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Lakhimpur Kheri News: चार साल में चिट्ठियां घटीं, पोस्टकार्ड लगभग खत्म
Tue, 14 Apr 2026 12:02 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Tue, 14 Apr 2026 12:02 AM IST
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लखीमपुर स्थित भारतीय मुख्य डाक घर। संवाद
- फोटो : गेरुआ नदी के किनारे अठखेलियां करते ऊदबिलाव।
लखीमपुर खीरी। मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव ने जिले की डाक व्यवस्था की तस्वीर तेजी से बदल दी है। कभी जिन चिट्ठियों का इंतजार घर-घर में होता था, अब उनकी संख्या लगातार घट रही है।
हालात यह हैं कि पोस्टकार्ड जैसी पारंपरिक डाक सेवा अब लगभग समाप्ति की कगार पर पहुंच गई है। डाक विभाग के वर्ष 2021 से 2025 तक के आंकड़े इस बदलाव की साफ तस्वीर पेश करते हैं। वर्ष 2021 में जहां साधारण डाक की संख्या 1,87,212 थी, वहीं 2025 में यह घटकर 1,38,243 रह गई। इसी तरह पोस्टकार्ड में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई है। वर्ष 2021 में 68,895 पोस्टकार्ड उपयोग में आए थे, जबकि 2025 में यह संख्या सिमटकर महज 1,260 रह गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल क्रांति ने संचार के तरीकों को पूरी तरह बदल दिया है। मोबाइल फोन, ईमेल और सोशल मीडिया के जरिये लोग अब तुरंत संदेश भेजना पसंद करते हैं, जिससे पारंपरिक डाक सेवाओं का उपयोग लगातार घट रहा है।
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इनलैंड लेटर कार्ड (आईएलसी) सेवाओं में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। वर्ष 2022 में यह सेवा 5,000 तक पहुंची, लेकिन बाद के वर्षों में इसमें गिरावट आई और 2025 में यह 3,500 दर्ज की गई।
हालांकि, महत्वपूर्ण दस्तावेजों और आधिकारिक कार्यों के लिए स्पीड पोस्ट पर लोगों का भरोसा बना हुआ है। 2021 में 83,734 की तुलना में 2023 में स्पीड पोस्ट की संख्या बढ़कर 2,16,769 तक पहुंच गई थी। हालांकि, 2025 में इसमें गिरावट दर्ज करते हुए संख्या 1,08,090 रह गई, फिर भी इसकी उपयोगिता बनी हुई है।
डिजिटल दौर के असर के बीच डाक विभाग भी अपनी सेवाओं में बदलाव कर रहा है। स्पीड पोस्ट की बढ़ती मांग को देखते हुए प्रधान डाकघर के बुकिंग काउंटर अब देर शाम तक खुले रखे जा रहे हैं, जबकि पहले ये चार-पांच बजे तक बंद हो जाते थे। संवाद
-- -- -- -- --
साल दर साल बदलती तस्वीर
वर्ष
साधारण डाक
पोस्टकार्ड
स्पीड पोस्ट
2021
1,87,212
68,895
83,734
2022
1,55,521
11,440
1,97,006
2023
1,46,279
13,012
2,16,769
2024
1,37,191
3,590
2,06,187
2025
1,38,243
1,260
1,08,090
-- --
डिजिटल माध्यमों के चलते पोस्टकार्ड और साधारण डाक का उपयोग कम हुआ है, लेकिन स्पीड पोस्ट जैसी सेवाओं पर लोगों का भरोसा लगातार बना हुआ है। -सुमनेश कुमार, अधीक्षक, प्रधान डाकघर
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हालात यह हैं कि पोस्टकार्ड जैसी पारंपरिक डाक सेवा अब लगभग समाप्ति की कगार पर पहुंच गई है। डाक विभाग के वर्ष 2021 से 2025 तक के आंकड़े इस बदलाव की साफ तस्वीर पेश करते हैं। वर्ष 2021 में जहां साधारण डाक की संख्या 1,87,212 थी, वहीं 2025 में यह घटकर 1,38,243 रह गई। इसी तरह पोस्टकार्ड में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई है। वर्ष 2021 में 68,895 पोस्टकार्ड उपयोग में आए थे, जबकि 2025 में यह संख्या सिमटकर महज 1,260 रह गई।
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विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल क्रांति ने संचार के तरीकों को पूरी तरह बदल दिया है। मोबाइल फोन, ईमेल और सोशल मीडिया के जरिये लोग अब तुरंत संदेश भेजना पसंद करते हैं, जिससे पारंपरिक डाक सेवाओं का उपयोग लगातार घट रहा है।
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इनलैंड लेटर कार्ड (आईएलसी) सेवाओं में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। वर्ष 2022 में यह सेवा 5,000 तक पहुंची, लेकिन बाद के वर्षों में इसमें गिरावट आई और 2025 में यह 3,500 दर्ज की गई।
हालांकि, महत्वपूर्ण दस्तावेजों और आधिकारिक कार्यों के लिए स्पीड पोस्ट पर लोगों का भरोसा बना हुआ है। 2021 में 83,734 की तुलना में 2023 में स्पीड पोस्ट की संख्या बढ़कर 2,16,769 तक पहुंच गई थी। हालांकि, 2025 में इसमें गिरावट दर्ज करते हुए संख्या 1,08,090 रह गई, फिर भी इसकी उपयोगिता बनी हुई है।
डिजिटल दौर के असर के बीच डाक विभाग भी अपनी सेवाओं में बदलाव कर रहा है। स्पीड पोस्ट की बढ़ती मांग को देखते हुए प्रधान डाकघर के बुकिंग काउंटर अब देर शाम तक खुले रखे जा रहे हैं, जबकि पहले ये चार-पांच बजे तक बंद हो जाते थे। संवाद
साल दर साल बदलती तस्वीर
वर्ष
साधारण डाक
पोस्टकार्ड
स्पीड पोस्ट
2021
1,87,212
68,895
83,734
2022
1,55,521
11,440
1,97,006
2023
1,46,279
13,012
2,16,769
2024
1,37,191
3,590
2,06,187
2025
1,38,243
1,260
1,08,090
डिजिटल माध्यमों के चलते पोस्टकार्ड और साधारण डाक का उपयोग कम हुआ है, लेकिन स्पीड पोस्ट जैसी सेवाओं पर लोगों का भरोसा लगातार बना हुआ है। -सुमनेश कुमार, अधीक्षक, प्रधान डाकघर