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कई दिनों से बैंक का लगा रहे थे चक्कर, जान चली गई
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Mon, 19 Dec 2016 11:13 PM IST
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बुजुर्ग की माौत
- फोटो : अमर उजाला
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पैकरमा यादव मध्यम वर्गीय किसान थे। परिवार के मुताबिक खेती और घर का खर्च चलाने के लिए पैसे नहीं थे। खाते मे जमा रुपये निकालने के लिए वह कई बार बैंक गए। शनिवार को कैश नहीं मिला। सोमवार को भीड़ की परवाह किए बगैर वह लाइन में लग गए। ठंड मेें सात घंटा उन पर भारी पड़ गया।
मृतक पैकरमा यादव धौरहरा क्षेत्र के गांव कफारा का रहने वाला था। वह पिछले कई वर्षों से ओदारा गांव स्थित अपनी ससुराल में पत्नी रामपती के साथ रहकर जीवन यापन कर रहा था। दो पुत्रियों की शादी हो चुकी है, जबकि विवाहित पुत्र परिवार समेत कफारा में ही रहता है। मौत की खबर पर बिलखते हुए पत्नी रामपती ने कहा बैंक से रुपये तो नहीं मिले पर पति की मौत की सूचना मिली। हालांकि परिवार वाले यह नहीं बता पाए कि उन्हे कितने रुपये की आवश्यकता थी और खाते में कितने रुपये थे।
शाखा प्रबंधक अभिषेक वर्मा ने बताया कि बुजुर्ग पैकरमा यादव बैंक के अंदर तक नहीं आ सका था। भीड़ ने शटर बाहर से बंद कर दिया था, इसलिए वह बाहर भी नहीं निकल पाए। इस वजह से उन्हें बुजुर्ग को कितने रुपये की जरूरत है, इसकी जानकारी नहीं है। शव के अंतिम संस्कार में यदि परिवार वालों को कोई आर्थिक दिक्कत आती है तो वह मदद करेंगे।
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मृतक पैकरमा यादव धौरहरा क्षेत्र के गांव कफारा का रहने वाला था। वह पिछले कई वर्षों से ओदारा गांव स्थित अपनी ससुराल में पत्नी रामपती के साथ रहकर जीवन यापन कर रहा था। दो पुत्रियों की शादी हो चुकी है, जबकि विवाहित पुत्र परिवार समेत कफारा में ही रहता है। मौत की खबर पर बिलखते हुए पत्नी रामपती ने कहा बैंक से रुपये तो नहीं मिले पर पति की मौत की सूचना मिली। हालांकि परिवार वाले यह नहीं बता पाए कि उन्हे कितने रुपये की आवश्यकता थी और खाते में कितने रुपये थे।
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शाखा प्रबंधक अभिषेक वर्मा ने बताया कि बुजुर्ग पैकरमा यादव बैंक के अंदर तक नहीं आ सका था। भीड़ ने शटर बाहर से बंद कर दिया था, इसलिए वह बाहर भी नहीं निकल पाए। इस वजह से उन्हें बुजुर्ग को कितने रुपये की जरूरत है, इसकी जानकारी नहीं है। शव के अंतिम संस्कार में यदि परिवार वालों को कोई आर्थिक दिक्कत आती है तो वह मदद करेंगे।
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