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Lakhimpur Kheri News: बदहाल की गिरफ्त में खखरा गांव का मिनी स्टेडियम
Wed, 07 Jan 2026 11:19 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 07 Jan 2026 11:19 PM IST
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स्टेडियम रूम की टूटी खिलड़ी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी मैगलगंज। खखरा गांव में वर्ष 2007 में बना मिनी स्टेडियम बदहाली की गिरफ्त में है। स्टेडियम के अंदर की फर्श जगह-जगह से टूट चुकी है। शौचालय बेकार पड़े हैं। चारों ओर झाड़ियां उग आई हैं। इससे खिलाड़ियों को खेल के लिए बेहतर मंच व प्रोत्साहन नहीं मिल पा रहा है।
खेल उपकरणों की स्थिति भी दयनीय है। अधिकांश उपकरण भी नहीं हैं। जो हैं भी, वे टूट चुके हैं। ऐसे में यहां अभ्यास करना खिलाड़ियों के लिए सुविधा नहीं, बल्कि एक बड़ी चुनौती बन गया है।
स्टेडियम की देखरेख के लिए तीन पीआरडी जवानों की तैनाती की गई है, जो आठ-आठ घंटे की ड्यूटी भी करते हैं। खिलाड़ियों ने मांग की है कि स्टेडियम की साफ-सफाई, मरम्मत और खेल उपकरण व्यवस्था कराई जाए, ताकि मैगलगंज के उभरते खिलाड़ी अपने हुनर को निखार सकें।
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रोज अभ्यास के लिए आते हैं लेकिन टूटी फर्श और गंदगी के कारण मन से खेल नहीं पाते हैं। चोट लगने का खतरा बना रहता है।
-शिशिर गुप्ता, खिलाड़ी
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स्टेडियम सिर्फ नाम का रह गया है। न ठीक से मैदान है और न खेलने का सामान। अगर सुविधाएं होतीं तो हम भी पहचान बना सकते।
लालू प्रजापति, खिलाड़ी
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सरकार खेलों को बढ़ावा देने की बात करती है लेकिन जमीनी हालात बिल्कुल उलट हैं। यहां आकर लगता है कि खिलाड़ियों की कोई सुनने वाला नहीं।
-कृष्णा मौर्या, खिलाड़ी
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मैगलगंज क्षेत्र के खिलाडि़यों के पास प्रतिभा है लेकिन संसाधनों की कमी रास्ता रोक रही है। सुधार नहीं हुआ तो कई खिलाड़ी मैदान छोड़ देंगे।
-अभिजीत शुक्ला, खिलाड़ी
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स्टेडियम से संबंधित फंड खंड विकास अधिकारी के पास रहता है। उनके जरिये मिनी स्टेडियम का कायाकल्प किया जाना चाहिए। इसके लिए बीडीओ को निर्देशित करेंगे।
-मधुसूदन गुप्ता, एसडीएम मितौली
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खेल उपकरणों की स्थिति भी दयनीय है। अधिकांश उपकरण भी नहीं हैं। जो हैं भी, वे टूट चुके हैं। ऐसे में यहां अभ्यास करना खिलाड़ियों के लिए सुविधा नहीं, बल्कि एक बड़ी चुनौती बन गया है।
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स्टेडियम की देखरेख के लिए तीन पीआरडी जवानों की तैनाती की गई है, जो आठ-आठ घंटे की ड्यूटी भी करते हैं। खिलाड़ियों ने मांग की है कि स्टेडियम की साफ-सफाई, मरम्मत और खेल उपकरण व्यवस्था कराई जाए, ताकि मैगलगंज के उभरते खिलाड़ी अपने हुनर को निखार सकें।
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रोज अभ्यास के लिए आते हैं लेकिन टूटी फर्श और गंदगी के कारण मन से खेल नहीं पाते हैं। चोट लगने का खतरा बना रहता है।
-शिशिर गुप्ता, खिलाड़ी
स्टेडियम सिर्फ नाम का रह गया है। न ठीक से मैदान है और न खेलने का सामान। अगर सुविधाएं होतीं तो हम भी पहचान बना सकते।
लालू प्रजापति, खिलाड़ी
सरकार खेलों को बढ़ावा देने की बात करती है लेकिन जमीनी हालात बिल्कुल उलट हैं। यहां आकर लगता है कि खिलाड़ियों की कोई सुनने वाला नहीं।
-कृष्णा मौर्या, खिलाड़ी
मैगलगंज क्षेत्र के खिलाडि़यों के पास प्रतिभा है लेकिन संसाधनों की कमी रास्ता रोक रही है। सुधार नहीं हुआ तो कई खिलाड़ी मैदान छोड़ देंगे।
-अभिजीत शुक्ला, खिलाड़ी
स्टेडियम से संबंधित फंड खंड विकास अधिकारी के पास रहता है। उनके जरिये मिनी स्टेडियम का कायाकल्प किया जाना चाहिए। इसके लिए बीडीओ को निर्देशित करेंगे।
-मधुसूदन गुप्ता, एसडीएम मितौली

स्टेडियम रूम की टूटी खिलड़ी। संवाद

स्टेडियम रूम की टूटी खिलड़ी। संवाद

स्टेडियम रूम की टूटी खिलड़ी। संवाद

स्टेडियम रूम की टूटी खिलड़ी। संवाद

स्टेडियम रूम की टूटी खिलड़ी। संवाद

स्टेडियम रूम की टूटी खिलड़ी। संवाद