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कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने में नाकाम एसपी पर गिरी गाज

Sat, 12 Sep 2020 02:41 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 12 Sep 2020 02:41 AM IST
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maintain law and order,sp transfer
लखीमपुर खीरी। जिले की बिगड़ती कानून व्यवस्था को सुधारने में नाकाम रहने पर एसपी सत्येंद्र कुमार पर अंतत: गाज गिर ही गई। वहीं तत्कालीन सीओ पलिया पर पूर्व विधायक निरवेंद्र कुमार मिश्रा की मौत के मामले में तलवार लटक रही है।
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गुरुवार की रात को आईपीएस स्थानांतरण सूची में एसपी सत्येंद्र कुमार का नाम भी शामिल था। उन्हें लखनऊ मेें पीएसी की 35 वाहिनी का सेनानायक बनाया गया है। वहीं सिद्धार्थनगर के एसपी विजय ढुल को लखीमपुर का एसपी बनाया गया है, जिनके आने के बाद देखना होगा कि वह किस तरह बेपटरी हुई कानून व्यवस्था को संभाल पाते हैं। पूर्व विधायक की मौत के मामले में सीओ के खिलाफ चल रही मुहिम का सामना भी नए एसपी को करना पड़ेगा।
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प्रदेश सरकार हर जिले में कानून व्यवस्था की समीक्षा कर रही है। कमी मिलते ही वह किसी अधिकारी को बख्शने के मूड में नहीं दिख रही। जिले में वैसे तो अपराधों की फेहरिस्त लंबी है, लेकिन पूर्व एसपी पूनम के जाते ही यहां आपराधिक घटनाओं की मानो बाढ़ आ गई है। 26 जुलाई 2020 को एसपी सत्येंद्र कुमार ने जिले का चार्ज संभाला था। अगले ही दिन से क्राइम का ग्राफ बढ़ना शुरू हो गया। 14 अगस्त को ईसानगर क्षेत्र में सामूहिक दुष्कर्म के बाद किशोरी की हत्या कर दी गई, जिसके बाद 24 अगस्त को थाना नीमगांव क्षेत्र में छात्रा की दुष्कर्म के बाद गला रेतकर हत्या कर दी गई तो तीन सितंबर को थाना सिंगाही क्षेत्र में तीन साल की मासूम की दुष्कर्म के बाद गला दबाकर हत्या कर दी गई। छह सितंबर को पलिया क्षेत्र में जमीन के विवाद में निघासन के पूर्व विधायक निरवेंद्र कुमार मिश्रा की मौत के बाद तो हंगामा ही मच गया। इसके अलावा एक अगस्त से अब तक 12 लोगों की हत्याएं हो चुकी हैं तो वहीं लूट, छिनैती और चोरी जैसी घटनाओं ने कानून व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है। खासकर महिला सुरक्षा के मामले में तो जिला पुलिस फिसड्डी साबित हुई है करीब डेढ़ महीने के कार्यकाल में ही एसपी सत्येंद्र कुमार के सामने कानून व्यवस्था तार-तार हो गई, जिससे सरकार का चाबुक एसपी सत्येंद्र कुमार पर चल गया। वहीं पूर्व विधायक की मौत के मामले में तत्कालीन सीओ पलिया पर अब भी तलवार लटक रही है।
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....तो सच साबित हुई कही बात! 26 जुलाई को एसपी सत्येंद्र कुमार ने जिले का चार्ज संभाला था। 27 जुलाई को पत्रकार वार्ता की थी। तब एसपी ने पत्रकारों से कहा था कि अपराध पर अंकुश लगाना उनकी पहली प्राथमिकता है। साथ ही जिले में तीन से चार महीने से ज्यादा न टिकने की बात भी कही थी, जिसकी सोशल मीडिया में काफी चर्चा रही।
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