा। ड्रोन टीमों की संख्या बढ़ाने की मांग शासन से की गई है, लेकिन अभी टीमें बढ़ नहीं पाई हैं। स्वामित्व कार्ड बनाने में तेजी लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
- संजय कुमार सिंह, एडीएम
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आबादी सर्वेक्षण : ड्रोन टीमों की कमी से भी पिछड़ रहा सर्वे कार्य
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174 गांवों के मानचित्र त्रुटि पूर्ण मिले
- लोगों को स्वामित्व कार्ड मिलने में हो रही देरी
संवाद न्यूज एजेंसी
लखीमपुर खीरी। स्वामित्व योजना के अंतर्गत ड्रोन कैमरे से गांवों की आबादी का सर्वेक्षण करने का काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। अब तक हुए सर्वेक्षण में सर्वे ऑफ इंडिया से प्राप्त 1023 में से 174 गांवों के मानचित्र त्रुटिपूर्ण मिले हैं। सही पाए गए 849 गांवों के मानचित्र की जांच पड़ताल के बाद 819 गांवों का डाटा लॉक किया गया है। सर्वे में देरी होने से लोगों को स्वामित्व कार्ड (घरौनी) नहीं मिल पा रहे हैं।
जनपद के 1585 गांवों में आबादी का सर्वेक्षण कराकर लोगों के स्वामित्व कार्ड बनाए जाने हैं। इस कार्ड के आधार पर लोगों को अपने घरों पर मालिकाना हक मिल पाएगा। इसके अलावा भी लोगों को स्वामित्व कार्ड के द्वारा बैंक से लोन प्राप्त करने में आसानी हो सकेगी और अवैध कब्जेदारी के मामलों में कमी आएगी। बताते चलें कि ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी का इससे पहले सर्वे नहीं हुआ था और न ही मानचित्र बनाए गए थे, जिससे लोगों केे पास अपने मकान के कागज भी नहीं हैं। इसलिए केंद्र सरकार की यह योजना गांवों के लोगों के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, लेकिन अधिकारियों की सुस्ती से लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। करीब दो साल से आबादी का ड्रोन से सर्वे कराया जा रहा है, लेकिन अब तक 1327 गांवों का ड्रोन से सर्वे हो पाया है, जिसमें से 1023 गांवों के मानचित्र सर्वे ऑफ इंडिया से प्राप्त हुए हैं। इनमें से 849 गांव का मानचित्र सही पाया गया है, जबकि शेष 174 गांवों के मानचित्र में त्रुटियां मिली हैं। सही पाए गए 849 गांवों के मानचित्र की जांच पड़ताल के बाद 819 गांवों का डाटा लॉक किया गया है, जबकि मात्र 77000 स्वामित्व कार्ड बनाए गए हैं, जिन्हें लोगों में वितरित कर दिए जाने का दावा विभागीय अधिकारी कर रहे हैं।
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वर्तमान में कराए जा रहे सर्वेक्षण कार्य में दो ड्रोन टीमें लगी हैं, जो इस समय मोहम्मदी और मितौली तहसील में कार्य कर रहे हैं, जबकि कम से कम चार ड्रोन टीमों की आवश्यकता जताते हुए जिला प्रशासन ने दो माह पहले राजस्व परिषद से टीमें बढ़ाने की मांग की थी। अब तक ड्रोन टीमें बढ़ाई नहीं गई हैं, जिससे आबादी के सर्वेक्षण कार्य में गति नहीं आ पा रही है और न ही स्वामित्व कार्ड बनाने का काम आगे बढ़ पा रहा है।
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गांवों में आबादी का सर्वेक्षण करने के लिए दो ड्रोन टीमें कार्य कर रही हैं। सात तहसीलों में कुल 1585 गांवों का सर्वे किया जाना है, जिसमें से अब तक 1327 गांवों का सर्वे हो चुका है। जिन गांवों के मानचित्र में गड़बड़ी मिली है, उनमें दोबारा सर्वे कराया जाएगा। ड्रोन टीमों की संख्या बढ़ाने की मांग शासन से की गई है, लेकिन अभी टीमें बढ़ नहीं पाई हैं। स्वामित्व कार्ड बनाने में तेजी लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
- संजय कुमार सिंह, एडीएम