{"_id":"6990b6c2f8e8fb83ef0659c1","slug":"lakhpati-didi-crosses-60-thousand-new-target-is-132-lakh-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1036-168280-2026-02-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: 60 हजार पार लखपति दीदी, नया लक्ष्य 1.32 लाख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: 60 हजार पार लखपति दीदी, नया लक्ष्य 1.32 लाख
Sat, 14 Feb 2026 11:24 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sat, 14 Feb 2026 11:24 PM IST
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले में महिला सशक्तीकरण को नई गति मिली है। स्वरोजगार गतिविधियों से जुड़कर 60 हजार से अधिक महिलाएं सालाना एक लाख रुपये या उससे अधिक आय अर्जित कर ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।
शासन ने जिले में कुल 1.32 लाख महिलाओं को इस श्रेणी में लाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए शेष 72 हजार से अधिक महिलाओं को जोड़ने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। जिले में वर्तमान में करीब 28 हजार स्वयं सहायता समूह संचालित हैं, जिनसे लगभग पौने तीन लाख महिलाएं जुड़ी हुई हैं। ये समूह महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने का सशक्त माध्यम बने हैं। पशुपालन, डेयरी, सिलाई-कढ़ाई, रेडीमेड वस्त्र निर्माण, अगरबत्ती निर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, मसाला व पापड़ निर्माण, हस्तशिल्प और लघु उद्योग जैसे कार्यों से महिलाएं न सिर्फ अपनी आय बढ़ा रही हैं, बल्कि अन्य लोगों को भी रोजगार उपलब्ध करा रही हैं।
अधिकारियों का कहना है कि जिन समूहों की आय अभी एक लाख रुपये वार्षिक से कम है, उन्हें प्रशिक्षण, बैंक लिंकेज, ऋण सुविधा और विपणन सहयोग देकर आय बढ़ाने पर विशेष फोकस किया जाएगा। समूहों को उत्पाद की पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जा रहा है, ताकि उनकी आमदनी स्थायी रूप से बढ़ सके।
विज्ञापन
शासन स्तर से निर्देश मिलने के बाद विभागीय अधिकारियों ने ब्लॉक स्तर पर समीक्षा शुरू कर दी है। लक्ष्य है कि अधिक से अधिक महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जाए और उन्हें स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
अधिकारियों के अनुसार, आने वाले समय में ‘लखपति दीदी’ के बाद ‘करोड़पति दीदी’ बनाने की दिशा में भी कार्ययोजना तैयार की जाएगी। फिलहाल, प्राथमिकता 1.32 लाख लखपति दीदी का लक्ष्य पूरा करने पर है, ताकि जिले की महिलाएं आर्थिक रूप से और सशक्त बन सकें।
वर्जन
जिले में 1.32 लाख लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य निर्धारित है। वर्तमान में 60 हजार महिलाएं यह उपलब्धि हासिल कर चुकी हैं। शेष 72 हजार से अधिक महिलाओं को भी लखपति दीदी बनाने की पहल शुरू कर दी गई है।
-जितेंद्र कुमार मिश्रा, उपायुक्त एनआरएलएम
विज्ञापन
शासन ने जिले में कुल 1.32 लाख महिलाओं को इस श्रेणी में लाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए शेष 72 हजार से अधिक महिलाओं को जोड़ने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। जिले में वर्तमान में करीब 28 हजार स्वयं सहायता समूह संचालित हैं, जिनसे लगभग पौने तीन लाख महिलाएं जुड़ी हुई हैं। ये समूह महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने का सशक्त माध्यम बने हैं। पशुपालन, डेयरी, सिलाई-कढ़ाई, रेडीमेड वस्त्र निर्माण, अगरबत्ती निर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, मसाला व पापड़ निर्माण, हस्तशिल्प और लघु उद्योग जैसे कार्यों से महिलाएं न सिर्फ अपनी आय बढ़ा रही हैं, बल्कि अन्य लोगों को भी रोजगार उपलब्ध करा रही हैं।
विज्ञापन
अधिकारियों का कहना है कि जिन समूहों की आय अभी एक लाख रुपये वार्षिक से कम है, उन्हें प्रशिक्षण, बैंक लिंकेज, ऋण सुविधा और विपणन सहयोग देकर आय बढ़ाने पर विशेष फोकस किया जाएगा। समूहों को उत्पाद की पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जा रहा है, ताकि उनकी आमदनी स्थायी रूप से बढ़ सके।
विज्ञापन
शासन स्तर से निर्देश मिलने के बाद विभागीय अधिकारियों ने ब्लॉक स्तर पर समीक्षा शुरू कर दी है। लक्ष्य है कि अधिक से अधिक महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जाए और उन्हें स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
अधिकारियों के अनुसार, आने वाले समय में ‘लखपति दीदी’ के बाद ‘करोड़पति दीदी’ बनाने की दिशा में भी कार्ययोजना तैयार की जाएगी। फिलहाल, प्राथमिकता 1.32 लाख लखपति दीदी का लक्ष्य पूरा करने पर है, ताकि जिले की महिलाएं आर्थिक रूप से और सशक्त बन सकें।
वर्जन
जिले में 1.32 लाख लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य निर्धारित है। वर्तमान में 60 हजार महिलाएं यह उपलब्धि हासिल कर चुकी हैं। शेष 72 हजार से अधिक महिलाओं को भी लखपति दीदी बनाने की पहल शुरू कर दी गई है।
-जितेंद्र कुमार मिश्रा, उपायुक्त एनआरएलएम