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तो नशे की लत बना रही कैंसर का रोगी
लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 04 Feb 2015 05:57 PM IST
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जानलेवा बीमारियों में शुमार कैंसर रोगियों की तादाद जिले में भी कम नहीं है। जिले में कैंसर रोगियों के इलाज की सुविधा न होने के कारण लोगों को लखनऊ या कानपुर जाना पड़ता है। आमतौर पर नशाखोरी से कैंसर की आशंका ज्यादा रहती हैं। इसके अलावा अन्य कारणों से भी कैंसर होता है।
गेट-वे-ऑफ तराई में तंबाकू से कैंसर होने के मामले सबसे ज्यादा हैं। तंबाकू खाने वाले माउथ कैंसर के शिकार हो रहे हैं। जिले में कैंसर रोगियों के जांच या इलाज की सुविधा न होने से यहां कोई आंकड़े भी मौजूद नहीं है। स्वास्थ्य विभाग की माने तो प्रतिमाह औसतन पांच लोगों में कैंसर के लक्षण पाए जाते हैं। इसके अलावा सिगरेट और बीड़ी पीने वालों में छाती, मुंह, गले और मूत्राशय में कैंसर होने के मामले सामने आए हैं। वहीं महिलाओं में ब्रेस्ट और बच्चेदानी में कैंसर के मामले मिले हैं।
सीएमओ डॉ. वीएस चौहान ने बताया कि अगर कैंसर की जद में आने वालों रोगियों को समय रहते जानकारी हो जाती है, तो बेहतर इलाज से जान बचाई जा सकती है। जिले में कैंसर की जांच यूनिट खोलने का प्रस्ताव है, लेकिन तकनीकी कारणों के चलते अभी संभव नहीं हो पा रहा है।
तंबाकू छोड़ने के लिए कर रहे प्रेरित
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. वीबी राम ने बताया कि जागरूकता की कमी से भी लोगों को समय रहते कैंसर की जानकारी नहीं हो पाती है। लोगों को जागरूक करने के साथ ही तंबाकू छोड़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके लिए समय-समय पर कार्यशालाएं होती हैं।
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गेट-वे-ऑफ तराई में तंबाकू से कैंसर होने के मामले सबसे ज्यादा हैं। तंबाकू खाने वाले माउथ कैंसर के शिकार हो रहे हैं। जिले में कैंसर रोगियों के जांच या इलाज की सुविधा न होने से यहां कोई आंकड़े भी मौजूद नहीं है। स्वास्थ्य विभाग की माने तो प्रतिमाह औसतन पांच लोगों में कैंसर के लक्षण पाए जाते हैं। इसके अलावा सिगरेट और बीड़ी पीने वालों में छाती, मुंह, गले और मूत्राशय में कैंसर होने के मामले सामने आए हैं। वहीं महिलाओं में ब्रेस्ट और बच्चेदानी में कैंसर के मामले मिले हैं।
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सीएमओ डॉ. वीएस चौहान ने बताया कि अगर कैंसर की जद में आने वालों रोगियों को समय रहते जानकारी हो जाती है, तो बेहतर इलाज से जान बचाई जा सकती है। जिले में कैंसर की जांच यूनिट खोलने का प्रस्ताव है, लेकिन तकनीकी कारणों के चलते अभी संभव नहीं हो पा रहा है।
तंबाकू छोड़ने के लिए कर रहे प्रेरित
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. वीबी राम ने बताया कि जागरूकता की कमी से भी लोगों को समय रहते कैंसर की जानकारी नहीं हो पाती है। लोगों को जागरूक करने के साथ ही तंबाकू छोड़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके लिए समय-समय पर कार्यशालाएं होती हैं।
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