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कारागार के बंदियों को राशन की किल्लत
लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 29 Dec 2014 05:16 PM IST
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जिला कारागार के बंदियों को उप्र राज्य कर्मचारी कल्याण निगम से मिलने वाले राशन की आपूर्ति बंद कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि निगम प्रदेश की सभी जेलों में राशन सप्लाई करता है लेकिन इस समय निगम के ठेके की अवधि पूरी हो गई है। कारागार में महज कुछ ही दिनों के लिए राशन बचा है। अधिकारियों ने निगम को पत्र भेज कर राशन भेजने की मांग की है।
बता दें कि मौजूदा समय में जिला कारागार में 1500 से अधिक बंदी निरुद्ध हैं। प्रतिमाह इनके भोजन पर करीब 400 क्विंटल गेहूं और 50 क्विंटल चावल खर्च होता है। कारागार में राशन की सप्लाई का जिम्मा उप्र राज्य कर्मचारी कल्याण निगम को सौंपा गया है, लेकिन मौजूदा समय में निगम का ठेका अवधि समाप्त हो रहा है, जबकि कारागार के बंदियों के भोजन के लिए सिर्फ एक सप्ताह का ही राशन बचा है। कारागार में राशन की किल्लत और निगम का ठेका अवधि समाप्त होने से अधिकारियों की परेशानी बढ़ गई है। जेलर ज्ञानप्रकाश का कहना है कि निगम से सप्लाई न मिलने की दशा में राशन की खरीदारी एसएमआई रेट पर बाजार से की जाएगी। वहीं जेल अधीक्षक एचआर दोहरे का कहना है कि उप्र राज्य कर्मचारी कल्याण निगम को पत्र भेजकर राशन की आपूर्ति कराने को कहा गया है। उनका जवाब मिलने के बाद ही बंदियों के भोजन के लिए राशन की व्यवस्था बाजार से की जाएगी।
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बता दें कि मौजूदा समय में जिला कारागार में 1500 से अधिक बंदी निरुद्ध हैं। प्रतिमाह इनके भोजन पर करीब 400 क्विंटल गेहूं और 50 क्विंटल चावल खर्च होता है। कारागार में राशन की सप्लाई का जिम्मा उप्र राज्य कर्मचारी कल्याण निगम को सौंपा गया है, लेकिन मौजूदा समय में निगम का ठेका अवधि समाप्त हो रहा है, जबकि कारागार के बंदियों के भोजन के लिए सिर्फ एक सप्ताह का ही राशन बचा है। कारागार में राशन की किल्लत और निगम का ठेका अवधि समाप्त होने से अधिकारियों की परेशानी बढ़ गई है। जेलर ज्ञानप्रकाश का कहना है कि निगम से सप्लाई न मिलने की दशा में राशन की खरीदारी एसएमआई रेट पर बाजार से की जाएगी। वहीं जेल अधीक्षक एचआर दोहरे का कहना है कि उप्र राज्य कर्मचारी कल्याण निगम को पत्र भेजकर राशन की आपूर्ति कराने को कहा गया है। उनका जवाब मिलने के बाद ही बंदियों के भोजन के लिए राशन की व्यवस्था बाजार से की जाएगी।
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