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जानलेवा हमले के मुजरिम को उम्रकैद
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कोर्ट ने 50 हजार का जुर्माना भी लगाया है, 28 जुलाई को हुई थी वारदात
लखीमपुर खीरी। जानलेवा हमले के जुर्म में एडीजे रामेंद्र कुमार ने हमलावर को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही मुजरिमों पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी कौशल किशोर ने बताया 28 जुलाई 2007 की शाम आठ बजे जब मितौली थाना क्षेत्र के ग्राम खंतादेसू निवासी शिवराम अपनी रिश्तेदारी में नंदराम के घर सरावन देने के बाद लौट रहे थे। शिवराम के मुताबिक वह रामजीवन के घर के पास पहुंचे होंगे। तभी उनकी पीठ में राम मोहित ने तमंचे से गोली मार दी। गोली चलने की आवाज सुनकर शिवराम के घरवाले दौड़कर मौके पर पहुंचे। मगर तब तक राम मोहित मौके से भाग गया। परिजन ने शिवराम को अस्पताल में भर्ती कराया। लंबे इलाज के बाद शिवराम की जान बच सकी। अदालत में सुनवाई के दौरान छोटे, शिवराम, राजेश कुमार, डॉ. वीरेंद्र सिंह तोमर, एसीपी प्रवेंद्र कुमार सिंह, इंस्पेक्टर रंजीत कुमार यादव ने अभियोजन पक्ष के समर्थन में गवाही दी। इस पर एडीजे रामेंद्र कुमार ने राम मोहित को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 50 हजार का जुर्माना भी लगाया है।
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लखीमपुर खीरी। जानलेवा हमले के जुर्म में एडीजे रामेंद्र कुमार ने हमलावर को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही मुजरिमों पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए एडीजीसी कौशल किशोर ने बताया 28 जुलाई 2007 की शाम आठ बजे जब मितौली थाना क्षेत्र के ग्राम खंतादेसू निवासी शिवराम अपनी रिश्तेदारी में नंदराम के घर सरावन देने के बाद लौट रहे थे। शिवराम के मुताबिक वह रामजीवन के घर के पास पहुंचे होंगे। तभी उनकी पीठ में राम मोहित ने तमंचे से गोली मार दी। गोली चलने की आवाज सुनकर शिवराम के घरवाले दौड़कर मौके पर पहुंचे। मगर तब तक राम मोहित मौके से भाग गया। परिजन ने शिवराम को अस्पताल में भर्ती कराया। लंबे इलाज के बाद शिवराम की जान बच सकी। अदालत में सुनवाई के दौरान छोटे, शिवराम, राजेश कुमार, डॉ. वीरेंद्र सिंह तोमर, एसीपी प्रवेंद्र कुमार सिंह, इंस्पेक्टर रंजीत कुमार यादव ने अभियोजन पक्ष के समर्थन में गवाही दी। इस पर एडीजे रामेंद्र कुमार ने राम मोहित को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 50 हजार का जुर्माना भी लगाया है।
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