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खीरी की बेटियों ने फतह की यूरोप की सबसे ऊंची एल्ब्रुस की चोटी

Sun, 24 Jul 2022 11:30 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 24 Jul 2022 11:30 PM IST
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Kheri's daughters conquer Europe's highest peak of Elbrus
आकांक्षा और अंजलि।
उम्मीद की मसाल का लोगो लगेगा....
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22 एलकेएच 01, 02, 03
खीरी की बेटियों ने फतह की यूरोप की सबसे ऊंची एल्ब्रुस की चोटी
- अब दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर पहुंचने का बनाया लक्ष्य
- पर्वतारोहण में दिलचस्पी की वजह से नैनीताल में
संवाद न्यूज एजेंसी
लखीमपुर खीरी। शहर की दो बेटियां पहाड़ों की बुलंदियां छू रही हैं। मोहल्ला शाहपुरा कोठी की रहने वाली दो सगी बहनों ने नौ माह पहले यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस को फतह किया है। अब उन्होंने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह करने का लक्ष्य बनाया है।
मोहल्ला शाहपुरा कोठी निवासी दिनेश चतुर्वेदी की बेटियां अंजली (22) और आकांक्षा (16) पढ़ाई के सिलसिले में नैनीताल में रह रही हैं। शिक्षा के लिए नैनीताल का चयन भी इन बेटियों ने महज इसलिए किया कि पहाड़ों पर रहकर वह पर्वतारोहण का अभ्यास कर सकें। पर्वतारोहण की प्रेरणा इन्हें अपने पिता दिनेश चतुर्वेदी से मिली है। हालांकि अब वह पर्वतारोहण छोड़कर अपना व्यापार संभाल रहे हैं। मां सुधा चतुर्वेदी को भी पर्वतारोहण का शौक है।
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करीब नौ माह पहले आठ अक्तूबर 2021 को अंजली और आकांक्षा के ग्रुप ने रूस में यूरोप की 5642 मीटर ऊंची पहाड़ की चोटी पर चढ़ाई पूरी की है। इस ग्रुप में गाइड समेत कुल पांच पर्वतारोही थे। इनमें अंजली और उनकी बहन आकांक्षा भी शामिल थीं, जबकि दो सदस्य अन्य देशों के थे। आकांक्षा ने करीब तीन माह पहले 30 अप्रैल 2022 को नेपाल के इजलैंड चोटी पर पहुंचने में सफलता प्राप्त की है। इस इजलैंड को स्थानीय भाषा में इमजा कहते हैं। यह पर्वत सागरमाथा नेशनल पार्क में है, जो एवरेस्ट क्षेत्र में है। वे कहती हैं कि जब भी वह अपने अभियान पर निकलती हैं, उनके मन में अपने शहर, जिले और देश का नाम रोशन करने का लक्ष्य रहता है।
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अंजली बताती हैं कि उनकी बहन आकांक्षा एक साल पहले 23 अगस्त 2021 को लद्दाख की 6250 मीटर ऊंची कांगयात्से - 02 चोटी पर चढ़कर एक बड़ी उपलब्धि अपने नाम दर्ज करा चुकी है। अंजली का कहना है पापा की प्रेरणा से उत्तराखंड में रहते हुए पर्वतारोहण का शौक लगा। पहले छोटे-छोटे पहाड़ों पर चढ़कर स्वत: प्रशिक्षण लिया। इसके बाद अधिक ऊंची चोटियों को अपना लक्ष्य बनाया। इसके लिए वे प्रशिक्षण ले रही हैं। वे कहती हैं कि लगन और हौसला हो तो किसी भी बुलंदी पर आसानी से पहुंचा जा सकता है।

उनका कहना है कि उनका लक्ष्य दुनिया की सबसे ऊंची माउंट एवरेस्ट चोटी को फतह करने का है। पहाड़ की ऊंची चोटियों पर चढ़कर बुलंदियां छूने का अहसास होता है। अंजली स्नातक करने के बाद अब पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल करने के लिए ब्रिटेन जा रही हैं, जबकि आकांक्षा अभी 10वीं कक्षा में है।
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