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दुधवा पार्क में पहली बार होगा एम स्ट्राइप्स इकोलॉजिकल एप सर्वे
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साइन सर्वे में शामिल प्रशिक्षु अफसर और वन कर्मी।
बाघ, तेंदुओं के साथ ही पहली बार हाथी, गैंडा समेत परभक्षी वन्यजीव भी गिने जाएंगे
साइन सर्वे फेज वन की दो दिवसीय कार्यशाला में प्रशिक्षकों ने प्रशिक्षुओं को दिया प्रशिक्षण
बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। दुधवा टाइगर रिजर्व में टाइगर एस्टीमेशन (बाघ अनुमान) फेज वन का कार्य शुरू हो चुका है। इसके लिए सोमवार से कतर्निया घाट वन्यजीव प्रभाग में 36 मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण कार्य शुरू हो गया। इसमें 18 जिलों के एसडीओ, रेंजर, डिप्टी रेंजर समेत फॉरेस्टर हिस्सा ले रहे हैं। इस बार यहां एम स्ट्राइप्स इकोलॉजिकल एप के जरिए पहली बार साइन सर्वे किया जा रहा है। इस साइन सर्वे में बाघ, तेंदुओं के साथ ही पहली बार हाथी, गैंडा समेत परभक्षी वन्यजीवों की भी गणना होगी।
दुधवा टाइगर रिजर्व के मुख्य वन संरक्षक / फील्ड निदेशक संजय पाठक ने सोमवार कतर्निया घाट वन्यजीव विहार में आयोजित टाइगर एस्टीमेशन के दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर फेज वन का शुभारंभ करते हुए मास्टर ट्रेनर्स को दुधवा समेत अन्य टाइगर रिजर्व में टाइगर एस्टीमेशन कार्य की बारीकियों से संबधित जानकारी दी गई। इस प्रशिक्षण शिविर में पीलीभीत टाइगर रिजर्व समेत बिजनौर, गोरखपुर, गोंडा, बहराइच, सुहागी बरूआ, शाहजहांपुर समेत 18 जिलों से आए 36 मास्टर ट्रेनर्स शामिल हुए।
शिविर में कतर्निया घाट के डीएफओ आकाश बधावन, आईएफएस अधिकारी विकास नायक, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी दबीर हसन, चंदन मिश्रा, रोहित रवी और नरेश ने प्रशिक्षुओं को साइन सर्वे की जानकारी दी। प्रशिक्षकों ने प्रशिक्षुओं को एम स्ट्राइप्स इकोलॉजिकल सर्वे समेत वनस्पतियों के सर्वेक्षण की तकनीकी जानकारी हासिल कराई गई। साथ ही परभक्षी वन्यजीव चिन्हों के साइन सर्वे पर बल दिया गया।
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साइन सर्वे फेज वन की दो दिवसीय कार्यशाला में प्रशिक्षकों ने प्रशिक्षुओं को दिया प्रशिक्षण
बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। दुधवा टाइगर रिजर्व में टाइगर एस्टीमेशन (बाघ अनुमान) फेज वन का कार्य शुरू हो चुका है। इसके लिए सोमवार से कतर्निया घाट वन्यजीव प्रभाग में 36 मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण कार्य शुरू हो गया। इसमें 18 जिलों के एसडीओ, रेंजर, डिप्टी रेंजर समेत फॉरेस्टर हिस्सा ले रहे हैं। इस बार यहां एम स्ट्राइप्स इकोलॉजिकल एप के जरिए पहली बार साइन सर्वे किया जा रहा है। इस साइन सर्वे में बाघ, तेंदुओं के साथ ही पहली बार हाथी, गैंडा समेत परभक्षी वन्यजीवों की भी गणना होगी।
दुधवा टाइगर रिजर्व के मुख्य वन संरक्षक / फील्ड निदेशक संजय पाठक ने सोमवार कतर्निया घाट वन्यजीव विहार में आयोजित टाइगर एस्टीमेशन के दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर फेज वन का शुभारंभ करते हुए मास्टर ट्रेनर्स को दुधवा समेत अन्य टाइगर रिजर्व में टाइगर एस्टीमेशन कार्य की बारीकियों से संबधित जानकारी दी गई। इस प्रशिक्षण शिविर में पीलीभीत टाइगर रिजर्व समेत बिजनौर, गोरखपुर, गोंडा, बहराइच, सुहागी बरूआ, शाहजहांपुर समेत 18 जिलों से आए 36 मास्टर ट्रेनर्स शामिल हुए।
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शिविर में कतर्निया घाट के डीएफओ आकाश बधावन, आईएफएस अधिकारी विकास नायक, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी दबीर हसन, चंदन मिश्रा, रोहित रवी और नरेश ने प्रशिक्षुओं को साइन सर्वे की जानकारी दी। प्रशिक्षकों ने प्रशिक्षुओं को एम स्ट्राइप्स इकोलॉजिकल सर्वे समेत वनस्पतियों के सर्वेक्षण की तकनीकी जानकारी हासिल कराई गई। साथ ही परभक्षी वन्यजीव चिन्हों के साइन सर्वे पर बल दिया गया।
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