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सावन में जेठ की धूप, तप रही धरती
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Fri, 21 Jul 2017 10:42 PM IST
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परेशान
- फोटो : अमर उजाला
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भीषण उमस भरी गर्मी से जनमानस बेहाल, पसीना-पसीना हो रहे लोग
पिछले करीब 10 दिनों से बरसात न होने के कारण पूरा जिला उमस भरी गर्मी से बेहाल है। दिन में कड़ी और चमकीली धूप होने से लोग परेशान है। जबकि रात में छाए बादल भी गर्मी से निजात नहीं दिला पा रहे हैं। वायुमंडल में आद्रता बढ़ने से उमस बढ़ती जा रही है। उमस के कारण लोग पसीना-पसीना हो रहे हैं।
बारिश न होने से लोगों का मौसम विज्ञानियों पर से भरोसा उठता जा रहा है। मौसम विज्ञानियों ने इस साल अच्छी बारिश होने की भविष्यवाणी की थी लेकिन सावन माह में केवल दो दिन बारिश हुई 11 दिन सूखे निकल गए। किसानों ने शुरुआती दौर में पानी बरसने पर धान की जो रोपाई की थी वह धान की फसल सूखने लगी है। सावन में कड़ी धूप से धरती तप रही है। फसल बचाने के लिए किसानों को सिंचाई करनी पड़ रही है। कड़ी धूप होने के कारण इधर-उधर भरा बारिश का पानी सड़ने लगा है और उसमें मच्छर पैदा हो रहे हैं। एक तो उमस भरी गर्मी ऊपर से मच्छरों की भरमार के चलते गर्मी जनित और मच्छरजनित बीमारियों ने भी पैर पसारना शुरू कर दिया है। लोग पेट की बीमारियों, डायरिया, दस्त, पेचिस और मलेरिया और फाइलेरिया आदि से पीड़ित हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ती जा रही है। इससे लोग परेशान हैं।
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पिछले करीब 10 दिनों से बरसात न होने के कारण पूरा जिला उमस भरी गर्मी से बेहाल है। दिन में कड़ी और चमकीली धूप होने से लोग परेशान है। जबकि रात में छाए बादल भी गर्मी से निजात नहीं दिला पा रहे हैं। वायुमंडल में आद्रता बढ़ने से उमस बढ़ती जा रही है। उमस के कारण लोग पसीना-पसीना हो रहे हैं।
बारिश न होने से लोगों का मौसम विज्ञानियों पर से भरोसा उठता जा रहा है। मौसम विज्ञानियों ने इस साल अच्छी बारिश होने की भविष्यवाणी की थी लेकिन सावन माह में केवल दो दिन बारिश हुई 11 दिन सूखे निकल गए। किसानों ने शुरुआती दौर में पानी बरसने पर धान की जो रोपाई की थी वह धान की फसल सूखने लगी है। सावन में कड़ी धूप से धरती तप रही है। फसल बचाने के लिए किसानों को सिंचाई करनी पड़ रही है। कड़ी धूप होने के कारण इधर-उधर भरा बारिश का पानी सड़ने लगा है और उसमें मच्छर पैदा हो रहे हैं। एक तो उमस भरी गर्मी ऊपर से मच्छरों की भरमार के चलते गर्मी जनित और मच्छरजनित बीमारियों ने भी पैर पसारना शुरू कर दिया है। लोग पेट की बीमारियों, डायरिया, दस्त, पेचिस और मलेरिया और फाइलेरिया आदि से पीड़ित हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ती जा रही है। इससे लोग परेशान हैं।
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