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मयूर नृत्य और मां काली की झांकी ने सबका मन मोहा
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Mon, 17 Oct 2016 10:51 PM IST
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सांस्कृतिक कार्यक्रम
- फोटो : अमर उजाला
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देवी जागरण में कलाकारों ने किया मां का गुणगान
एतिहासिक दशहरा मेला के सांस्कृतिक मंच पर भव्य देवी जागरण का आयोजन किया गया। आरके म्यूजिकल ग्रुप के कलाकारों ने जगराते में मां का गुणगान किया। मुख्य अतिथि एडीएम उमेश नारायण पांडेय ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. इरा श्रीवास्तव और अधिशासी अधिकारी अवनींद्र कुमार ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिह्न देकर उन्हें सम्मानित किया।
दशहरा मेला के सांस्कृतिक मंच से प्रतिदिन कुछ समाजसेवियों का मंच से सम्मान करने के क्रम में राजेश दीक्षित, शक्ति प्रसाद और संगीतकार राजेंद्र प्रसाद तिवारी कंटक को सम्मानित किया गया। सचिन (जूनियर लक्खा) ने देवा हो देवा गणपति देवा तुम से बढ़कर कौन, करुणामयी, वरदायिनी, मां सरस्वती, मां सरस्वती। प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी तथा मैया का चोला है रंगदार जैसे सदाबहार गीत गाकर समां बांध दिया।
बांके विहारी और गोपियों की रासलीला तथा मयूर नृत्य की झांकी अत्यंत मनोहारी थी। राधाकृष्ण की होली और कृष्ण सुदामा की हाइटेक झांकी दर्शकों ने खूब सराही। मेरे प्रभु जानते हैं घट-घट की। बजाए जा तू प्यारे हनुमान चुटकी गाते हए वीरवर हनुमान जी की सिंदूरी छवि बहुत ही आकर्षक थी। सिंह वाहिनी दुर्गा द्वारा महिषासुर वध का दृश्य अत्यंत रोमांचकारी था। रण में कूद पड़ी महाकाली का सजीव झांकी दशकों के मर्म को छू गई। कार्यक्रम में मेला प्रभारी जितेंद्र सिंह, विनोद गुप्ता, मनोज गुप्ता, राज किशोर पांडेय प्रहरी, पीके अग्रवाल, डॉ. अजय पांडेय, बृजेश पांडेय, मनीष मिश्र, आचार्य संजय मिश्र आदि शहर के गण्यमान्य नागरिक मौजूद रहे।
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एतिहासिक दशहरा मेला के सांस्कृतिक मंच पर भव्य देवी जागरण का आयोजन किया गया। आरके म्यूजिकल ग्रुप के कलाकारों ने जगराते में मां का गुणगान किया। मुख्य अतिथि एडीएम उमेश नारायण पांडेय ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. इरा श्रीवास्तव और अधिशासी अधिकारी अवनींद्र कुमार ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिह्न देकर उन्हें सम्मानित किया।
दशहरा मेला के सांस्कृतिक मंच से प्रतिदिन कुछ समाजसेवियों का मंच से सम्मान करने के क्रम में राजेश दीक्षित, शक्ति प्रसाद और संगीतकार राजेंद्र प्रसाद तिवारी कंटक को सम्मानित किया गया। सचिन (जूनियर लक्खा) ने देवा हो देवा गणपति देवा तुम से बढ़कर कौन, करुणामयी, वरदायिनी, मां सरस्वती, मां सरस्वती। प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी तथा मैया का चोला है रंगदार जैसे सदाबहार गीत गाकर समां बांध दिया।
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बांके विहारी और गोपियों की रासलीला तथा मयूर नृत्य की झांकी अत्यंत मनोहारी थी। राधाकृष्ण की होली और कृष्ण सुदामा की हाइटेक झांकी दर्शकों ने खूब सराही। मेरे प्रभु जानते हैं घट-घट की। बजाए जा तू प्यारे हनुमान चुटकी गाते हए वीरवर हनुमान जी की सिंदूरी छवि बहुत ही आकर्षक थी। सिंह वाहिनी दुर्गा द्वारा महिषासुर वध का दृश्य अत्यंत रोमांचकारी था। रण में कूद पड़ी महाकाली का सजीव झांकी दशकों के मर्म को छू गई। कार्यक्रम में मेला प्रभारी जितेंद्र सिंह, विनोद गुप्ता, मनोज गुप्ता, राज किशोर पांडेय प्रहरी, पीके अग्रवाल, डॉ. अजय पांडेय, बृजेश पांडेय, मनीष मिश्र, आचार्य संजय मिश्र आदि शहर के गण्यमान्य नागरिक मौजूद रहे।
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