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बाघ हमले से बाल-बाल बचे वन कर्मी
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बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की मैलानी रेंज में जंगल में गश्त कर रही वन कर्मियों और वॉचरों टीम बाघ हमले से बाल-बाल बच गई। करीब दस फुट दूर खड़े बाघ ने जब टीम पर हमले की कोशिश की तो उनके होश उड़ गए। उनके शोर मचाने और आग जलाने पर बाघ धीमी चाल से बड़ी नहर पटरी की ओर चला गया।
वाकया बुधवार शाम करीब सात बजे का है। मैलानी रेंज की जटपुरा बीट फॉरेस्टर मोहम्मद उमर, वन रक्षक रामपाल यादव वॉचरों की टीम के साथ पनसब्बी बीट जंगल में गश्त कर रहे थे। इस दौरान बड़ी नहर पटरी पर उन्हें एक बाघ आता दिखाई दिया। हमले की पोजीशन में बाघ को सामने आता देख वन कर्मी टार्च की रोशनी जलाकर खड़े हो गए। बावजूद इसके बाघ जंगल में वापस जाने के बजाए सीधे चलता रहा। यह देख उनके होश उड़ गए। नहर पटरी पर खड़ी वन कर्मियों की टीम और बाघ के बीच जब करीब दस फुट दूरी बची तो उनके पसीना छूटने लगा। सामने चली आ रही मौत को देख उनके शोर मचाने और आग जलाने पर बाघ धीमी चाल से जंगल की ओर चला गया। इसके बाद वन कर्मियों ने राहत की सांस ली।
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वाकया बुधवार शाम करीब सात बजे का है। मैलानी रेंज की जटपुरा बीट फॉरेस्टर मोहम्मद उमर, वन रक्षक रामपाल यादव वॉचरों की टीम के साथ पनसब्बी बीट जंगल में गश्त कर रहे थे। इस दौरान बड़ी नहर पटरी पर उन्हें एक बाघ आता दिखाई दिया। हमले की पोजीशन में बाघ को सामने आता देख वन कर्मी टार्च की रोशनी जलाकर खड़े हो गए। बावजूद इसके बाघ जंगल में वापस जाने के बजाए सीधे चलता रहा। यह देख उनके होश उड़ गए। नहर पटरी पर खड़ी वन कर्मियों की टीम और बाघ के बीच जब करीब दस फुट दूरी बची तो उनके पसीना छूटने लगा। सामने चली आ रही मौत को देख उनके शोर मचाने और आग जलाने पर बाघ धीमी चाल से जंगल की ओर चला गया। इसके बाद वन कर्मियों ने राहत की सांस ली।
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