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जलियांवाला बाग कांड से कम नहीं थी तिकुनिया हिंसा
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लखीमपुर खीरी। एक्टिविस्ट और स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेंद्र यादव भी संयुक्त किसान मोर्चा के धरने में शामिल होने राजापुर मंडी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मीडिया और मंच से बात करते हुए कहा कि पिछले साल तीन अक्तूबर को तिकुनिया में जो हुआ वह किसी जलियांवाला बाग कांड से कम नहीं था।
उन्होंने कहा कि तिकुनिया हिंसा कांड के मुख्य सूत्रधार केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी हैं। पहले से ही कई मामलों में उन पर केस दर्ज हैं लेकिन भाजपा उनकी जांच नहीं करवा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों की भलाई के लिए शुरू विशाल धरना-प्रदर्शन में अगले तीन दिन 21 अगस्त तक इस महाकुंभ में देश से हजारों हजार किसान लखीमपुर पहुंच रहे हैं।
योगेंद्र यादव ने कहा कि मृतक किसानों के परिवार वालों ने जो एफआईआर लिखवाई, उसमें टेनी का दो दो बार नाम है, लेकिन फिर भी उन पर साजिश के तहत 120 बी की धारा नहीं लगाई गई। शिकायतकर्ता ने साफ लिखा कि टेनी के इशारे पर सारी घटना हुई। उन्होंने तिकुनिया हिंसा मामले में संयुक्त किसान मोर्चा की भूमिका पर कहा कि संगठन की पहल पर ही मंत्री पुत्र आशीष मिश्र की जमानत रद्द करवाई गई। उन्होंने कहा कि हम कोर्ट से कहें की वह पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दे, इससे अच्छा है कि सरकार सीधे पुलिस को एफआईआर करवाने के निर्देश दे।
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सरकार कर रही पक्षपात, अपने मंत्री को बचा रही
लखीमपुर खीरी। योगेंद्र यादव ने केंद्र की भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि तीस्ता सीतलवाड़ के मामले में कोर्ट के बयान को आधार बनाकर सरकार कार्रवाई कर देती है लेकिन टेनी के संबंध में कोर्ट के बयान को सरकार नजर अंदाज कर देती है, जिसमें कोर्ट ने कहा था कि टेनी के सम्पूर्णानगर में दिए बयान ने उकसाने का काम किया था, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ प्रदर्शन करने वालों को देख लेने की धमकी दी थी।
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उन्होंने कहा कि तिकुनिया हिंसा कांड के मुख्य सूत्रधार केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी हैं। पहले से ही कई मामलों में उन पर केस दर्ज हैं लेकिन भाजपा उनकी जांच नहीं करवा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों की भलाई के लिए शुरू विशाल धरना-प्रदर्शन में अगले तीन दिन 21 अगस्त तक इस महाकुंभ में देश से हजारों हजार किसान लखीमपुर पहुंच रहे हैं।
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योगेंद्र यादव ने कहा कि मृतक किसानों के परिवार वालों ने जो एफआईआर लिखवाई, उसमें टेनी का दो दो बार नाम है, लेकिन फिर भी उन पर साजिश के तहत 120 बी की धारा नहीं लगाई गई। शिकायतकर्ता ने साफ लिखा कि टेनी के इशारे पर सारी घटना हुई। उन्होंने तिकुनिया हिंसा मामले में संयुक्त किसान मोर्चा की भूमिका पर कहा कि संगठन की पहल पर ही मंत्री पुत्र आशीष मिश्र की जमानत रद्द करवाई गई। उन्होंने कहा कि हम कोर्ट से कहें की वह पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दे, इससे अच्छा है कि सरकार सीधे पुलिस को एफआईआर करवाने के निर्देश दे।
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सरकार कर रही पक्षपात, अपने मंत्री को बचा रही
लखीमपुर खीरी। योगेंद्र यादव ने केंद्र की भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि तीस्ता सीतलवाड़ के मामले में कोर्ट के बयान को आधार बनाकर सरकार कार्रवाई कर देती है लेकिन टेनी के संबंध में कोर्ट के बयान को सरकार नजर अंदाज कर देती है, जिसमें कोर्ट ने कहा था कि टेनी के सम्पूर्णानगर में दिए बयान ने उकसाने का काम किया था, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ प्रदर्शन करने वालों को देख लेने की धमकी दी थी।