फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Lok Sabha Election 2024 Kheri Lok Sabha seat Verma family held for 35 years

Lok Sabha Election 2024: खीरी लोकसभा सीट पर 35 साल तक वर्मा परिवार का रहा कब्जा, पढ़ें चुनावी इतिहास

Fri, 22 Mar 2024 03:47 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Published by: बरेली ब्यूरो Updated Fri, 22 Mar 2024 03:47 PM IST
सार

लखीमपुर खीरी जिले की खीरी लोकसभा सीट काफी रोचक रही है। इस सीट पर वर्मा परिवार का 35 साल तक कब्जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि इसी सीट से पिता, मां और बेटा तीनों सांसद बने, एक दो नहीं... तीन-तीन बार। राजनीति से जुड़े लोग तो यह कहते हैं कि ऐसा प्रदेश में कहीं नहीं हुआ।
 

विज्ञापन
Lok Sabha Election 2024 Kheri Lok Sabha seat Verma family held for 35 years
बाल गोविंद वर्मा, ऊषा वर्मा , रवि प्रकाश वर्मा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

खीरी लोकसभा सीट पर वर्ष 1952 में पहला चुनाव हुआ था। तब रामेश्वर प्रसाद नेवटिया सांसद बने। इसके बाद 1956 में दूसरे चुनाव में कुंवर खुशवक्त राय चुने गए थे। तीसरे चुनाव 1962 में बाल गोविंद वर्मा ने कांग्रेस से चुनाव लड़ा और प्रसोपा के कु. खुशवक्त राय को हराकर चुनाव जीता। इसके बाद उन्होंने लगातार तीन बार चुनाव जीता। 1977 तक सांसद की कुर्सी पर विराजमान रहे। वर्ष 1977 में जब फिर चुनाव हुए तो बाल गोविंद को जनता पार्टी के प्रत्याशी सूरत बहादुर ने हरा दिया। 

विज्ञापन


इसके बाद अगला चुनाव 1980 में हुआ, जिसमें एक बार फिर से बाल गोविंद वर्मा ने किस्मत अजमाई और जनता पार्टी के सूरत बहादुर शाह को हराकर सांसद बने, लेकिन दुर्भाग्य यह रहा है कि शपथ ग्रहण से पूर्व ही उनका देहांत हो गया। ऐसे में 1980 में इस सीट पर हुए उपचुनाव में बाल गोविंद की पत्नी ऊषा वर्मा चुनाव मैदान में उतरीं और जनता पार्टी के डॉ. जय शंकर बाजपेई को पराजित कर इस सीट की पहली महिला सांसद बनीं। इसके बाद वह लगातार तीन बार चुनाव जीतीं। वर्ष 1991 के चुनाव में ऊषा वर्मा ने फिर से किस्मत अजमाई, लेकिन भाजपा उम्मीदवार गेंदनलाल कनौजिया ने इनको हरा दिया। गेंदनलाल दो बार सांसदी का चुनाव जीते। 
विज्ञापन


Budaun Case: आयुष और अहान के निर्मम कत्ल का खुला राज, लेकिन इन सवालों के अब तक नहीं मिले जवाब; पढ़ें
विज्ञापन
विज्ञापन


पिता स्व. बाल गोविंद, मां ऊषा वर्मा के तीन-तीन बार संसद बनने के बाद उनके बेटे रवि प्रकाश वर्मा की राजनीति में एंट्री हुई। 1998 में बेटे रवि प्रकाश वर्मा ने सपा सीट से लोकसभा चुनाव लड़ा। पहले ही प्रयास में चुनाव जीतकर संसद पहुंच गए, लेकिन अगले ही साल 1999 में किसी वजह से लोकसभा भंग हो गई। ऐसे में 1999 में फिर से चुनाव हुआ और उसमें फिर से रवि प्रकाश वर्मा जीत गए। 2004 के चुनाव में रवि प्रकाश वर्मा ने तीसरी बार चुनाव जीता। जब 2009 में लोकसभा सीट पर चुनाव हुआ तो चौथी बार में हार गए। वर्ष 2009 के चुनाव में जफर अली नकवी ने कांग्रेस से चुनाव जीता था। 

 

खीरी संसदीय सीट का हाल
विधानसभा                पुरुष              महिला            थर्ड जेंडर         कुल
पलिया                   193321         173018                 4            366343
निघासन                 188373         162933                 0            351306
गोला गोकर्णनाथ      211418          190917                24           402359
श्रीनगर                   173998         152150                 4             326152
लखीमपुर                220534         195765                10            416309
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed