{"_id":"5d9e0ddd8ebc3e93bc19ab0b","slug":"jungal-lakhimpur-news-bly3794850103","type":"story","status":"publish","title_hn":"गन्ने के खेत में शावकों के साथ बाघिन ने जमाया डेरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गन्ने के खेत में शावकों के साथ बाघिन ने जमाया डेरा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मझगईं। गांव बेला कलां के एक गन्ने खेत में 15 दिनों से बाघिन अपने दो शावकों के साथ डेरा जमाए है। इससे ग्रामीणों में दहशत है। ग्रामीण और किसान डर की वजह से खेतों की ओर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। धान के खेत की रखवाली मचान पर करते समय एक किसान को बाघिन दिखाई भी दी, जिससे उसके डेरा जमाए होने की पुष्टि हुई।
बेलाकलां में किसान रियाजुल उस्मानी का खेत गांव के बाहर है। रियाजुल उस्मानी ने बताया कि करीब 15 दिनों से गन्ने के खेत में एक बाघिन व उसके दो शावक कब्जा जमाए हैं। अभी तक बाघिन एक गाय व बछड़े के अलावा एक सियार व दो सुअर मारकर खा चुकी है। मंगलवार की रात गांव के ही रामविलास व मायाराम मचान पर बैठकर धान के खेत की रखवाली कर रहे थे। तभी गन्ने के खेत से बाघिन निकलकर धान के खेत की तरफ आ गई, जिसे देख उनके होश उड़ गए। ग्रामीणों के मुताबिक थोड़ी देर रुकने के बाद फिर वापस गन्ने के खेत में शावकों के पास चली गई। बाघिन के जाने के बाद दोनों जान बचाकर भाग खड़े हुए। गांव के बाहर गन्ने के खेत में बाघिन के दिखाई पड़ने और मवेशियों का शिकार करने से लोग काफी भयभीत व डरे हुए हैं। किसानों ने वन विभाग को सूचना नहीं दी है। सूचना न देने के कारण पर किसानों का कहना है कि बताने पर वनविभाग के अधिकारी हाथियों के द्वारा बाघिन को खेत से खदेड़ते हैं, जिससे गन्ने को काफी नुकसान होता है। फारेस्ट गार्ड शरद मिश्रा ने बताया कि कुछ ग्रामीणों से बुधवार को ही जानकारी मिली है। मौके पर स्टाफ के साथ जाकर निगरानी की जाएगी।
विज्ञापन
बेलाकलां में किसान रियाजुल उस्मानी का खेत गांव के बाहर है। रियाजुल उस्मानी ने बताया कि करीब 15 दिनों से गन्ने के खेत में एक बाघिन व उसके दो शावक कब्जा जमाए हैं। अभी तक बाघिन एक गाय व बछड़े के अलावा एक सियार व दो सुअर मारकर खा चुकी है। मंगलवार की रात गांव के ही रामविलास व मायाराम मचान पर बैठकर धान के खेत की रखवाली कर रहे थे। तभी गन्ने के खेत से बाघिन निकलकर धान के खेत की तरफ आ गई, जिसे देख उनके होश उड़ गए। ग्रामीणों के मुताबिक थोड़ी देर रुकने के बाद फिर वापस गन्ने के खेत में शावकों के पास चली गई। बाघिन के जाने के बाद दोनों जान बचाकर भाग खड़े हुए। गांव के बाहर गन्ने के खेत में बाघिन के दिखाई पड़ने और मवेशियों का शिकार करने से लोग काफी भयभीत व डरे हुए हैं। किसानों ने वन विभाग को सूचना नहीं दी है। सूचना न देने के कारण पर किसानों का कहना है कि बताने पर वनविभाग के अधिकारी हाथियों के द्वारा बाघिन को खेत से खदेड़ते हैं, जिससे गन्ने को काफी नुकसान होता है। फारेस्ट गार्ड शरद मिश्रा ने बताया कि कुछ ग्रामीणों से बुधवार को ही जानकारी मिली है। मौके पर स्टाफ के साथ जाकर निगरानी की जाएगी।
विज्ञापन