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पांच ब्लॉकों में टिड्डी दल ने किया हमला, सहमे किसान
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मझगईं क्षेत्र में टिड्डी का दल।
- फोटो : LAKHIMPUR
लखीमपुर खीरी। रमियाबेहड़ ब्लॉक से खदेड़े जाने के बाद टिड्डी दल ने निघासन और बिजुआ के गांवों में बुधवार की रात को ही फसलों पर धावा बोला, जिसके बाद गुरुवार को कई गुटों में बंटे टिड्डी दलों ने पांच ब्लॉकों बिजुआ, निघासन, रमियाबेहड़, पलिया और बांकेगंज के दर्जनों गांवों में फसलों और पेड़ पौधों पर हमला किया। बुधवार की शाम से किसानों के साथ सरकारी अमला टिड्डियों को मारने और भगाने के लिए प्रयास करता रहा। रात भर चले ऑपरेशन में दवा के छिड़काव से करीब 30 प्रतिशत टिड्डियां मारी गईं। शेष उड़कर पड़ोसी जनपदों की सीमा में कूच कर गई हैं।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी डॉ इंद्रेषु कुमार गौतम ने बताया है कि गुरुवार की शाम तक सभी टिड्डी दलों को जनपद की सीमा से बाहर खदेड़ दिया गया है। गुरुवार को पांच ब्लॉकों में टिड्डी दलों ने हमले किए और फसलों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन किसानों के साथ ही कृषि, गन्ना विभाग की टीमों ने शोर मचाकर टिड्डी दलों को खदेड़ दिया है। उन्होंने बताया कि एक टिड्डी दल बांकेगंज होते हुए शाहजहांपुर की सीमा में प्रवेश कर गया है। दूसरा दल निघासन से पलिया की हवाई पट्टी होते हुए पीलीभीत की ओर चला गया है। जबकि तीसरा टिड्डी दल किशनपुर सेंक्चुरी जंगल की ओर चला गया है। चौथा दल रमियाबेहड़ ब्लॉक से खदेड़े जाने के बाद बहराइच की सीमा में चला गया है। जिला कृषि अधिकारी सत्येंद्र प्रताप सिंह ने भी बुधवार की रात बिजुआ क्षेत्र में टिड्डी दल को मारने के लिए गठित टीमों का नेतृत्व किया। गुरुवार को डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह और एसपी पूनम ने भी पलिया क्षेत्र के गांव मझगई में टिड्डी दल के हमले से फसलों को हुए नुकसान का जायजा लिया है।
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कोरोना महामारी से परेशान किसानों पर टिड्डी दल का हमला
गुलरिया। गुरुवार सुबह टिड्डी दल की आमद गुलरिया से शुरू हुई, इसके बाद पहाड़पुर, पड़रिया तुला, गोंधिया, बेलवा, मलूकापुर, दरियाबाद, राधनपुरवा, रामदीनपुरवा, अंबरपुरवा, रड़ा देवरिया,चंद्रपुरा, सोनारीपुर, मूसेपुर, नब्बूपुरवा, पहाड़ापुर, पूर्वी मलूकापुर कला, रायपुर, चौखड़ा चौखड़िया, पिपरिया धनी, मालपुर, बेलहा सिकटिहा, हजूरपुरवा, करसौर, रूरा, सुल्तानपुर, मेहंदी, गुजारा, जोधपुर, दाउदपुर, जहानपुर, पकरिया, सल्लिहा, रामनगर आदि ग्रामों में इन्होंने हमला किया। लोगों ने माइक से प्रचार कर मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा से अलाउंस कर किसानों को आगाह किया। टिड्डी दल आने की जानकारी मिलते ही लोग अपने खेतों की तरफ दौड़ पड़े। किसान अपने खेतों में थाली, पीपा बजाकर शोर करके तथा क्लोरोपाइरीफास दवाई स्प्रे करके भगाने का प्रयास कर रहे हैं। एडीओ कृषि पवन कुमार ने बताया कि टिड्डी दल कई भागों में बंट गया है और ब्लॉक के कई गांवों में दिखाई दिया है।
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गोंधिया निवासी हरदीप सिंह ने बताया कि सुबह नौ बजे खेत से आकर खाना खाने की तैयारी कर रहे थे। तभी आसमान में टिड्डियों का दल उड़ता दिखाई दिया। खाना छोड़कर तुरंत खेत में पहुंचे, जहां पर धान की फसल लगी हुई है। खेत में लाखों टिड्डियां धान के पौधों पर बैठी हुई थीं। थाली, पिपिया बजाकर, शोर करके भगाया तब तक चौथाई फसल की पत्तियां खा चुकी थीं।
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रंपुरवा निवासी बलवीर सिंह ने बताया कि गन्ने के खेत में सहफसली फसल के रूप में उड़द बोई हुई हैं। उसमें पूर्ण रूप से फलियां लगी हैं। अचानक सुबह टिड्डियों के आ जाने से जब तक खेत में पहुंचे और धुआं करके तथा ढोल पीटकर टिड्डियों को भगाया तब तक आधी फसल चौपट हो चुकी थी।
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दो दिनों से क्षेत्र में टिड्डी दल होने से किसान परेशान
निघासन। दो दिनों में 11 गांवों में फसल चौपट कर चुकी टिड्डियों को भगाने के लिए कृषि विभाग के प्रयास बौने नजर आए। रमियाबेहड़ के बाद बुधवार शाम टिड्डी दल त्रिकौलिया, हरसिंगपुर, बनिगवां, पचपेंडी, अदलाबाद, झंडी और गुलरी में फसलों को चट कर गई। उसके बाद उनका दल बैलहा के जंगल की ओर चला गया। गुरुवार सुबह एक बार फिर दल ने हमला बोलते हुए खरवहिया, गंगादीन पुरवा, सिसैया, रकेहटी, प्रीतमपुरवा, कसवाल पुरवा और कस्बे के सिंगाही रोड पर नहर के पास करीब दो घंटे तक फसलों को नुकसान पहुंचाया। ब्लॉक के ऊपर टिड्डी दल मंडराता रहा। इसके चलते आवागमन बाधित हो गया, लेकिन कृषि विभाग का अधिकारी और कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंच पाया।
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टिड्डियों के आने से किसान और भी परेशान हो गया है। किसान टिड्डी के होने से खेतों में भूखा प्यासा हाथ में पीपा, बर्तन आदि लेकर बजाने के लिए बैठा है।
-बांके लाल चतुर्वेदी
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किसानों से जुड़ी समस्या होने के बाद भी प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। पूरे देश में टिड्डियों ने तहलका मचा रखा है। शासन और प्रशासन चाहता तो टिड्डियों को मारने या उनके भगाने का कोई इंतजाम कर लेता।
-श्यामू पटेल
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टड्डियों के हमले की जानकारी होते ही टीम को मौके पर भेजा गया। किसानों ने शोरगुल करके टिड्डियों को खदेड़ दिया। पैनी नजर रखी जा रही है।
-रामकिशुन शर्मा, एडीओ एजी
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पलिया इलाके में टिड्डी दल का हमला, किसान हुए परेशान
पलियाकलां। पलिया इलाके में गुरुवार को टिड्डी दल ने हमला बोल दिया। इससे किसानों में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में कई इलाकों में किसान अपने खेतों में पहुंचकर ढोल-नगाड़े, पटाखे और थाली बजाकर टिड्डी दल को खदेड़ने का प्रयास करने लगे। मकनपुर, बंशीनगर में दल दिखने के बाद यहां अफरातफरी मची रही। अपने-अपने खेतों में किसानों ने पहुंचकर ढोल-नगाड़ा, पटाखा व थाली बजाकर शोर किया, जिसके बाद टिड्डी दल को खदेड़ा जा सका। मकनपुर, बंशीनगर, बिलहिया फार्म, पटिहन, फरसहिया आदि में टिड्डी दल देखा गया है।
मझगईं। मझगईं के उत्तर पार्क जंगल किनारे बसे चैखड़ा फार्म, भगवंतनगर, गुलरा टांडा आदि गांवों में गुरुवार दोपहर बाद हजारों की संख्या में टिड्डियों का झुंड आ गया। जिसके बाद किसानों ने खेतों में जाकर उनको भगाया और अपनी फसलों को बर्बाद होने से बचाया। किसान साबी सिंह, सुखदेव सिंह, राधेश्याम, सियाराम, बाबू बंजारा आदि किसानों ने बताया कि अगर थोड़ी देर भी वह खेतों में देर से पहुंचते तो टिड्डी दल उनकी फसलों को बर्बाद कर देता।
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गुलरिया चीनी मिल के अधिकारी करते रहे सतर्क
बिजुआ। गुलरिया चीनी मिल के तरफ से पहले से ही लोगों को सूचित किया जा रहा था, गुरुवार को जैसे ही टिड्डी दल दिखा, गन्ना विभाग के कर्मचारी अपने अपने क्षेत्र में किसानों के साथ जागरूक करते नजर आए। वहीं चीनी मिल ने सायरन बजाकर आवाजें की।
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मस्जिद से हुआ एलान, मिलकर करें मुकाबला
बिजुआ। अमूमन मस्जिदों से अजान होती हैं, लेकिन जब गांव और इलाके के किसानों को टिड्डी दल से लड़ने के लिए जागरूक किया गया, तो सबने तारीफ की। सुबह नौ बजे टिड्डी दल नजर आने के बाद से गुलरिया गांव में पेश इमाम ने मस्जिद से एलान कर लोगों को सतर्क करना शुरू कर दिया। अचानक मस्जिद से हुए एलान से सभी धर्म के लोगों को वक्त पर टिड्डी आने की सूचना एक साथ मिल गई।
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जिला कृषि रक्षा अधिकारी डॉ इंद्रेषु कुमार गौतम ने बताया है कि गुरुवार की शाम तक सभी टिड्डी दलों को जनपद की सीमा से बाहर खदेड़ दिया गया है। गुरुवार को पांच ब्लॉकों में टिड्डी दलों ने हमले किए और फसलों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन किसानों के साथ ही कृषि, गन्ना विभाग की टीमों ने शोर मचाकर टिड्डी दलों को खदेड़ दिया है। उन्होंने बताया कि एक टिड्डी दल बांकेगंज होते हुए शाहजहांपुर की सीमा में प्रवेश कर गया है। दूसरा दल निघासन से पलिया की हवाई पट्टी होते हुए पीलीभीत की ओर चला गया है। जबकि तीसरा टिड्डी दल किशनपुर सेंक्चुरी जंगल की ओर चला गया है। चौथा दल रमियाबेहड़ ब्लॉक से खदेड़े जाने के बाद बहराइच की सीमा में चला गया है। जिला कृषि अधिकारी सत्येंद्र प्रताप सिंह ने भी बुधवार की रात बिजुआ क्षेत्र में टिड्डी दल को मारने के लिए गठित टीमों का नेतृत्व किया। गुरुवार को डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह और एसपी पूनम ने भी पलिया क्षेत्र के गांव मझगई में टिड्डी दल के हमले से फसलों को हुए नुकसान का जायजा लिया है।
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कोरोना महामारी से परेशान किसानों पर टिड्डी दल का हमला
गुलरिया। गुरुवार सुबह टिड्डी दल की आमद गुलरिया से शुरू हुई, इसके बाद पहाड़पुर, पड़रिया तुला, गोंधिया, बेलवा, मलूकापुर, दरियाबाद, राधनपुरवा, रामदीनपुरवा, अंबरपुरवा, रड़ा देवरिया,चंद्रपुरा, सोनारीपुर, मूसेपुर, नब्बूपुरवा, पहाड़ापुर, पूर्वी मलूकापुर कला, रायपुर, चौखड़ा चौखड़िया, पिपरिया धनी, मालपुर, बेलहा सिकटिहा, हजूरपुरवा, करसौर, रूरा, सुल्तानपुर, मेहंदी, गुजारा, जोधपुर, दाउदपुर, जहानपुर, पकरिया, सल्लिहा, रामनगर आदि ग्रामों में इन्होंने हमला किया। लोगों ने माइक से प्रचार कर मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा से अलाउंस कर किसानों को आगाह किया। टिड्डी दल आने की जानकारी मिलते ही लोग अपने खेतों की तरफ दौड़ पड़े। किसान अपने खेतों में थाली, पीपा बजाकर शोर करके तथा क्लोरोपाइरीफास दवाई स्प्रे करके भगाने का प्रयास कर रहे हैं। एडीओ कृषि पवन कुमार ने बताया कि टिड्डी दल कई भागों में बंट गया है और ब्लॉक के कई गांवों में दिखाई दिया है।
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गोंधिया निवासी हरदीप सिंह ने बताया कि सुबह नौ बजे खेत से आकर खाना खाने की तैयारी कर रहे थे। तभी आसमान में टिड्डियों का दल उड़ता दिखाई दिया। खाना छोड़कर तुरंत खेत में पहुंचे, जहां पर धान की फसल लगी हुई है। खेत में लाखों टिड्डियां धान के पौधों पर बैठी हुई थीं। थाली, पिपिया बजाकर, शोर करके भगाया तब तक चौथाई फसल की पत्तियां खा चुकी थीं।
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रंपुरवा निवासी बलवीर सिंह ने बताया कि गन्ने के खेत में सहफसली फसल के रूप में उड़द बोई हुई हैं। उसमें पूर्ण रूप से फलियां लगी हैं। अचानक सुबह टिड्डियों के आ जाने से जब तक खेत में पहुंचे और धुआं करके तथा ढोल पीटकर टिड्डियों को भगाया तब तक आधी फसल चौपट हो चुकी थी।
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दो दिनों से क्षेत्र में टिड्डी दल होने से किसान परेशान
निघासन। दो दिनों में 11 गांवों में फसल चौपट कर चुकी टिड्डियों को भगाने के लिए कृषि विभाग के प्रयास बौने नजर आए। रमियाबेहड़ के बाद बुधवार शाम टिड्डी दल त्रिकौलिया, हरसिंगपुर, बनिगवां, पचपेंडी, अदलाबाद, झंडी और गुलरी में फसलों को चट कर गई। उसके बाद उनका दल बैलहा के जंगल की ओर चला गया। गुरुवार सुबह एक बार फिर दल ने हमला बोलते हुए खरवहिया, गंगादीन पुरवा, सिसैया, रकेहटी, प्रीतमपुरवा, कसवाल पुरवा और कस्बे के सिंगाही रोड पर नहर के पास करीब दो घंटे तक फसलों को नुकसान पहुंचाया। ब्लॉक के ऊपर टिड्डी दल मंडराता रहा। इसके चलते आवागमन बाधित हो गया, लेकिन कृषि विभाग का अधिकारी और कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंच पाया।
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टिड्डियों के आने से किसान और भी परेशान हो गया है। किसान टिड्डी के होने से खेतों में भूखा प्यासा हाथ में पीपा, बर्तन आदि लेकर बजाने के लिए बैठा है।
-बांके लाल चतुर्वेदी
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किसानों से जुड़ी समस्या होने के बाद भी प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। पूरे देश में टिड्डियों ने तहलका मचा रखा है। शासन और प्रशासन चाहता तो टिड्डियों को मारने या उनके भगाने का कोई इंतजाम कर लेता।
-श्यामू पटेल
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टड्डियों के हमले की जानकारी होते ही टीम को मौके पर भेजा गया। किसानों ने शोरगुल करके टिड्डियों को खदेड़ दिया। पैनी नजर रखी जा रही है।
-रामकिशुन शर्मा, एडीओ एजी
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पलिया इलाके में टिड्डी दल का हमला, किसान हुए परेशान
पलियाकलां। पलिया इलाके में गुरुवार को टिड्डी दल ने हमला बोल दिया। इससे किसानों में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में कई इलाकों में किसान अपने खेतों में पहुंचकर ढोल-नगाड़े, पटाखे और थाली बजाकर टिड्डी दल को खदेड़ने का प्रयास करने लगे। मकनपुर, बंशीनगर में दल दिखने के बाद यहां अफरातफरी मची रही। अपने-अपने खेतों में किसानों ने पहुंचकर ढोल-नगाड़ा, पटाखा व थाली बजाकर शोर किया, जिसके बाद टिड्डी दल को खदेड़ा जा सका। मकनपुर, बंशीनगर, बिलहिया फार्म, पटिहन, फरसहिया आदि में टिड्डी दल देखा गया है।
मझगईं। मझगईं के उत्तर पार्क जंगल किनारे बसे चैखड़ा फार्म, भगवंतनगर, गुलरा टांडा आदि गांवों में गुरुवार दोपहर बाद हजारों की संख्या में टिड्डियों का झुंड आ गया। जिसके बाद किसानों ने खेतों में जाकर उनको भगाया और अपनी फसलों को बर्बाद होने से बचाया। किसान साबी सिंह, सुखदेव सिंह, राधेश्याम, सियाराम, बाबू बंजारा आदि किसानों ने बताया कि अगर थोड़ी देर भी वह खेतों में देर से पहुंचते तो टिड्डी दल उनकी फसलों को बर्बाद कर देता।
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गुलरिया चीनी मिल के अधिकारी करते रहे सतर्क
बिजुआ। गुलरिया चीनी मिल के तरफ से पहले से ही लोगों को सूचित किया जा रहा था, गुरुवार को जैसे ही टिड्डी दल दिखा, गन्ना विभाग के कर्मचारी अपने अपने क्षेत्र में किसानों के साथ जागरूक करते नजर आए। वहीं चीनी मिल ने सायरन बजाकर आवाजें की।
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मस्जिद से हुआ एलान, मिलकर करें मुकाबला
बिजुआ। अमूमन मस्जिदों से अजान होती हैं, लेकिन जब गांव और इलाके के किसानों को टिड्डी दल से लड़ने के लिए जागरूक किया गया, तो सबने तारीफ की। सुबह नौ बजे टिड्डी दल नजर आने के बाद से गुलरिया गांव में पेश इमाम ने मस्जिद से एलान कर लोगों को सतर्क करना शुरू कर दिया। अचानक मस्जिद से हुए एलान से सभी धर्म के लोगों को वक्त पर टिड्डी आने की सूचना एक साथ मिल गई।