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क्रय केद्रों पर टंगे हैं सिर्फ बैनर
लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 07 Oct 2015 06:44 PM IST
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जनपद में खरीफ सीजन में धान की आवक मंडियों में शुरू हो गई है, जिसके लिए एक अक्तूबर से 105 सरकारी क्रय केंद्र खोले गए हैं। ताकि किसानों से सीधे धान खरीद की जा सके, लेकिन एक सप्ताह बीतने के बावजूद क्रय केंद्र खोले नहीं जा सके हैं। सिर्फ बैनर टांगकर खानापूर्ति की जा रही है, जो किसानों का मुंह चिढ़ा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर किसान धान बेचने के लिए मंडी पहुंचने लगे हैैं, जो आढ़तियों के पास अपनी फसल औने-पौने दामों पर बेचने को विवश हैं। खास यह है कि अब तक जनपद में धान खरीद का लक्ष्य तक निर्धारित नहीं किया जा सका है।
किसानों से धान खरीद करने के लिए खरीफ विपणन वर्ष 2015-16 में 105 क्रय केंद्र प्रस्तावित किए गए हैं, जिन्हें एजेंसी वार आवंटित किया जा चुका है। खाद्य विभाग की विपणन शाखा को चार, पीसीएफ को 57, यूपीएसएस को 17, एनसीसीएफ को छह, एफसीआई को पांच, एसएफसी को चार, यूपी स्टेट एग्रो को तीन, कर्मचारी कल्याण निगम को चार, पंजीकृत सहकारी समितियों को पांच क्रय केंद्र आवंटित किए गए हैैं। मंडियों में बनाए गए क्रय केंद्रों की खानापूर्ति के लिए बैनर टांग दिए गए हैं, लेकिन कांटा, बोरा आदि की व्यवस्था नहीं हो सकी है। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रस्तावित क्रय केंद्रों पर अभी बैनर भी नहीं टांगे गए हैं और न ही एजेंसियों ने क्रय केंद्र प्रभारियों की तैनाती की हैै। इससे सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि क्रय केंद्रों की बावत तैयारियां पहले से पूरी नहीं की गई, बल्कि पिछले वर्षों की भांति ही इस बार भी खरीद का समय कम किया जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि अभी एजेंसियां धान खरीद के लिए तैयार नहीं हैं, जिसका बड़ा कारण यह है कि राइस मिलों का संबद्धीकरण नहीं किया जा सका है। क्योंकि क्रय केंद्रों से कुटाई के लिए धान की आपूर्ति राइस मिलों को की जाएगी, जहां से चावल की सप्लाई एफसीआई को दी जाएगी।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी सीबी उत्तम ने बताया कि अभी शासन से धान खरीद का लक्ष्य प्राप्त नहीं हुआ हैै। एजेंसियों द्वारा आवंटित इलाकों में क्रय केंद्र खोले जा रहे हैं। जहां क्रय केंद्र नहीं खुले हैं, वहां जल्द शुरू हो जाएंगे। धान में नमी मानक से अधिक होने के कारण अभी धान खरीद नहीं हो सकी है।
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मंडी सचिव उमेश यादव ने बताया कि क्रय केंद्रों पर किसानों को पानी, टेंट आदि सुविधाएं मंडी समिति की ओर से मुहैया कराई जाएंगी। इसके लिए संबंधित एजेंसी को प्रत्येक क्रय केंद्र के मंडी शुल्क में 22,500 रुपये की कटौती की जाएगी।
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किसानों से धान खरीद करने के लिए खरीफ विपणन वर्ष 2015-16 में 105 क्रय केंद्र प्रस्तावित किए गए हैं, जिन्हें एजेंसी वार आवंटित किया जा चुका है। खाद्य विभाग की विपणन शाखा को चार, पीसीएफ को 57, यूपीएसएस को 17, एनसीसीएफ को छह, एफसीआई को पांच, एसएफसी को चार, यूपी स्टेट एग्रो को तीन, कर्मचारी कल्याण निगम को चार, पंजीकृत सहकारी समितियों को पांच क्रय केंद्र आवंटित किए गए हैैं। मंडियों में बनाए गए क्रय केंद्रों की खानापूर्ति के लिए बैनर टांग दिए गए हैं, लेकिन कांटा, बोरा आदि की व्यवस्था नहीं हो सकी है। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रस्तावित क्रय केंद्रों पर अभी बैनर भी नहीं टांगे गए हैं और न ही एजेंसियों ने क्रय केंद्र प्रभारियों की तैनाती की हैै। इससे सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि क्रय केंद्रों की बावत तैयारियां पहले से पूरी नहीं की गई, बल्कि पिछले वर्षों की भांति ही इस बार भी खरीद का समय कम किया जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि अभी एजेंसियां धान खरीद के लिए तैयार नहीं हैं, जिसका बड़ा कारण यह है कि राइस मिलों का संबद्धीकरण नहीं किया जा सका है। क्योंकि क्रय केंद्रों से कुटाई के लिए धान की आपूर्ति राइस मिलों को की जाएगी, जहां से चावल की सप्लाई एफसीआई को दी जाएगी।
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जिला खाद्य विपणन अधिकारी सीबी उत्तम ने बताया कि अभी शासन से धान खरीद का लक्ष्य प्राप्त नहीं हुआ हैै। एजेंसियों द्वारा आवंटित इलाकों में क्रय केंद्र खोले जा रहे हैं। जहां क्रय केंद्र नहीं खुले हैं, वहां जल्द शुरू हो जाएंगे। धान में नमी मानक से अधिक होने के कारण अभी धान खरीद नहीं हो सकी है।
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मंडी सचिव उमेश यादव ने बताया कि क्रय केंद्रों पर किसानों को पानी, टेंट आदि सुविधाएं मंडी समिति की ओर से मुहैया कराई जाएंगी। इसके लिए संबंधित एजेंसी को प्रत्येक क्रय केंद्र के मंडी शुल्क में 22,500 रुपये की कटौती की जाएगी।