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Lakhimpur Kheri News: महज दिखावा बनकर रह गई कंगारू मदर केयर यूनिट

Mon, 03 Mar 2025 11:28 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 03 Mar 2025 11:28 PM IST
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Kangaroo Mother Care Unit remained just a show
महिला अस्पताल में बनी कंगारू मदर यूनिट। संवाद
लखीमपुर खीरी। महिलाओं को समय से पहले प्रसव होने के मामले अब ज्यादा होते हैं। ऐसे में बच्चे की सुरक्षा व मां से बेहतर रिश्ते के लिए जिला महिला अस्पताल में करीब सात साल पहले कंगारू मदर केयर यूनिट का निर्माण कराया गया था। लाखों रुपये खर्च करने के बाद बनी इस यूनिट में स्टाफ की स्थायी तैनाती न होने से यहां सन्नाटा पसरा रहता है।
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पहले की अपेक्षा महिलाओं को अब समय से पहले प्रसव हो रहे हैं। समय से पहले प्रसव के बाद नवजात की जान को खतरा रहता है। अक्सर बच्चे को कई बीमारियां घेर लेती हैं। बच्चा सही से स्तनपान भी नहीं कर पाता है। बच्चे का शरीर ठंडा पड़ने लगता है। जन्म के बाद शिशु को मां का गाढ़ा पीला दूध चाहिए होता है, जिससे मां और बच्चे दोनों को ही फायदा पहुंचता है।
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इस तरह की परेशानियों को दूर करने के लिए जिला महिला अस्पताल में वर्ष 2017-18 में लाखों रुपये खर्च करने के बाद कंगारू मदर केयर यूनिट की स्थापना कराई गई थी। छह बेड में बनी यह यूनिट कुछ दिन तो सही चली, लेकिन बाद में स्टाफ की कमी के कारण यह यूनिट अपने उद्देश्यों पर खरी नहीं उतर पाई। सोमवार को भी कंगारू मदर केयर यूनिट में कोई जच्चा-बच्चा नहीं मिला और न ही स्टाफ मौजूद मिला।
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कंगारू मदर केयर यूनिट के फायदे
समय से पहले होने वाले बच्चों की जान को खतरा रहता है। इसलिए कंगारू मदर केयर यूनिट का निर्माण कराया गया था। बच्चों को त्वचा से त्वचा कांटेक्ट कराया जाता है। बच्चे अपनी माता के शरीर का स्पर्श पाकर अच्छे से विकास करते हैं। धीरे-धीरे यह बच्चे भी सामान्य बच्चे की तरह हो जाते हैं। इस प्रकार उनका शरीर भी गर्म रहता है। इससे बच्चे को निमोनिया के साथ मृत्यु का खतरा टल जाता है।


कंगारू यूनिट एसएनसीयू का ही एक हिस्सा है। इसके लिए पर्याप्त स्टाफ है। कंगारू यूनिट में बच्चे को किस तरह लिया जाता है, यह सिखाया जाता है। कभी-कभी यूनिट के बाहर भी परिजनों को बच्चों को लेने का तरीका बताया जाता है। - डॉ. ज्योति मेहरोत्रा, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल
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