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गोवा के लोकोत्सव में आकर्षण का केंद्र बना थारू स्टाल
लखीमपुर खीरी
Updated Sat, 09 Jan 2016 09:59 PM IST
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गोवा के लोकोत्सव में थारू स्टाल आकर्षण का केंद्र रहा। डीएम किंजल सिंह की मौजूदगी में गोवा के मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पर्सेकर ने थारू स्टाल का उद्घाटन और थारू कैलेंन्डर का लोकार्पण किया।
देश और दुनिया को थारू संस्कृति एवं थारू हस्तशिल्प से परिचित कराए जाने के उद्देश्य से यहां सजाया गया थारू द राइजिंग स्टाल आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है। लोकोत्सव के थारू स्टाल में सजाई गई उस डोली पर हर पर्यटक की निगाहें ठहर जाती हैं, जिसमें एक थारू दुल्हन बैठकर अपने पिया के घर जाती है। थारू शादी की परंपरा को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से लोकोत्सव 2016 में प्रदर्शित की गयी डोली को देखने भर से ही पर्यटक को तसल्ली नहीं हो रही बल्कि हर पर्यटक कम से कम एक बार इसमें बैठकर इस अनुभव को अपनी स्मृति में कैद कर लेना चाहता है।
थारू संस्कृति और हस्तशिल्प देखने उमड़े लोग
स्टाल में थारू संस्कृति और हस्तशिल्प को देखने और समझने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। थारू हस्तशिल्प के प्रति पर्यटकों के आकर्षण को देखते हुए यह बात बिल्कुल साफ है कि डीएम किंजल सिंह के प्रयासों से थारू जनजाति के विकास के मार्ग को प्रशस्त कर दिया है।
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गोवा के सीएम ने की डीएम की प्रशंसा
थारू जनजाति से अपने प्यार और एक महिला प्रशासनिक अधिकारी के प्रयासों की हौसला आफजाई करते हुए गोवा के मुख्यमंत्री ने डीएम किंजल सिंह की प्रशंसा की।
थारू कैलेंडर की भी हुई सराहना
गोवा के मुख्यमंत्री के हाथों थारू कैलेंडर का लोकार्पण किया गया। थारू लोगों की संस्कृति और प्रतिभा को दर्शाने वाले इस कैलेंडर की भी उन्होंने जमकर सराहना की।
डोली में बैठकर डीएम ने खिंचवाई फोटो
थारू स्टाल में आकर्षण का केंद्र बनी डोली देखकर डीएम किंजल सिंह खुद को नहीं रोक पाईं और उन्होंने इसमें बैठकर अपने कई फोटो खिंचवाए।
यह लगाए गए हैं स्टाल
हस्तशिल्प : दरी, कंबल, चटाई, टोपी, बैग, हाथ का पंखा, थारुओं के परंपरागत कपड़े घाघरा, चोली, ओढनी आदि।
थारू परिवेश : थारू हट, मछली के शिकार का जाल, अनाज रखने वाले मिट्टी के बरतन, चूल्हा, चारपाई, चटाई, अड़ुआ आदि।
फोटो कोलाज : थारूओं के परंपरागत कपड़े रख गए गए हैं, जिस पहनकर सैलानी फोटो खिंचवा रहे हैं। डोली भी फोटो कोलाज का हिस्सा बनी है।
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देश और दुनिया को थारू संस्कृति एवं थारू हस्तशिल्प से परिचित कराए जाने के उद्देश्य से यहां सजाया गया थारू द राइजिंग स्टाल आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है। लोकोत्सव के थारू स्टाल में सजाई गई उस डोली पर हर पर्यटक की निगाहें ठहर जाती हैं, जिसमें एक थारू दुल्हन बैठकर अपने पिया के घर जाती है। थारू शादी की परंपरा को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से लोकोत्सव 2016 में प्रदर्शित की गयी डोली को देखने भर से ही पर्यटक को तसल्ली नहीं हो रही बल्कि हर पर्यटक कम से कम एक बार इसमें बैठकर इस अनुभव को अपनी स्मृति में कैद कर लेना चाहता है।
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थारू संस्कृति और हस्तशिल्प देखने उमड़े लोग
स्टाल में थारू संस्कृति और हस्तशिल्प को देखने और समझने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। थारू हस्तशिल्प के प्रति पर्यटकों के आकर्षण को देखते हुए यह बात बिल्कुल साफ है कि डीएम किंजल सिंह के प्रयासों से थारू जनजाति के विकास के मार्ग को प्रशस्त कर दिया है।
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गोवा के सीएम ने की डीएम की प्रशंसा
थारू जनजाति से अपने प्यार और एक महिला प्रशासनिक अधिकारी के प्रयासों की हौसला आफजाई करते हुए गोवा के मुख्यमंत्री ने डीएम किंजल सिंह की प्रशंसा की।
थारू कैलेंडर की भी हुई सराहना
गोवा के मुख्यमंत्री के हाथों थारू कैलेंडर का लोकार्पण किया गया। थारू लोगों की संस्कृति और प्रतिभा को दर्शाने वाले इस कैलेंडर की भी उन्होंने जमकर सराहना की।
डोली में बैठकर डीएम ने खिंचवाई फोटो
थारू स्टाल में आकर्षण का केंद्र बनी डोली देखकर डीएम किंजल सिंह खुद को नहीं रोक पाईं और उन्होंने इसमें बैठकर अपने कई फोटो खिंचवाए।
यह लगाए गए हैं स्टाल
हस्तशिल्प : दरी, कंबल, चटाई, टोपी, बैग, हाथ का पंखा, थारुओं के परंपरागत कपड़े घाघरा, चोली, ओढनी आदि।
थारू परिवेश : थारू हट, मछली के शिकार का जाल, अनाज रखने वाले मिट्टी के बरतन, चूल्हा, चारपाई, चटाई, अड़ुआ आदि।
फोटो कोलाज : थारूओं के परंपरागत कपड़े रख गए गए हैं, जिस पहनकर सैलानी फोटो खिंचवा रहे हैं। डोली भी फोटो कोलाज का हिस्सा बनी है।