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मानवाधिकारों के संरक्षण की शपथ ली
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लखीमपुर आर्यकन्या डिग्री कॉलेज में विश्व मानवाधिकार दिवस पर गोष्ठी में विचार रखतीं शिक्षिका। स?
- फोटो : LAKHIMPUR
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लखीमपुर खीरी। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर युवराजदत्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना की टैगोर इकाई ने मानवाधिकार शपथ कार्यक्रम आयोजित किया। प्राचार्य डॉ. डीएन मालपानी ने शिक्षकों, कर्मचारियों, एनएसएस स्वयंसेवकों और बीएड प्रशिक्षुओं को भारतीय संविधान एवं अंतरराष्ट्रीय अनुबंधों के तहत भारत में मानवाधिकारों के विकास एवं संरक्षण की शपथ दिलाई।
प्राचार्य ने विद्यार्थियों से कहा कि हम सब को मानवाधिकारों के विकास एवं रक्षा के लिए तत्पर रहना चाहिए। एनएसएस प्रभारी एवं एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सुभाष चंद्रा ने कहा कि देश के सभी नागरिकों को अपने मूल अधिकारों एवं कर्तव्य की जानकारी होनी चाहिए। कोविड-19 को देखते हुए वर्तमान परिस्थितियों में दुनिया के सभी समाज के लोगों के मौलिक अधिकार एवं कर्तव्यों के क्रियान्वयन में आमूलचूल परिवर्तन आए हैं और सामान्य जीवन प्रभावित हुआ है। ऐसी विषम परिस्थितियों में मानव अधिकारों की रक्षा एवं विकास के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ की ओर से घोषित बेहतर मानवाधिकारों के लिए फिर से एकजुट होकर खड़े होने की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. डीके सिंह ने भारतीय संविधान में वर्णित अधिकार एवं कर्तव्य के प्रति सामंजस्य स्थापित करने के लिए विद्यार्थियों को जागरूक किया। इसी क्रम में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. विशाल द्विवेदी ने कहा कि विद्यार्थी मानवाधिकारों के प्रति सजग एवं जिम्मेदार बनें। डॉ. नूतन सिंह, डॉ. ज्योति पंत, डॉ. सत्यनाम ने भी विचार रखे। डॉ. आरपीएस तोमर, डॉ. अजय कुमार आगा, ब्रजेश शुक्ला, मोहम्मद आमिर आदि रहे।
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छात्राओं को मानवाधिकारों की उपयोगिता बताई
लखीमपुर खीरी। विश्व मानवाधिकार दिवस पर गुरुवार को भगवानदीन आर्यकन्या महाविद्यालय में गोष्ठी हुई। मां सरस्वती वंदना से कार्यक्रम की शुरुआत की।
प्राचार्य डॉ. सुरचना त्रिवेदी ने मानवाधिकार के महत्व को बताते हुए छात्राओं को उपयोगिता बताई। राजनीति विज्ञान विभाग की प्रवक्ता सविता साहू ने मानवाधिकार के दार्शनिक परिप्रेक्ष्य को उजागर करते हुए छात्राओं में सकारात्मक भावना का संचार किया। प्रश्न मंच में सही जवाब देने वाली छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। इस मौके पर राजनीति विज्ञान विभाग की छात्राएं और शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं। संचालन राजनीति विज्ञान विभाग की प्रवक्ता विमलेश ने किया।
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उधर, भीमराव आंबेडकर इंटर कॉलेज में हुई गोष्ठी में छात्राओं को प्राचीन कुप्रथाएं जैसे बाल विवाह, सती प्रथा, दहेज प्रथा, भ्रूण हत्या आदि के बारे में जानकारी दी। इनकी रोकथाम को लेकर बनाए गए अधिनियमों के बारे में भी बताया गया। बालिकाओं को सही व गलत स्पर्श एवं पॉक्सो एक्ट के बारे में भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम में चाइल्डलाइन सदस्य संतोष, विभा, प्रियंका, रजनी आदि रहे। संवाद
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प्राचार्य ने विद्यार्थियों से कहा कि हम सब को मानवाधिकारों के विकास एवं रक्षा के लिए तत्पर रहना चाहिए। एनएसएस प्रभारी एवं एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सुभाष चंद्रा ने कहा कि देश के सभी नागरिकों को अपने मूल अधिकारों एवं कर्तव्य की जानकारी होनी चाहिए। कोविड-19 को देखते हुए वर्तमान परिस्थितियों में दुनिया के सभी समाज के लोगों के मौलिक अधिकार एवं कर्तव्यों के क्रियान्वयन में आमूलचूल परिवर्तन आए हैं और सामान्य जीवन प्रभावित हुआ है। ऐसी विषम परिस्थितियों में मानव अधिकारों की रक्षा एवं विकास के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ की ओर से घोषित बेहतर मानवाधिकारों के लिए फिर से एकजुट होकर खड़े होने की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. डीके सिंह ने भारतीय संविधान में वर्णित अधिकार एवं कर्तव्य के प्रति सामंजस्य स्थापित करने के लिए विद्यार्थियों को जागरूक किया। इसी क्रम में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. विशाल द्विवेदी ने कहा कि विद्यार्थी मानवाधिकारों के प्रति सजग एवं जिम्मेदार बनें। डॉ. नूतन सिंह, डॉ. ज्योति पंत, डॉ. सत्यनाम ने भी विचार रखे। डॉ. आरपीएस तोमर, डॉ. अजय कुमार आगा, ब्रजेश शुक्ला, मोहम्मद आमिर आदि रहे।
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छात्राओं को मानवाधिकारों की उपयोगिता बताई
लखीमपुर खीरी। विश्व मानवाधिकार दिवस पर गुरुवार को भगवानदीन आर्यकन्या महाविद्यालय में गोष्ठी हुई। मां सरस्वती वंदना से कार्यक्रम की शुरुआत की।
प्राचार्य डॉ. सुरचना त्रिवेदी ने मानवाधिकार के महत्व को बताते हुए छात्राओं को उपयोगिता बताई। राजनीति विज्ञान विभाग की प्रवक्ता सविता साहू ने मानवाधिकार के दार्शनिक परिप्रेक्ष्य को उजागर करते हुए छात्राओं में सकारात्मक भावना का संचार किया। प्रश्न मंच में सही जवाब देने वाली छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। इस मौके पर राजनीति विज्ञान विभाग की छात्राएं और शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं। संचालन राजनीति विज्ञान विभाग की प्रवक्ता विमलेश ने किया।
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उधर, भीमराव आंबेडकर इंटर कॉलेज में हुई गोष्ठी में छात्राओं को प्राचीन कुप्रथाएं जैसे बाल विवाह, सती प्रथा, दहेज प्रथा, भ्रूण हत्या आदि के बारे में जानकारी दी। इनकी रोकथाम को लेकर बनाए गए अधिनियमों के बारे में भी बताया गया। बालिकाओं को सही व गलत स्पर्श एवं पॉक्सो एक्ट के बारे में भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम में चाइल्डलाइन सदस्य संतोष, विभा, प्रियंका, रजनी आदि रहे। संवाद

भीमराव आंबेडकर इंटर कॉलेज में मानवाधिकार दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मौजूद शिक्षक और विद्यार्?- फोटो : LAKHIMPUR