लखीमपुर खीरी: बच्ची पर हमले के बाद तेंदुए को पकड़ने के लिए लगाया गया पिंजरा, चार ट्रैप कैमरे भी लगाए
निघासन इलाके के मंझरा पूरब गांव में मासूम बच्ची पर तेंदुए के हमले के बाद वन विभाग की टीम ने इलाके में पिंजरा लगाया है। चार ट्रैप कैमरे में भी लगाए गए हैं।
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लखीमपुर खीरी के निघासन इलाके के मंझरा पूरब गांव में पांच वर्षीय बच्ची मनप्रीत कौर पर तेंदुए के हमले के बाद वन विभाग ने उसकी निगरानी और पकड़ने के प्रयास तेज कर दिए हैं। तेंदुए को पकड़ने के लिए घटनास्थल के पास ही एक पिंजरा लगाया गया है। इसके साथ ही उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए चार ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। वन कर्मियों की गश्त भी बढ़ा दी गई है।
रेंजर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि तेंदुए को पकड़ने के लिए घटनास्थल के आसपास पिंजरा और चार ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। वन कर्मियों को लगातार गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और उसे जल्द पकड़ा जा सके। उधर, तेंदुए के हमले में घायल मनप्रीत कौर का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।
बच्ची के पिता जसविंदर सिंह बिट्टू ने बताया कि बच्ची को जिला अस्पताल में भर्ती कराकर उपचार कराया जा रहा है। उसकी हालत ठीक है। घटना के बाद से गांव के लोगों में तेंदुए की दहशत बनी हुई है। ग्रामीणों ने वन विभाग से जल्द तेंदुए को पकड़ने और क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।
पिता ने शोर मचाकर तेंदुए से बेटी को बचाया
मझरा पूरब गांव में पांच वर्षीय मनप्रीत को तेंदुए के जबड़े से बचाने के लिए उसके पिता जसविंदर सिंह बिट्टू ने अपनी जान की परवाह नहीं की। जब तेंदुए ने हमला किया तो घर के आंगन में मनप्रीत अपने पिता का हाथ पकड़े खड़ी थी।
जसविंदर सिंह बिट्टू ने बताया कि अचानक तेंदुआ झपटा और बच्ची को खींचकर ले जाने लगा तो तो उन्हें कुछ पल के लिए समझ ही नहीं आया कि क्या करें। इसके बाद हिम्मत दिखाते हुए वे आगे बढ़े और तेंदुए को रोकने का प्रयास करने लगे।
उनके न तो हाथ में कुछ था न ही आसपास। इस पर वह जोर-जोर से शोर करने लगे। और तेंदुए के पीछे दौड़े। परिवार के अन्य लोग भी शोर मचाने लगे। इस पर तेंदुआ बच्ची को छोड़कर भाग गया और इस तरह बच्ची की जान बच सकी।