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करवाचौथ को लेकर चमका बाजार..साड़ी और शृंगार की दुकानों पर महिलाओं की भीड़
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पूजा के लिए करवा खरीदती महिलाएं। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
लखीमपुर खीरी। करवाचौथ की रौनक बाजारों में दिखने लगी है। साड़ियों और शृंगार की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ लग रही है। महिलाएं इस बार सिल्क एवं हल्के काम वाली शिफोन साड़ियां और लांछा अधिक पसंद कर रहीं हैं। इसके अलावा रेडीमेड सूट और लहंगे भी खरीद रहीं हैं।
करवा चौथ चार नवंबर को है। एक हफ्ता पहले से महिलाओं ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। उनमें खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। खरीदारी के लिए महिलाएं बाजार पहुंच रही हैं। बाजार में आईं नए लुक की साड़ियां महिलाओं को काफी पसंद आ रहीं हैं। प्लेन सूट, प्रिंटेड साड़ी, कढ़ाई वाली साड़ी, सूट व सितारा साड़ी सहित कई डिजायन की साड़ियां और सूट बाजार में उपलब्ध है।
शहर की खपरैल बाजार स्थित कपड़ा बाजार और सौंदर्य प्रसाधन की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ दिख रही है। खपरैल बाजार में स्थित कपड़ा दुकान मालिक राधेश्याम ने बताया कि साड़ी की डिमांड बढ़ी है। इनमें महिलाएं लांछा और सिल्क एवं हल्के काम वाली शिफोन साड़ी अधिक पसंद कर रही हैं। रेडीमेड सूट और लहंगे भी खरीद रही हैं। वह बताते हैं कि कोरोना के कारण पिछले साल की तुलना में इस साल ग्राहकों की फिलहाल संख्या कम है।
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350 से लेकर 500 रुपये तक है पूजन किट
दुकानदान संजय अरोरा ने बताया कि करवाचौथ के लिए कई डिजाइनों में लोटा, छलनी और प्लेट का सेट है। इनमें शीशा, गोटा आदि लगा है। इसकी कीमत 350 से लेकर 500 रुपये तक है। अलग से भी डिजायन की हुई छलनी बाजार में उपलब्ध हैं।
70 से लेकर 120 रुपये तक है करवा
विकास भवन के पास मिट्टी के बर्तन बेचने वाले रमेश कुमार ने बताया कि अभी करवा की कोई खास बिक्री नहीं हो रही है। उनके पास साधारण से लेकर डिजाइन वाला करवा भी है। डिजाइन वाले करवा में शीशा लगा हुआ है। इसकी कीमत 70 से लेकर 120 रुपये है।
पति की दीर्घायु एवं अखंड सौभाग्य का विशेष पर्व है करवा चौथ
गोला गोकर्णनाथ। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष चतुर्थी को होने वाले करवा चौथ पर्व पर सुहागिनें उपवास रखकर रात में उदय होते चंद्रमा को अर्घ्य देकर पति के दीर्घायु एवं अखंड सौभाग्य की कामना करतीं हैं।
त्योहारों पर कोरोना का ग्रहण लगा हुआ है। अपने आपको और परिवार को बचाते हुए त्योहार को मनाना है। भगवान भोलेनाथ और पार्वती जी की तरह सभी महिलाओं का करवा चौथ त्योहार सकुशल संपन्न हो। ऐसी भोलेनाथ से प्रार्थना है।
- मधु पटवारी, कुम्हारन टोला गोला
सुहागिनों के लिए करवा चौथ विशेष पर्व है। पूरे वर्ष भर इस त्योहार का इंतजार रहता है। इस वर्ष भी पहले की तरह त्योहार की तैयारी कर रही हूं।
-प्रीति गुप्ता
इस वर्ष त्योहारों की रौनक खत्म हो गई है, कोरोना ने खुशियों पर पानी फेर दिया है। सुहागिनों को अखंड सौभाग्य प्रदान करने वाले करवा चौथ का व्रत घर में ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा।
-माधुरी पुरवार, मुन्नूगंज गोला
घर परिवार की खुशहाली, पति और बच्चों से ही होती है। पति और बच्चों की प्रसन्नता से मन प्रसन्न हो जाता है। पति की दीर्घायु और अखंड सौभाग्य के लिए करवा चौथ का त्यौहार मनाया जाता है। कोरोना संकट काल का इस त्योहार पर कोई प्रभाव नहीं है।
-इंदु बंसल, लखीमपुर रोड गोला
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करवा चौथ चार नवंबर को है। एक हफ्ता पहले से महिलाओं ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। उनमें खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। खरीदारी के लिए महिलाएं बाजार पहुंच रही हैं। बाजार में आईं नए लुक की साड़ियां महिलाओं को काफी पसंद आ रहीं हैं। प्लेन सूट, प्रिंटेड साड़ी, कढ़ाई वाली साड़ी, सूट व सितारा साड़ी सहित कई डिजायन की साड़ियां और सूट बाजार में उपलब्ध है।
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शहर की खपरैल बाजार स्थित कपड़ा बाजार और सौंदर्य प्रसाधन की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ दिख रही है। खपरैल बाजार में स्थित कपड़ा दुकान मालिक राधेश्याम ने बताया कि साड़ी की डिमांड बढ़ी है। इनमें महिलाएं लांछा और सिल्क एवं हल्के काम वाली शिफोन साड़ी अधिक पसंद कर रही हैं। रेडीमेड सूट और लहंगे भी खरीद रही हैं। वह बताते हैं कि कोरोना के कारण पिछले साल की तुलना में इस साल ग्राहकों की फिलहाल संख्या कम है।
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350 से लेकर 500 रुपये तक है पूजन किट
दुकानदान संजय अरोरा ने बताया कि करवाचौथ के लिए कई डिजाइनों में लोटा, छलनी और प्लेट का सेट है। इनमें शीशा, गोटा आदि लगा है। इसकी कीमत 350 से लेकर 500 रुपये तक है। अलग से भी डिजायन की हुई छलनी बाजार में उपलब्ध हैं।
70 से लेकर 120 रुपये तक है करवा
विकास भवन के पास मिट्टी के बर्तन बेचने वाले रमेश कुमार ने बताया कि अभी करवा की कोई खास बिक्री नहीं हो रही है। उनके पास साधारण से लेकर डिजाइन वाला करवा भी है। डिजाइन वाले करवा में शीशा लगा हुआ है। इसकी कीमत 70 से लेकर 120 रुपये है।
पति की दीर्घायु एवं अखंड सौभाग्य का विशेष पर्व है करवा चौथ
गोला गोकर्णनाथ। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष चतुर्थी को होने वाले करवा चौथ पर्व पर सुहागिनें उपवास रखकर रात में उदय होते चंद्रमा को अर्घ्य देकर पति के दीर्घायु एवं अखंड सौभाग्य की कामना करतीं हैं।
त्योहारों पर कोरोना का ग्रहण लगा हुआ है। अपने आपको और परिवार को बचाते हुए त्योहार को मनाना है। भगवान भोलेनाथ और पार्वती जी की तरह सभी महिलाओं का करवा चौथ त्योहार सकुशल संपन्न हो। ऐसी भोलेनाथ से प्रार्थना है।
- मधु पटवारी, कुम्हारन टोला गोला
सुहागिनों के लिए करवा चौथ विशेष पर्व है। पूरे वर्ष भर इस त्योहार का इंतजार रहता है। इस वर्ष भी पहले की तरह त्योहार की तैयारी कर रही हूं।
-प्रीति गुप्ता
इस वर्ष त्योहारों की रौनक खत्म हो गई है, कोरोना ने खुशियों पर पानी फेर दिया है। सुहागिनों को अखंड सौभाग्य प्रदान करने वाले करवा चौथ का व्रत घर में ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा।
-माधुरी पुरवार, मुन्नूगंज गोला
घर परिवार की खुशहाली, पति और बच्चों से ही होती है। पति और बच्चों की प्रसन्नता से मन प्रसन्न हो जाता है। पति की दीर्घायु और अखंड सौभाग्य के लिए करवा चौथ का त्यौहार मनाया जाता है। कोरोना संकट काल का इस त्योहार पर कोई प्रभाव नहीं है।
-इंदु बंसल, लखीमपुर रोड गोला