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Lakhimpur Kheri News: औसत से भी कम बारिश... फसलों पर संकट
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तेज धूप में छतरी के सहारे निकली युवतियां
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लखीमपुर खीरी। इस साल सावन लगभग सूखा निकल गया, तो भादों के भी सूखा रहने के आसार हैं। 31 अगस्त तक सामान्य वर्षा का मानक 723.9 मिलीमीटर बारिश का है, जबकि इस साल महज 664.6 मिमी बारिश हुई है। अब तक हुई बारिश औसत से आठ प्रतिशत कम है। बरसात न होने से लोगों को उमस भरी गर्मी से परेशानी उठानी पड़ रही है। धान गन्ना और खरीफ की फसलों को भी नुकसान पहुंच रहा है।
रविवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। तापमान सामान्य होने के बावजूद उमस भरी गर्मी और कड़ी धूप से जनजीवन बेहाल है। लोग आसमान की तरफ ताक रहे हैं, लेकिन वहां बादलों का नामोनिशान तक नहीं है। फिलहाल बारिश होने के कोई आसार भी नजर नहीं आ रहे हैं। इससे किसान बेहद चिंतित हैं। धान और गन्ने की फसल सूख रही है।
सिंचाई विभाग बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता राजीव कुमार ने बताया कि इसका सीधा असर धान और गन्ने की फसल पर पड़ रहा है।।
धान की बालियां आने में भी हो रही देरी
कृषि विज्ञान केंद्र लखीमपुर के कृषि वैज्ञानिक डॉ. सुहैल का कहना है कि धान की फसल को जीवित रखने के लिए किसानों को बार-बार फसल की सिंचाई करनी पड़ रही है। इससे धान की लागत बढ़ रही है। बालियां आने में भी देरी हो रही है। इससे उत्पादन कम होने की आशंका है। बारिश कम होने से धान की फसल में तना छेदक कीट का प्रकोप बढ़ रहा है। फसल सूखने लगी है। गन्ने में भी तना छेदक का प्रभाव है, लेकिन धान की अपेक्षाकृत कम है।
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सितंबर माह के दूसरे पखवाड़े में बारिश होने की संभावना
मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के पूर्व निदेशक मौसम विज्ञानी जेपी गुप्ता का कहना है कि खीरी जिले में अपेक्षा से कम बारिश हुई है। अभी बारिश का मौसम जारी है। फिलहाल अगले 15 दिन बारिश होने की संभावना नहीं है। यदि इस बीच बारिश हुई भी तो मामूली बारिश हो सकती है। 15 दिन बाद भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम में आद्रता होने से उमस भरी गर्मी इस पूरे माह जारी रहेगी। कड़ी धूप भी रहेगी, तापमान में बढ़ोतरी न होने के बाद भी उमस परेशानी का कारण बनेगी।
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रविवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। तापमान सामान्य होने के बावजूद उमस भरी गर्मी और कड़ी धूप से जनजीवन बेहाल है। लोग आसमान की तरफ ताक रहे हैं, लेकिन वहां बादलों का नामोनिशान तक नहीं है। फिलहाल बारिश होने के कोई आसार भी नजर नहीं आ रहे हैं। इससे किसान बेहद चिंतित हैं। धान और गन्ने की फसल सूख रही है।
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सिंचाई विभाग बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता राजीव कुमार ने बताया कि इसका सीधा असर धान और गन्ने की फसल पर पड़ रहा है।।
धान की बालियां आने में भी हो रही देरी
कृषि विज्ञान केंद्र लखीमपुर के कृषि वैज्ञानिक डॉ. सुहैल का कहना है कि धान की फसल को जीवित रखने के लिए किसानों को बार-बार फसल की सिंचाई करनी पड़ रही है। इससे धान की लागत बढ़ रही है। बालियां आने में भी देरी हो रही है। इससे उत्पादन कम होने की आशंका है। बारिश कम होने से धान की फसल में तना छेदक कीट का प्रकोप बढ़ रहा है। फसल सूखने लगी है। गन्ने में भी तना छेदक का प्रभाव है, लेकिन धान की अपेक्षाकृत कम है।
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सितंबर माह के दूसरे पखवाड़े में बारिश होने की संभावना
मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के पूर्व निदेशक मौसम विज्ञानी जेपी गुप्ता का कहना है कि खीरी जिले में अपेक्षा से कम बारिश हुई है। अभी बारिश का मौसम जारी है। फिलहाल अगले 15 दिन बारिश होने की संभावना नहीं है। यदि इस बीच बारिश हुई भी तो मामूली बारिश हो सकती है। 15 दिन बाद भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम में आद्रता होने से उमस भरी गर्मी इस पूरे माह जारी रहेगी। कड़ी धूप भी रहेगी, तापमान में बढ़ोतरी न होने के बाद भी उमस परेशानी का कारण बनेगी।