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जल सत्याग्रह कर रहे किसानों की हालत बिगड़ी, सीएम को ट्वीट किया तो भागे अधिकारी

Tue, 17 Aug 2021 03:05 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 17 Aug 2021 03:05 AM IST
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kissan Andolan
लखीमपुर खीरी में गोमती नदी में तिरंगा झंडा लेकर सत्याग्रह करते किसान। संवाद - फोटो : LAKHIMPUR
चपरतला (लखीमपुर खीरी)। हरदोई-खीरी बॉर्डर पर गोमती में जल सत्याग्रह कर रहे पांच किसानों की सोमवार को हालत बिगड़ गई। दो किसान बेहोश हो गए। मामला बिगड़ता देख प्रदर्शनकारी किसानों ने मुख्यमंत्री कार्यालय को ट्वीट किया। इसके कुछ देर बाद हरदोई और खीरी जनपद के प्रशासनिक अधिकारी डॉक्टर के साथ मौके पर पहुंचे और किसानों का परीक्षण कर दवाएं दीं। देर शाम अधिकारियों से बातचीत के बाद किसानों ने धरना खत्म कर दिया।
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भारतीय किसान यूनियन अवध के प्रदेश उपाध्यक्ष श्यामू शुक्ला समेत काफी संख्या में किसान नेता हरदोई-लखीमपुर बॉर्डर स्थित जतन गंज पुल पर पांच दिन से धरना दे रहे थे। हरदोई की शाहाबाद और लखीमपुरखीरी की मितौली तहसील के एसडीएम और तहसीलदार दो बार प्रदर्शनकारियों से मिलने धरनास्थल पर पहुंचे। लेकिन किसान दोनों जनपदों के जिलाधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे।
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आखिरकार बीते 15 अगस्त को किसान नेताओं ने गोमती नदी में ध्वजारोहण के साथ ही जल सत्याग्रह शुरू कर दिया। स्थिति तब बिगड़ गई जब 30 घंटे से पानी में प्रदर्शन कर रहे किसानों की हालत बिगड़ने लगे। दो किसान बेहोश हो गए, जिन्हें पानी से निकालकर बाहर लिटाया गया। किसानों ने मुख्यमंत्री को ट्वीट कर दिया। सोशल मीडिया पर फोटो वायरल होने लगे। इसकी खबर मिलते ही शासन-प्रशासन में खलबली मच गई। ट्वीट के बाद अपर जिलाधिकारी खीरी व हरदोई मौके पर पहुंचे। उन्होंने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद जल सत्याग्रह वापस लिया गया।
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किसान नेताओं ने लगाया अनदेखी का आरोप
भारतीय किसान यूनियन के नेताओं ने प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाया, कहा प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी के चलते पांच दिन तक धरना प्रदर्शन करने पर मजबूर होना पड़ा।

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यह हैं किसानों की मांगें
भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) अवध की मांग है कि नियम विरुद्ध संचालित बरनाला फार्म से निकली मक्खियों से राहत दिलाई जाए। अब्बासपुर ग्राम पंचायत के डंडोरा गांव में बीयर फैक्टरी लगने से भविष्य में जल की कमी व जल दूषित होने की आशंका के चलते इसे रोका जाए। गन्ना बकाया भुगतान शीघ्र कराया जाए। लावारिस गोवंश से छुटकारा दिलाया जाए। मितौली तहसील के भ्रष्टाचारी पांच कोटेदारों पर कार्रवाई हो, बिजली व्यवस्था में भी सुधार की जाए। संवाद
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