धौरहरा। तहसील क्षेत्र के चकदाह व साहबदीन पुरवा गांव में दो बच्चों को मारने वाले तेंदुए को पकड़ने में वन विभाग ने पूरी ताकत झोंक दी है, लेकिन 14 दिन बाद भी टीम तेंदुए को पकड़ने में विफल है। बंशी बेली गांव के बाहर खेतों में लगा गन्ना तेंदुए का आशियाना बन चुका है, वह गन्ने के खेत में सुबह और रात में चहलकदमी करता है।
वनरेंज के चकदहा और साहबदीन पुरवा गांव में दो बच्चों को मौत के घाट उतारने वाला तेंदुआ 14 दिन बाद भी वन विभाग की पकड़ से बाहर है। वन विभाग कैमरे और पिंजड़े लगा रहा है, लेकिन तेंदुआ अब भी उसकी पकड़ से दूर गन्ने के खेतों में डेरा जमाए हुए हैं। बंशी बेली गांव निवासी विजय यादव, अजय कुमार, रामखेलावन, हरीश आदि ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ रोज चहलकदमी करता हुआ गन्ने के खेतों से निकलता है। घाघरा नदी के किनारे होता हुआ फिर गन्ने के खेतों में चला जाता है। वन विभाग ने कैमरे और पिंजड़े भी लगाए हैं, पर तेंदुआ उनसे दूर है। वन क्षेत्राधिकारी अनिल शाह ने बताया कि तेंदुआ गन्ने के खेतों और झाड़ियों में कहीं छिपा हो सकता है। तेंदुआ करीब 25 किलोमीटर की परिधि में घूम रहा है। टीम उसे पकड़ने का पूरा प्रयास कर रही है।