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लखीमपुर बवाल: कभी भी सरेंडर कर सकते हैं आशीष मिश्र, पुलिस बोली- साक्ष्यों के आधार पर होगी कार्रवाई
Wed, 06 Oct 2021 04:55 PM IST
प्राची प्रियम
अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी
अमर उजाला नेटवर्क, लखीमपुर खीरी
Published by: प्राची प्रियम
Updated Wed, 06 Oct 2021 04:55 PM IST
सार
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी मंत्री अजय मिश्र टेनी की बर्खास्तगी की मांग और उनके बेटे आशीष मिश्र की गिरफ्तारी की मांग कर रही हैं। मामले में आशीष मिश्र के ऊपर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
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लखीमपुर खीरी हिंसा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
तिकुनिया बवाल मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के तीन दिन बाद भी नामजद अभियुक्त आशीष मिश्र की गिरफ्तारी न होने से पुलिस बैकफुट पर है। विपक्ष समेत किसान नेता उनकी गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। मामले में बुधवार को अमर उजाला से खास बातचीत में एडीजी लखनऊ जोन एस एन साबत ने बताया कि पुलिस अभी घटना से जुड़े साक्ष्य जुटा रही है। साक्ष्यों में पुष्टि होने पर फौरन गिरफ्तारी की जाएगी। उधर, बुधवार को दिल्ली पहुंचे केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी गृह मंत्रालय में कुछ ही देर रुके। सूत्रों के हवाले से खबर है कि आशीष मिश्र कभी भी सरेंडर कर सकते हैं।
आशीष पर दर्ज है हत्या का मुकदमा
रविवार की दोपहर तिकुनिया में हुए खूनी संघर्ष में चार किसानों समेत कुल आठ लोगों की मौत हुई थी, जिसके बाद प्रदेश की योगी व केंद्री की मोदी सरकार विपक्ष के निशाने पर है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी मंत्री अजय मिश्र टेनी की बर्खास्तगी की मांग और उनके बेटे आशीष मिश्र की गिरफ्तारी की मांग कर रही हैं। मामले में आशीष मिश्र के ऊपर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
लेकिन, मुकदमा दर्ज होने के तीन दिन बाद भी उनकी गिरफ्तारी न होने पर पुलिस विपक्ष के निशाने पर है। उस पर सत्ता के दबाव में काम और केंद्रीय मंत्री को बचाने के आरोप लग रहे हैं। जबकि, मृतक किसानों के परिजन और सरकार के बीच मध्यस्थता कराने वाले भाकियू नेता राकेश टिकैत ने भी समझौते के बाद मंत्रिमंडल से टेनी की बर्खास्तगी और उनके बेेटे की गिरफ्तारी की मांग तेज कर दी।
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टेनी बोले- मौके पर था ही नहीं आशीष
उधर, विपक्ष के आरोपों पर मंत्री टेनी का कहना है कि उनका बेटा इस खूनी संघर्ष में जब मौके पर नहीं था तो उसकी गिरफ्तारी कैसे हो सकती है। कमोबेश यही बात पुलिस भी कह रही है, जिस पर विपक्ष लगातार पुलिस पर सत्ता के दबाव में काम करने का आरोप लगा रहा है। जबकि, पुलिस का कहना है कि बड़े गुनाहों और मामलों में जब तक पुख़्ता साक्ष्य न मिल जाएं, तब तक जल्दबाजी नहीं करनी चाहिये।
सबूत मिलने के बाद ही होगी गिरफ्तारी
वहीं सूत्रों के हवाले से खबर है कि पुलिस की एक टीम आशीष मिश्र के गांव बनवीरपुर भेजी गई है। उधर दिल्ली तलब होने के बाद मंगलवार रात रवाना हुए टेनी बुधवार की सुबह गृह मंत्रालय पहुंचे, जहां वह कुछ ही देर रुके। टेनी की भी अमित शाह से मुलाकात कोई सुखद नहीं बताई जा रही है। इससे इस बात को बल मिल रहा है कि आशीष मिश्र सरेंडर कर सकते है। एडीजी ज़ोन एस एन साबत से बातचीत और लहजे से भी इसका इशारा मिला है।
एडीजी जोन लखनऊ एस एन साबत तिकुनियां बवाल के बाद जिले में शांति व्यवस्था कायम है। विवेचना की जा रही है। साक्ष्य का संकलन किया जा रहा है। जब तक पुख्ता सबूत नहीं मिल जाते, तब तक गिरफ्तारी करना जल्दबाजी होगी। सभी पक्षों की विवेचना की जा रही है।
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आशीष पर दर्ज है हत्या का मुकदमा
रविवार की दोपहर तिकुनिया में हुए खूनी संघर्ष में चार किसानों समेत कुल आठ लोगों की मौत हुई थी, जिसके बाद प्रदेश की योगी व केंद्री की मोदी सरकार विपक्ष के निशाने पर है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी मंत्री अजय मिश्र टेनी की बर्खास्तगी की मांग और उनके बेटे आशीष मिश्र की गिरफ्तारी की मांग कर रही हैं। मामले में आशीष मिश्र के ऊपर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
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लेकिन, मुकदमा दर्ज होने के तीन दिन बाद भी उनकी गिरफ्तारी न होने पर पुलिस विपक्ष के निशाने पर है। उस पर सत्ता के दबाव में काम और केंद्रीय मंत्री को बचाने के आरोप लग रहे हैं। जबकि, मृतक किसानों के परिजन और सरकार के बीच मध्यस्थता कराने वाले भाकियू नेता राकेश टिकैत ने भी समझौते के बाद मंत्रिमंडल से टेनी की बर्खास्तगी और उनके बेेटे की गिरफ्तारी की मांग तेज कर दी।
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टेनी बोले- मौके पर था ही नहीं आशीष
उधर, विपक्ष के आरोपों पर मंत्री टेनी का कहना है कि उनका बेटा इस खूनी संघर्ष में जब मौके पर नहीं था तो उसकी गिरफ्तारी कैसे हो सकती है। कमोबेश यही बात पुलिस भी कह रही है, जिस पर विपक्ष लगातार पुलिस पर सत्ता के दबाव में काम करने का आरोप लगा रहा है। जबकि, पुलिस का कहना है कि बड़े गुनाहों और मामलों में जब तक पुख़्ता साक्ष्य न मिल जाएं, तब तक जल्दबाजी नहीं करनी चाहिये।
सबूत मिलने के बाद ही होगी गिरफ्तारी
वहीं सूत्रों के हवाले से खबर है कि पुलिस की एक टीम आशीष मिश्र के गांव बनवीरपुर भेजी गई है। उधर दिल्ली तलब होने के बाद मंगलवार रात रवाना हुए टेनी बुधवार की सुबह गृह मंत्रालय पहुंचे, जहां वह कुछ ही देर रुके। टेनी की भी अमित शाह से मुलाकात कोई सुखद नहीं बताई जा रही है। इससे इस बात को बल मिल रहा है कि आशीष मिश्र सरेंडर कर सकते है। एडीजी ज़ोन एस एन साबत से बातचीत और लहजे से भी इसका इशारा मिला है।
एडीजी जोन लखनऊ एस एन साबत तिकुनियां बवाल के बाद जिले में शांति व्यवस्था कायम है। विवेचना की जा रही है। साक्ष्य का संकलन किया जा रहा है। जब तक पुख्ता सबूत नहीं मिल जाते, तब तक गिरफ्तारी करना जल्दबाजी होगी। सभी पक्षों की विवेचना की जा रही है।
खीरी के नए पुलिस मुखिया पर बोले साबत
खीरी जनपद की कानून व्यवस्था के फेल होने के सवाल पर एडीजी जोन ने कहा कि मामला न्यायिक जांच के दायरे में है, इसलिये इसपर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। जांच रिपोर्ट के बाद पूरी बात खुलकर सामने आ जाएगी। वहीं, खीरी में एसपी के बदलाव के बारे में उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के बाद इस बारे में राज्य सरकार फैसला लेगी।
हालांकि, जिस तरह से खीरी में वरिष्ठ आईपीएस सुनील कुमार सिंह, अजय पाल शर्मा, हिमांशु कुमार जैसे बड़े अफसरों ने मोर्चा संभाला है। उससे इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, उन्होंने इस गेंद को राज्य सरकार के पाले में डाल दिया है।
हालांकि, जिस तरह से खीरी में वरिष्ठ आईपीएस सुनील कुमार सिंह, अजय पाल शर्मा, हिमांशु कुमार जैसे बड़े अफसरों ने मोर्चा संभाला है। उससे इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, उन्होंने इस गेंद को राज्य सरकार के पाले में डाल दिया है।