UP News: लखीमपुर खीरी में प्राचीन मेंढक मंदिर पर गिरी बिजली, छज्जा टूटा... ताम्रकलश भी क्षतिग्रस्त
लखीमपुर खीरी में सोमवार सुबह शहर से लेकर देहात तक गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई। बारिश के दौरान ओयल के प्राचीन मेंढक मंदिर पर बिजली गिरी, जिससे एक गुंबद का छज्जा क्षतिग्रस्त हो गया।
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लखीमपुर खीरी के ओयल स्थित प्राचीन मेंढक मंदिर पर सोमवार सुबह बारिश के दौरान बिजली गिरी। इससे मंदिर के अंदर लगे टाइल्स टूट गए। एक गुंबद का छज्जा टूट गया। मंदिर में शिवलिंग के ऊपर जलाभिषेक के लिए लगाया गया ताम्र कलश पर निशान पड़े हैं। मंदिर के दरवाजे का ताला भी क्षतिग्रस्त हुआ है।
सोमवार को अलसुबह बारिश के दौरान प्राचीन और ऐतिहासिक नर्मदेश्वर मंदिर (मेंढक मंदिर) पर आकाशीय बिजली गिरी। घटना सुबह लगभग 5:30 की बताई गई। मंदिर के अंदर लगे ताम्र कलश व फर्श को नुकसान पहुंचा, वहीं मंदिर के पश्चिम उत्तर की तरफ की ओर के गुंबद का छज्जा भी टूटा गया।
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जानकारी मिलते ही मंदिर के पुजारी और आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। लोगों का कहना था कि जिस समय मंदिर पर आकाशीय बिजली गिरी उस समय मंदिर में कोई मौजूद नहीं था। मंदिर में स्थापित शिवलिंग व अन्य मूर्तियां पूरी तरह सुरक्षित हैं। सूचना पर ओयल चौकी प्रभारी पटेल राठी ने मौका मुआयना किया।
अनूठा है ये शिव मंदिर
ओयल के मोहल्ला शिवाला स्थित नर्मदेश्वर महादेव मंदिर अपने आप में अनोखा शिव मंदिर है, जहां भगवान भोलेनाथ मेंढक की पीठ पर विराजमान हैं। मंडूक तंत्र और श्रीयंत्र के आधार पर निर्मित यह शिव मंदिर अपनी अनूठी और अद्भुत वास्तु संरचना के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। यह मंदिर करीब 300 वर्ष पुराना बताया जाता है।
जिलेभर में हुई जोरदार बारिश
लखीमपुर खीरी में पिछले कई दिनों से हो रही उमस और भीषण गर्मी पर बारिश ने ब्रेक लगा दिया है। सोमवार सुबह तकरीबन पांच बजे से जिले में कहीं जोरदार तो कहीं रिमझिम बारिश शुरू हुई, जो सात बजे तक जारी रही। तेज हवा के साथ हुई बारिश से जहां एक ओर भीषण गर्मी से राहत मिली है, वहीं गन्ने की फसल को फायदा पहुंचा है।
धान की पौध भी अधिकतर जगहों पर तैयार है। ऐसे में बारिश होने से अब धान की रोपाई में तेजी आएगी। हालांकि बारिश और हवा से केले की फसल का काफी नुकसान हुआ है। केले के पेड़ गिर गए हैं।