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लखीमपुर खीरी हिंसा: 12 घंटे पूछताछ के बाद मंत्री का बेटा आशीष गिरफ्तार, पेशी के बाद न्यायिक हिरासत में

Sun, 10 Oct 2021 01:37 AM IST
Vikas Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Published by: Vikas Kumar Updated Sun, 10 Oct 2021 01:37 AM IST
सार

लगभग 12 घंटे की पूछताछ के बाद आखिरकार पुलिस ने आशीष मिश्र को गिरफ्तार कर लिया। अब इस मामले पर सोमवार को सुनवाई होगी। तब तक आशीष को न्यायिक हिरासत में रहना होगा । 

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lakhimpur kheri violence ashish mishra arrested by crime branch team
कोर्ट के बाहर.... - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

तिकुनिया कांड के मुख्य आरोपी आशीष मिश्र को गिरफ्तार कर सोमवार तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अब इस मामले पर सोमवार को सुनवाई होगी। तब तक आशीष को न्यायिक हिरासत में रहना होगा। पुलिस आशीष को जिला कारागार लखीमपुर ले गई है।  

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केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के घर पर शुक्रवार को दूसरा नोटिस चस्पा होने के बाद मामले में मुख्य आरोपी आशीष मिश्र मोनू शनिवार को क्राइम ब्रांच के दफ्तर में पर्यवेक्षण समिति के सामने पेश हुआ। देर रात करीब 12 घंटे की पूछताछ के बाद जांच टीम ने आशीष को गिरफ्तार कर लिया। 
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डीआइजी उपेंद्र अग्रवाल ने बताया कि आशीष को जांच में सहयोग न करने पर गिरफ्तार किया गया है। क्राइम ब्रांच के दफ्तर में ही मेडिकल कराने के बाद पुलिस आशीष को लेकर कोर्ट पहुंची और उसे मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। आशीष को सीजेएम कोर्ट लेकर आए हैं। आशीष मिश्र को सीजेएम दीक्षा भारती की कोर्ट में पेश किया गया। आशीष को सोमवार तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। 
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न्यायिक हिरासत में भेजा 
पेशी के बाद आशीष को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अब इस मामले को लेकर सोमवार को सुनवाई होगी। तब तक मुख्य आरोपी आशीष को जेल में रहना होगा। बताते हैं कि आशीष के वकील ने कस्टडी का विरोध किया था। आशीष के वकील अवधेश कुमार ने बताया कि उसे न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष पेश किया गया था। सोमवार 11 अक्तूबर को सुनवाई होगी कि उन्हें पुलिस कस्टडी दी जानी चाहिए या नहीं। फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में रहेंगे। पुलिस ने तीन दिन की हिरासत मांगी थी, जिस पर हमने आपत्ति जताई थी। आज रविवार हो गया। इसलिए सोमवार दोपहर 1 बजे सीजेएम कोर्ट में उन्हें पेश होना होगा। जिसके बाद कोर्ट तय करेगी कि उनको जेल भेजना है, या पुलिस रिमांड में भेजना है।

समय से पहले क्राइम ब्रांच के दफ्तर पहुंच गया था आशीष
शनिवार की सुबह 11 बजे आशीष मिश्र मोनू को पुलिस लाइन स्थित क्राइम ब्रांच के दफ्तर में पेश होना था, लेकिन वह तय समय से पहले ही 10 बजकर 38 मिनट पर पिछले रास्ते से पुलिस लाइन पहुंच गए। उनके साथ दो वकील अवधेश सिंह और अवधेश दुबे भी क्राइम ब्रांच के दफ्तर में दाखिल हुए। इस दौरान देर रात तक आशीष मिश्र से पूछताछ चली और करीब 12 घंटे की पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

आशीष की दलीलों से असंतुष्ट रही जांच टीम
इस दौरान पर्यवेक्षण समिति के अध्यक्ष और डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल के नेतृत्व में जांच टीम में शामिल वरिष्ठ सदस्य आईपीएस सुनील कुमार सिंह, सदस्य अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह, सीओ मितौली संदीप सिंह, सीओ गोला एसएन तिवारी, इंस्पेक्टर क्राइम ब्रांच और विवेचक विद्याराम दिवाकर, इंस्पेक्टर खीरी सियाराम वर्मा, जन शिकायत प्रकोष्ठ प्रभारी धर्म प्रकाश शुक्ल, स्वाट टीम प्रभारी एसआई शिवकुमार आदि ने आशीष मिश्र से तीखे सवाल किए, जिस पर आशीष मिश्र ने वीडियो फुटेज के साथ अपनी कई दलीलें दीं, लेकिन जांच टीम उनसे असंतुष्ट नजर आई, ऐसा सूत्र बताते हैं। 




डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल ने दी गिरफ्तारी की जानकारी
लगभग 12 घंटे की पूछताछ के दौरान एसपी विजय ढुल सहित कई अन्य अधिकारी क्राइम ब्रांच के दफ्तर से बाहर निकले। पर्यवेक्षण समिति के अध्यक्ष डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल बाहर निकले और आशीष को गिरफ्तार करने की जानकारी मीडिया को दी।  

कार्यालय पर डटे रहे केंद्रीय मंत्री
केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र टेनी इस दौरान क्राइम ब्रांच के दफ्तर से लगभग आधा किलोमीटर दूर अपने कार्यालय पर डटे रहे। इस दौरान उनके साथ भाजपा के सैकड़ों कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने समर्थन में नारेबाजी भी की। 

13वीं तक कातिल न पकड़े गए तो शुभम के पिता देंगे धरना, कैंडल मार्च निकालकर किया एलान

तिकुनियां कांड में किसानों की भीड़ ने शहर निवासी शुभम मिश्रा, फरधान के शंकरपुर गांव निवासी हरिओम मिश्रा एवं निघासन क्षेत्र के श्याम सुंदर को पीट पीटकर मौत के घाट उतार दिया था। इसमें शुभम और श्यामसुंदर जहां भाजपा पदाधिकारी थे तो वहीं हरिओम मिश्रा मंत्री पुत्र की थार वाहन का ड्राइवर। तहरीर देने के बावजूद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर परिजन को प्रति तक नहीं दी है। इससे शुभम के परिजनों में बेहद नाराजगी है। 

पिता विजय मिश्रा के नेतृत्व में परिजन, मित्र एवं मोहल्ले के लोगों ने शनिवार रात घर से संकटा देवी चौराहे तक कैंडल मार्च निकालकर शुभम को श्रद्धांजलि देकर उसके हत्यारों को फांसी देने की मांग की। मृतक के चचेरे भाई उत्कर्ष मिश्रा ने बताया कि ताऊ विजय मिश्रा ने दसवां एवं तेरहवीं तक हत्यारों की गिरफ्तारी न होने पर धरना देने का एलान किया है। 

उत्कर्ष का कहना है कि उनका भाई निर्दोष था। फिर क्यों उसे पीट पीट कर मार डाला गया। इसकी तहरीर देने के बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। हमारी मांग है कि पुलिस नामजद मुकदमा दर्ज कर हत्यारों को फांसी की सजा दे।

पुलिस ने निकाला पैदल मार्च

तिकुनिया कांड के बाद बिगड़े माहौल को लेकर संपूर्णानगर थाना पुलिस ने कस्बा में पैदल मार्च किया। संपूर्णानगर थाना प्रभारी अनिल कुमार सैनी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस बल ने पैदल मार्च किया। थाना प्रभारी ने बताया कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी रहे और किसी प्रकार की कोई घटना न हो, इसको लेकर पुलिस द्वारा पैदल मार्च कर कानून व्यवस्था को कायम किया जा रहा है। पुलिस कस्बा में लगातार गश्त कर रही है।

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