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झोपड़ी देख डीएम ने पूछा, क्यों नहीं बने इनके आवास?
लखीमपुरखीरी
Updated Tue, 23 May 2017 12:04 AM IST
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मुआयना
- फोटो : अमर उजाला ब्यूूूरेेा
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परसेहरा बुजुर्ग गांव में दीवार गिरने से हुई घटना देखने पहुंचे डीएम
ग्राम प्रधान को लगाई फटकार, सरकारी सुविधाएं दिलावाने को कहा
थाना फरधान के परसेहरा बुजुर्ग गांव में दीवार गिरने से हुई घटना से जहां मृतकों के परिवार वालों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। वहीं हादसे के बाद जिला प्रशासन की आंखें भी खुल गई हैं। गांव पहुंचे डीएम तीनों पीड़ितों के झोपड़ीनुमा घरों को देख दंग रह गए। उन्होंने ग्राम प्रधान को फटकार लगाते हुए पूछा कि आखिर अब तक इनके आवास क्यों नहीं बन सके?
जिला प्रशासन हर साल गरीब परिवारों को आवास आदि की सुविधा देने के लिए बार-बार सर्वे करवाता है। हर गांव मे कई लोगों को लाखों रुपये आवास बनवाने के लिए दिए जाते हैं, लेकिन सोमवार को जब डीएम आकाशदीप परसेहरा गांव में पीड़ितों के घर पहुंचे तो पीड़ितों के झोपड़ीनुमा बने दयनीय घरों को देख कर दंग रह गए। उन्होंने तत्काल ग्राम प्रधान और एसडीएम सदर को उन्हें सरकारी सुविधाएं दिलवाने की बात कही। साथ ही ग्राम प्रधान को फटकार लगाते हुए पूछा कि आखिर अब तक इन गरीबों के आवास क्यों नहीं बन पाए। सिमरन के पिता बरकत अली के पास एक बीघा जमीन है। पूरे परिवार का खर्च इन्हीं के जिम्मे है। इस मजदूरी के अलावा और कोई भी परिवार की रोजी रोटी का जरिया नहीं है। ऐसे में आवास बनवाना इनके बस में कहां। किसी तरह से परिवार का खर्च ही मुश्किल से चल पाता है, लेकिन इनका दुर्भाग्य यह है कि शासन से मिलने वाला आवास इनको नहीं मिल सका है। यही हाल शबीना के पिता जमशाद का भी है। इनके पास भी एक बीघा ही जमीन है और पूरे परिवार का खर्च मजदूरी पर ही आधारित है। मोहर्रम अली के पिता आमीन पर भी पूरे परिवार का जिम्मा है और खेती एक बीघा से भी कम है। इन लोगों को अभी तक आवास तक नहीं मिल सके हैं। डीएम आकाशदीप ने तत्काल सरकारी सहायता दिलवाने की बात कही है।
ग्राम प्रधान को लगाई फटकार, सरकारी सुविधाएं दिलावाने को कहा
थाना फरधान के परसेहरा बुजुर्ग गांव में दीवार गिरने से हुई घटना से जहां मृतकों के परिवार वालों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। वहीं हादसे के बाद जिला प्रशासन की आंखें भी खुल गई हैं। गांव पहुंचे डीएम तीनों पीड़ितों के झोपड़ीनुमा घरों को देख दंग रह गए। उन्होंने ग्राम प्रधान को फटकार लगाते हुए पूछा कि आखिर अब तक इनके आवास क्यों नहीं बन सके?
जिला प्रशासन हर साल गरीब परिवारों को आवास आदि की सुविधा देने के लिए बार-बार सर्वे करवाता है। हर गांव मे कई लोगों को लाखों रुपये आवास बनवाने के लिए दिए जाते हैं, लेकिन सोमवार को जब डीएम आकाशदीप परसेहरा गांव में पीड़ितों के घर पहुंचे तो पीड़ितों के झोपड़ीनुमा बने दयनीय घरों को देख कर दंग रह गए। उन्होंने तत्काल ग्राम प्रधान और एसडीएम सदर को उन्हें सरकारी सुविधाएं दिलवाने की बात कही। साथ ही ग्राम प्रधान को फटकार लगाते हुए पूछा कि आखिर अब तक इन गरीबों के आवास क्यों नहीं बन पाए। सिमरन के पिता बरकत अली के पास एक बीघा जमीन है। पूरे परिवार का खर्च इन्हीं के जिम्मे है। इस मजदूरी के अलावा और कोई भी परिवार की रोजी रोटी का जरिया नहीं है। ऐसे में आवास बनवाना इनके बस में कहां। किसी तरह से परिवार का खर्च ही मुश्किल से चल पाता है, लेकिन इनका दुर्भाग्य यह है कि शासन से मिलने वाला आवास इनको नहीं मिल सका है। यही हाल शबीना के पिता जमशाद का भी है। इनके पास भी एक बीघा ही जमीन है और पूरे परिवार का खर्च मजदूरी पर ही आधारित है। मोहर्रम अली के पिता आमीन पर भी पूरे परिवार का जिम्मा है और खेती एक बीघा से भी कम है। इन लोगों को अभी तक आवास तक नहीं मिल सके हैं। डीएम आकाशदीप ने तत्काल सरकारी सहायता दिलवाने की बात कही है।
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