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नए कृषि कानूनों का विरोध: ट्रैक्टर ट्रॉलियों से निकले किसानों ने दिखाया दम
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गोला (लखीमपुर खीरी) में निकल रही किसानों की ट्रैक्टर रैली। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
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लखीमपुर खीरी। तीन कृषि कानूनों के विरोध में जनपद के किसान आंदोलित हैं। जहां एक ओर जनपद के कुछ किसान दिल्ली में चल रहे आंदोलन में शामिल होकर कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं वहीं, गुरुवार को जिले के अलग-अलग हिस्सों में ट्रैक्टर ट्रॉलियों से निकले सैकड़ों किसानों ने शक्ति प्रदर्शन पर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान किसानों ने एक बार फिर नए कृषि कानूनों को नुकसानदायक बताते हुए सरकार से उन्हें वापस लिए जाने की मांग की। इधर, गोला और पलिया के किसानों पर प्रशासन के समझाने का कोई असर नहीं हुआ और वह ट्रैक्टर ट्रॉलियों से दिल्ली की ओर रवाना हो गए।
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निघासन: किसानों ने सौंपा ज्ञापन
निघासन। करीब दो हजार किसानों ने सैकड़ों ट्रॉलियों में सवार होकर सड़क पर अपना दम दिखाया। तिकुनियां से करीब दो सौ ट्रैक्टरों पर सवार किसानों को देखकर प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। तिकुनियां, सिंगाही, बम्हनपुर, ढखेरवा और झंडी आदि स्थानों से ट्रैक्टर, बाइक और चार पहिया वाहनों से आए दो हजार से अधिक किसानों ने एकजुट होकर पीडब्लूडी गेस्ट हाउस के पास एसडीएम ओपी गुप्ता को पांच सूत्री ज्ञापन सौंपा। इस दौरान पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में अपर पुलिस अधीक्षक, सीओ और प्रभारी निरीक्षक मुस्तैद रहे। सिंगाही और ढखेरवा रोड समेत अन्य बड़े वाहनों के कस्बे के अंदर प्रवेश पर लगी पाबंदी से जाम जैसी स्थिति बन गई।
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गोला: किसानों का दिखाया गुस्सा
गोला गोकर्णनाथ। किसानों ने सैकड़ों ट्रैक्टरों के साथ कृषि कानून वापस लेने की मांग करते हुए नगर में नारेबाजी करते हुए रैली निकाली। गुरुवार सुबह 11 बजे अलीगंज से गोला तहसील के लिए किसान सैकड़ों ट्रैक्टरों की रैली लेकर निकले, जिससे ट्रैक्टरों की करीब डेढ़ किमी लंबी रैली से नगर में जाम लग गया। अधिकारियों ने पहले रास्ते में किसानों को रोककर उनकी बात सुननी चाही, लेकिन किसान नहीं माने तो आनन-फानन में अधिकारी तहसील पहुंचे। जहां किसानों ने एसडीएम अखिलेश यादव को तीन सूत्री ज्ञापन सौंपा। वहीं दूसरी ओर राकिमसं के आईटी सेल जिलाध्यक्ष अंजनी दीक्षित को हैदराबाद पुलिस ने उनके शेरपुर स्थित आवास पर नजरबंद रखा। इसके अलावा किसानों पर नजर रखने के लिए अमीरनगर के गोमती मोड़ पर पुलिस तैनात रही।
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कुकरा। पहाड़पुर ग्राम पंचायत स्थित श्री गुरु नानक इंटर कॉलेज में जुटे किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए एसडीएम अखिलेश यादव, सीओ आरके वर्मा ने हर संभव कोशिश की लेकिन फिर भी किसान नहीं माने और ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर गोला की ओर चले गए। बेहजम। थाना नीमगांव चौकी क्षेत्र की ग्राम पंचायत भूलनपुर से दर्जनों ट्रैक्टरों का काफिला जय जवान जय किसान करते हुए निकला। किसानों ने कृषि कानूनों के खिलाफ एसडीएम मितौली को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही।
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चपरतला: निजी वाहनों से निकले किसान
चपरतला। तहसील मितौली के मैगलगंज क्षेत्र से शुक्लापुर, चौगानपुर और इसनापुर से दर्जनों किसान निजी वाहनों से दिल्ली के लिए रवाना हो गए। ट्रैक्टर ट्रॉली पर रोक की वजह से किसान निजी वाहनों से दिल्ली पहुंच रहे हैं। सुखमन सिंह, भूपेंद्र सिंह चीमा, सुखबीर सिंह, शमशेर सिंह शेरा, सिमरनजीत आदि तमाम किसान दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
मितौली-खीरी। कृषि कानूनों के खिलाफ गुरुवार को सैकड़ों किसानों ने एसडीएम मितौली को ज्ञापन दिया। किसानों को रोकने के लिए सुबह से चौराहों पर पुलिस लगी रही। ट्रॉलियों पर तिरंगा झंडा लगाए किसान तहसील मुख्यालय पहुंचने के पहले ही कस्ता में रोक लिए गए। काफी समझाने के बाद किसानों ने रास्ते मे एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। किसानों को रोकेने के लिए पुलिस प्रशासन ने बेहजम, कस्ता व मितौली में नाकेबंदी कर दी थी लेकिन दिन में 11 बजे किसान जब ट्रैक्टर पर तिरंगा झंडा लेकर निकले तो पुलिस भी उनके साथ साथ निकल पड़ी। जैसे ही किसान कस्ता पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। इस दौरान किसानों व पुलिस में हल्की झड़प भी हुई। काफी समझाने के बाद किसान कस्ता में ही एसडीएम को ज्ञापन देने पर राजी हुए।
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पलिया: पूरे शहर में घूमा ट्रैक्टरों का काफिला
पलियाकलां। दुधवा तिराहे पर सुबह से ही ट्रैक्टरों के साथ किसानों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। दोपहर डेढ़ बजे के बाद भारी पुलिस बल के बीच किसानों की ट्रैक्टर रैली नारेबाजी के साथ दुधवा तिराहे से शुरू हुई। जो शहर की संपूर्णानगर रोड, स्टेशन रोड, भीरा रोड, बाईपास रोड होते हुए मंडी समिति स्थल पर पहुंची। यहां किसानों के संयुक्त मोर्चों ने एसडीएम को ज्ञापन दिया।
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अखिल भारतीय किसान महासभा ने किया प्रदर्शन
किसानों के धरना प्रदर्शन में समर्थन देने अखिल भारतीय किसान महासभा, भाकपा माले, ऐपवा आदि संगठनों ने समर्थन देते हुए प्रदर्शन किया और जुलूस में शामिल होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। एसडीएम को ज्ञापन भी दिया ।
हाल ही में घोषित किए गए पलिया विधानसभा से प्रत्याशी पूर्व दिवंगत विधायक निरवेंद्र कुमार मिश्र मुन्ना के पुत्र संजीव कुमार मिश्र भी समर्थकों के साथ किसानों के समर्थन में पहुंचे और कानून वापस लेने की मांग की।
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किसानों ने कहा-झुकने का सवाल ही नहीं
किसान बक्शीश सिंह ने कहा कि किसानों को झुकाने का प्रयास सरकार कितना भी कर ले, लेकिन जब तक मांगे पूरी नहीं होंगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा। किसानों को रोकने के लिए प्रदेश सरकार ने शासन-प्रशासन को लगा दिया है, लेकिन वह मानने वाले नहीं है।
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किसान ज्ञान सिंह ने कहा कि किसानों पर दबाव बनाने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी जोर आजमाइश कर रहा है। किसानों की जिद के आगे प्रशासन लाचार दिख रहा है।
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जसपाल सिंह पल्ला ने कहा कि कृषि बिल के माध्यम से किसानों को सरकार छलने का काम कर रही है। यह लड़ाई सिर्फ सिख समुदाय की नहीं है। यह लड़ाई देश के किसानों की है। जब अन्नदाता किसान ही देश में सुरक्षित नहीं रहेगा तो आम आदमी की हालत कैसी होगी इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
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किसान गोविंदर सिंह ने कहा कि धान, गेहूं की तौल में धांधली चरम पर है। गन्ने का भुगतान न मिलने से किसान परेशान हैं। केंद्र सरकार का 10 दिनों के अंदर भुगतान करने का वायदा खोखला साबित हो रहा है। किसान की सुनने वाला कोई नहीं है।
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निघासन: किसानों ने सौंपा ज्ञापन
निघासन। करीब दो हजार किसानों ने सैकड़ों ट्रॉलियों में सवार होकर सड़क पर अपना दम दिखाया। तिकुनियां से करीब दो सौ ट्रैक्टरों पर सवार किसानों को देखकर प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। तिकुनियां, सिंगाही, बम्हनपुर, ढखेरवा और झंडी आदि स्थानों से ट्रैक्टर, बाइक और चार पहिया वाहनों से आए दो हजार से अधिक किसानों ने एकजुट होकर पीडब्लूडी गेस्ट हाउस के पास एसडीएम ओपी गुप्ता को पांच सूत्री ज्ञापन सौंपा। इस दौरान पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में अपर पुलिस अधीक्षक, सीओ और प्रभारी निरीक्षक मुस्तैद रहे। सिंगाही और ढखेरवा रोड समेत अन्य बड़े वाहनों के कस्बे के अंदर प्रवेश पर लगी पाबंदी से जाम जैसी स्थिति बन गई।
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गोला: किसानों का दिखाया गुस्सा
गोला गोकर्णनाथ। किसानों ने सैकड़ों ट्रैक्टरों के साथ कृषि कानून वापस लेने की मांग करते हुए नगर में नारेबाजी करते हुए रैली निकाली। गुरुवार सुबह 11 बजे अलीगंज से गोला तहसील के लिए किसान सैकड़ों ट्रैक्टरों की रैली लेकर निकले, जिससे ट्रैक्टरों की करीब डेढ़ किमी लंबी रैली से नगर में जाम लग गया। अधिकारियों ने पहले रास्ते में किसानों को रोककर उनकी बात सुननी चाही, लेकिन किसान नहीं माने तो आनन-फानन में अधिकारी तहसील पहुंचे। जहां किसानों ने एसडीएम अखिलेश यादव को तीन सूत्री ज्ञापन सौंपा। वहीं दूसरी ओर राकिमसं के आईटी सेल जिलाध्यक्ष अंजनी दीक्षित को हैदराबाद पुलिस ने उनके शेरपुर स्थित आवास पर नजरबंद रखा। इसके अलावा किसानों पर नजर रखने के लिए अमीरनगर के गोमती मोड़ पर पुलिस तैनात रही।
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कुकरा। पहाड़पुर ग्राम पंचायत स्थित श्री गुरु नानक इंटर कॉलेज में जुटे किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए एसडीएम अखिलेश यादव, सीओ आरके वर्मा ने हर संभव कोशिश की लेकिन फिर भी किसान नहीं माने और ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर गोला की ओर चले गए। बेहजम। थाना नीमगांव चौकी क्षेत्र की ग्राम पंचायत भूलनपुर से दर्जनों ट्रैक्टरों का काफिला जय जवान जय किसान करते हुए निकला। किसानों ने कृषि कानूनों के खिलाफ एसडीएम मितौली को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही।
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चपरतला: निजी वाहनों से निकले किसान
चपरतला। तहसील मितौली के मैगलगंज क्षेत्र से शुक्लापुर, चौगानपुर और इसनापुर से दर्जनों किसान निजी वाहनों से दिल्ली के लिए रवाना हो गए। ट्रैक्टर ट्रॉली पर रोक की वजह से किसान निजी वाहनों से दिल्ली पहुंच रहे हैं। सुखमन सिंह, भूपेंद्र सिंह चीमा, सुखबीर सिंह, शमशेर सिंह शेरा, सिमरनजीत आदि तमाम किसान दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
मितौली-खीरी। कृषि कानूनों के खिलाफ गुरुवार को सैकड़ों किसानों ने एसडीएम मितौली को ज्ञापन दिया। किसानों को रोकने के लिए सुबह से चौराहों पर पुलिस लगी रही। ट्रॉलियों पर तिरंगा झंडा लगाए किसान तहसील मुख्यालय पहुंचने के पहले ही कस्ता में रोक लिए गए। काफी समझाने के बाद किसानों ने रास्ते मे एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। किसानों को रोकेने के लिए पुलिस प्रशासन ने बेहजम, कस्ता व मितौली में नाकेबंदी कर दी थी लेकिन दिन में 11 बजे किसान जब ट्रैक्टर पर तिरंगा झंडा लेकर निकले तो पुलिस भी उनके साथ साथ निकल पड़ी। जैसे ही किसान कस्ता पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। इस दौरान किसानों व पुलिस में हल्की झड़प भी हुई। काफी समझाने के बाद किसान कस्ता में ही एसडीएम को ज्ञापन देने पर राजी हुए।
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पलिया: पूरे शहर में घूमा ट्रैक्टरों का काफिला
पलियाकलां। दुधवा तिराहे पर सुबह से ही ट्रैक्टरों के साथ किसानों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। दोपहर डेढ़ बजे के बाद भारी पुलिस बल के बीच किसानों की ट्रैक्टर रैली नारेबाजी के साथ दुधवा तिराहे से शुरू हुई। जो शहर की संपूर्णानगर रोड, स्टेशन रोड, भीरा रोड, बाईपास रोड होते हुए मंडी समिति स्थल पर पहुंची। यहां किसानों के संयुक्त मोर्चों ने एसडीएम को ज्ञापन दिया।
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अखिल भारतीय किसान महासभा ने किया प्रदर्शन
किसानों के धरना प्रदर्शन में समर्थन देने अखिल भारतीय किसान महासभा, भाकपा माले, ऐपवा आदि संगठनों ने समर्थन देते हुए प्रदर्शन किया और जुलूस में शामिल होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। एसडीएम को ज्ञापन भी दिया ।
हाल ही में घोषित किए गए पलिया विधानसभा से प्रत्याशी पूर्व दिवंगत विधायक निरवेंद्र कुमार मिश्र मुन्ना के पुत्र संजीव कुमार मिश्र भी समर्थकों के साथ किसानों के समर्थन में पहुंचे और कानून वापस लेने की मांग की।
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किसानों ने कहा-झुकने का सवाल ही नहीं
किसान बक्शीश सिंह ने कहा कि किसानों को झुकाने का प्रयास सरकार कितना भी कर ले, लेकिन जब तक मांगे पूरी नहीं होंगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा। किसानों को रोकने के लिए प्रदेश सरकार ने शासन-प्रशासन को लगा दिया है, लेकिन वह मानने वाले नहीं है।
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किसान ज्ञान सिंह ने कहा कि किसानों पर दबाव बनाने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी जोर आजमाइश कर रहा है। किसानों की जिद के आगे प्रशासन लाचार दिख रहा है।
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जसपाल सिंह पल्ला ने कहा कि कृषि बिल के माध्यम से किसानों को सरकार छलने का काम कर रही है। यह लड़ाई सिर्फ सिख समुदाय की नहीं है। यह लड़ाई देश के किसानों की है। जब अन्नदाता किसान ही देश में सुरक्षित नहीं रहेगा तो आम आदमी की हालत कैसी होगी इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
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किसान गोविंदर सिंह ने कहा कि धान, गेहूं की तौल में धांधली चरम पर है। गन्ने का भुगतान न मिलने से किसान परेशान हैं। केंद्र सरकार का 10 दिनों के अंदर भुगतान करने का वायदा खोखला साबित हो रहा है। किसान की सुनने वाला कोई नहीं है।