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लॉकडाउन खत्म -सरकार ने छोड़ा अपने हाल, अब तो रखो अपना ख्याल

Thu, 10 Sep 2020 01:36 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 10 Sep 2020 01:36 AM IST
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Lockdown ended - the government left its condition, now take care
इन्हें नहीं कोरोना संक्रमण की चिंताः महिला अस्पताल के पर्चा बनवाने के लिए लाइन में लगी महिलाएं। ? - फोटो : LAKHIMPUR
लखीमपुर खीरी। कोरोना संक्रमण के दिन पर दिन बढ़ते मामलों के बीच सरकार ने भी लोगों को अपने हाल पर छोड़ते हुए रविवार को होने वाले लॉकडाउन को समाप्त कर दिया। अब रविवार को लॉकडाउन के तहत बंदी न होकर शहर और कस्बों में कोरोनाकाल से पहले की तरह साप्ताहिक बंदी बहाल कर दी गई है। सरकार के इस निर्णय से रोज कमाकर खाने वाले खुश तो जरूर हैं, मगर संक्रमितों की बढ़ती संख्या से भयभीत भी हैं। दैनिक मजदूरी करने वाले हों या फिर अन्य काम धंधे से जुड़े लोग। सभी का एक स्वर में कहना है कि जान है तो जहान है। पहले अपनी और परिवार की सुरक्षा बाकी सब बाद में। शहरवासियों का कहना है कि कोरोना संक्रमण तभी रुकेगा जब इसकी चेन टूटेगी। कम से कम एक दिवसीय लॉकडाउन में बाजार ही बंद रहता था और लोग घर में रहते थे। मगर, एक दिन का लॉकडाउन भी खत्म होने से अब लोग खरीदारी के लिए दूसरे शहर पहुंचेंगे। ऐेसे में संक्रमण का खतरा और बढ़ेगा। फिलहाल अभी लॉकडाउन को समाप्त नहीं करना चाहिए था।
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खरीदारी जरूरी, मास्क की परवाह नहीं
भले की संक्रमितों की संख्या रोज बढ़ रही हो। मगर, बाजार में इसका कोई असर नहीं है। लोग बिना मास्क घर से निकलकर बाजार में भीड़ बढ़ाते हैं। दुकानदार भी जागरूक नहीं दिखते।
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कमिश्नर का आदेश भी दरकिनार
महिला अस्पताल में भीड़ कम नहीं हो रही। पर्चा काउंटर पर महिलाएं सामाजिक दूरी का पालन तक नहीं करती। अस्पताल प्रशासन ने भी कमिश्नर के निर्देश के बावजूद गोले भी नहीं बनवाए।
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महंगी न पड़ जाए चाट
खपरैला बाजार में लोग चाट खाने में इस तरह मशगूल दिखे कि यह भी देखना भूल गए कि बनाने वाला मास्क लगाए है कि नहीं।
लोगों ने कहा-एक दिन का लॉकडाउन जारी रखना चाहिए था
संक्रमण के जिस तरह से मामले बढ़ रहे हैं। इनको देखते हुए एक दिन का लॉकडाउन तो रहना चाहिए था। सरकार ने सभी को अपने हाल पर छोड़ दिया है। ऐसे में अपनी और परिवार की सुरक्षा के लिए लोगों को स्वयं जागरूक रहना होगा। अब विशेष सावधानी रखने की जरूरत है।
-शिप्रा बाजपेई, प्रधानाचार्य, सनातन धर्म बालिका इंटर कॉलेज
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लॉकडाउन एकदम खत्म करना अनुचित है। संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में धीरे-धीरे हटाना चाहिए था। देश में जब पांच प्रतिशत संक्रमित थे तो जनता कर्फ्यू से लेकर लॉकडाउन रहा। अब जब आंकड़ा 44 लाख पहुंच गया है तो एकदम छूट देना सही नहीं है।
-रामऔतार विश्वकर्मा, सेवानिवृत्त प्राफेसर, सीजीएनपीजी कॉलेज गोला
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जिस तरह से संक्रमण के मामले दिन पर दिन बढ़ रहे हैं ऐसेे में लॉकडाउन को पूरी तरह से खत्म करना सही नहीं है। लॉकडाउन में लोग घर पर रहते थे, लेकिन साप्ताहिक बंदी से अब यह होगा कि जब मोहम्मदी में बंदी होगी तो लोग गोला और शाहजहांपुर जाएंगे। ऐसे में संक्रमण का खतरा बढ़ेगा।
-डॉ. मनोज गुप्ता, रेहरिया
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साप्ताहिक बंदी में लोग अपनी सुविधानुसार दुकान बंद रखेंगे। ऐसे में सातों दिन बाजार में भीड़ रहेगी। इससे संक्रमण फैलने का खतरा ज्यादा रहेगा। एक दिन के लॉकडाउन में लोग कम से कम घर तो रहते थे। पूरी तरह लॉकडाउन खत्म करना सही नहीं है।
-अनुराग सहगल सोनू, पंजाबी कॉलोनी
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संक्रमितों की संख्या बढ़ने के दौरान लॉकडाउन खत्म करना सही नहीं है। रविवार को लॉकडाउन के कारण कम से कम एक दिन बाजार में भीड़ नहीं होती थी। कोरोना को लेकर अब लोगों को बेहद सतर्कता बरतनी होगी।
-बीना गुप्ता, समाजसेविका, पलिया
कोरोना संक्रमण को लेकर अधिकारी ही गंभीर नहीं..
गोला गोकर्णनाथ। तहसील स्थित उप निबंधक कार्यालय में कोरोना महामारी को लेकर अधिकारी ही गंभीर नहीं हैं। यहां आने वाले लोगों की न तो थर्मल स्क्रीनिंग होती हैं न ही सैनिटाइजर उपलब्ध है। बैनामा कराने आने वाले लोगों को मास्क लगाने और सामाजिक दूरी का पालन करने के लिए भी नहीं कहा जाता है। इस कार्यालय में मौजूद अधिकारी और उनके मातहत भी मास्क का प्रयोग न कर शासनादेश की दिन भर धज्जियां उड़ाते नजर आते हैं।
मैलानी थाना क्षेत्र के गांव भरिगवां निवासी मनोज की पत्नी आशा देवी, संसारपुर निवासी रामप्रसाद, बांकेंगज ब्लॉक के गांव कोठीपुर ग्रंट नं 10 निवासी अरविंद की पत्नी नीलम देवी ने बताया कि वह उपनिबंधक कार्यालय में बैनामा कराने आए थे। कार्यालय में काफी भीड़ थी, ऐसे में वहां पहुंचने पर न तो थर्मल स्क्रीनिंग की गई और न ही सैनिटाइजर उपलब्ध कराया गया। तहसील के दैनिक कर्मचारी बताते हैं कि यहां प्रतिदिन काफी संख्या में लोग आते हैं लेकिन संक्रमण से बचाव को अफसर संजीदा नहीं हैं।

उपनिबंधक राजेंद्र कुमार द्विवेदी का कहना है कि कोरोना से बचाव के लिए कार्यालय में सभी व्यवस्थाएं की गई हैं। सैनिटाइजर समाप्त हो गया है, मास्क लगाने के लिए निरंतर प्रेरित किया जाता है। संवाद
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