{"_id":"6946e0f2f67368c96303b972","slug":"isanagar-the-capital-of-warriors-is-deprived-of-transportation-facilities-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1009-163954-2025-12-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: परिवहन सुविधा से वंचित रणबांकुरों की राजधानी ईसानगर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: परिवहन सुविधा से वंचित रणबांकुरों की राजधानी ईसानगर
Sat, 20 Dec 2025 11:16 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sat, 20 Dec 2025 11:16 PM IST
विज्ञापन
अवनीश शुक्ला
धौरहरा। आज के दौर में जहां वंदे भारत जैसी रेल सेवाएं देश में चल रही हैं। वहीं, धौरहरा का ईसानगर ब्लॉक एक ऐसा क्षेत्र है, जहां अब तक रोडवेज बस भी नहीं चल सकी। इस क्षेत्र की 81 ग्राम पंचायतों में करीब दो लाख 26 हजार से अधिक आबादी रहती है।
यह क्षेत्र आजादी के रणबांकुरे जांगड़ा राज परिवार की राजधानी के साथ राजनीतिक क्षेत्र में कैबिनेट मंत्री और विधायक भी दे चुका है। हालात यह हैं कि ग्रामीणों को तहसील और जनपद मुख्यालय जाने के लिए निजी बसों, ऑटो या अन्य निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि धौरहरा तहसील का सबसे बड़ा विकासखंड ईसानगर होने के बावजूद यहां परिवहन सुविधाओं का अभाव है। सिसैया चौराहे से कस्बा ईसानगर, हसनपुर कटौली और दुर्गापुर पड़री सड़क मार्ग पर रोडवेज बसों का संचालन न होने से यात्रियों को न तो सरकारी छूट का लाभ मिल पा रहा और न ही सुरक्षित यात्रा का विकल्प।
विज्ञापन
मजबूरी में ग्रामीण निजी बसों और अन्य वाहनों से यात्रा कर रहे हैं, जो अक्सर मानकों पर खरे नहीं उतरते, आए दिन दुर्घटनाओं का शिकार हो जाते हैं। पुराने लोग बताते हैं कि इस ईसानगर में आजादी की लड़ाई में महती भूमिका निभाने वाले जांगड़ा राज परिवार की राजधानी के अलावा यहां से कैबिनेट मंत्री स्व. सरस्वती प्रताप सिंह, चार बार विधायक बाला प्रसाद अवस्थी, शमशेर बहादुर विधायक रहे हैं। संवाद
-- -- -- -- --
इन गांवों के लोग परेशान
ईसानगर कस्बे के साथ हसनपुर कटौली, दुर्गापुर पड़री, मिलिक, जमदरी, मिश्रगांव, साधुवापुर, ओझावा, अख्तियारपुर, रुद्रपुर, नारिबेहड़, मिर्जापुर, बिरसिंहपुर, पालिया, रायपुर, मुड़ी, कबिरहा, इमिलिया, लौकाही समेत करीब 50 गांवों में आज तक सरकारी बस सेवा नहीं पहुंच सकी है। इन क्षेत्रों के लोग परेशान हैं। लखीमपुर से सिसैया चौराहा होते हुए ईसानगर, हसनपुर कटौली और दुर्गापुर पड़री सहित गांवों तक आठ वर्ष पहले ग्रामीण लोहिया बस शुरू हुई थी। कुछ दिन के बाद वह भी बंद हो गई।
-- -- -- -- -- --
सरकारी तंत्र की लापरवाही व जनप्रतिनिधियों की उदासीनता का नतीजा है कि रणबांकुरों की राजधानी ईसानगर को रोडवेज बस सुविधा नहीं मिली।
- अवनीश शुक्ला, कबिरहा
-- -- -- -- -
देश में वंदे भारत चल रही है लेकिन ईसानगर क्षेत्र रोडवेज बस सेवा से वंचित है। इसके लिए जनप्रतिनिधियों से भी कई बार गुहार लगा चुके हैं।
- विनय अवस्थी, हसनपुर कटौली
-- -- -- -- -- -
मुख्यालय के लिए कोई सीधा साधन नहीं है। सात किलोमीटर दूर सिसैया चौराहा से बस पकड़नी पड़ती है। शासन-प्रशासन जल्द रोडवेज बस संचालित करे।
- ताज खां, निवासी ईसानगर
-- -- -- -- --
आठ वर्ष पहले जिला मुख्यालय तक ग्रामीण लोहिया बस चलती थी, बंद होने के बाद यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
- सत्यदेव सिंह, दुर्गापुर पड़री
-- -- -- -- -- -- --
ईसानगर क्षेत्र को रोडवेज सेवा देने के लिए मुख्यमंत्री से आग्रह किया है। जल्द इस पर कार्य होगा, बस सेवा भी जल्द ही शुरू होगी।
-विनोद शंकर अवस्थी, विधायक धौरहरा
विज्ञापन
यह क्षेत्र आजादी के रणबांकुरे जांगड़ा राज परिवार की राजधानी के साथ राजनीतिक क्षेत्र में कैबिनेट मंत्री और विधायक भी दे चुका है। हालात यह हैं कि ग्रामीणों को तहसील और जनपद मुख्यालय जाने के लिए निजी बसों, ऑटो या अन्य निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ता है।
विज्ञापन
ग्रामीणों का कहना है कि धौरहरा तहसील का सबसे बड़ा विकासखंड ईसानगर होने के बावजूद यहां परिवहन सुविधाओं का अभाव है। सिसैया चौराहे से कस्बा ईसानगर, हसनपुर कटौली और दुर्गापुर पड़री सड़क मार्ग पर रोडवेज बसों का संचालन न होने से यात्रियों को न तो सरकारी छूट का लाभ मिल पा रहा और न ही सुरक्षित यात्रा का विकल्प।
विज्ञापन
मजबूरी में ग्रामीण निजी बसों और अन्य वाहनों से यात्रा कर रहे हैं, जो अक्सर मानकों पर खरे नहीं उतरते, आए दिन दुर्घटनाओं का शिकार हो जाते हैं। पुराने लोग बताते हैं कि इस ईसानगर में आजादी की लड़ाई में महती भूमिका निभाने वाले जांगड़ा राज परिवार की राजधानी के अलावा यहां से कैबिनेट मंत्री स्व. सरस्वती प्रताप सिंह, चार बार विधायक बाला प्रसाद अवस्थी, शमशेर बहादुर विधायक रहे हैं। संवाद
इन गांवों के लोग परेशान
ईसानगर कस्बे के साथ हसनपुर कटौली, दुर्गापुर पड़री, मिलिक, जमदरी, मिश्रगांव, साधुवापुर, ओझावा, अख्तियारपुर, रुद्रपुर, नारिबेहड़, मिर्जापुर, बिरसिंहपुर, पालिया, रायपुर, मुड़ी, कबिरहा, इमिलिया, लौकाही समेत करीब 50 गांवों में आज तक सरकारी बस सेवा नहीं पहुंच सकी है। इन क्षेत्रों के लोग परेशान हैं। लखीमपुर से सिसैया चौराहा होते हुए ईसानगर, हसनपुर कटौली और दुर्गापुर पड़री सहित गांवों तक आठ वर्ष पहले ग्रामीण लोहिया बस शुरू हुई थी। कुछ दिन के बाद वह भी बंद हो गई।
सरकारी तंत्र की लापरवाही व जनप्रतिनिधियों की उदासीनता का नतीजा है कि रणबांकुरों की राजधानी ईसानगर को रोडवेज बस सुविधा नहीं मिली।
- अवनीश शुक्ला, कबिरहा
देश में वंदे भारत चल रही है लेकिन ईसानगर क्षेत्र रोडवेज बस सेवा से वंचित है। इसके लिए जनप्रतिनिधियों से भी कई बार गुहार लगा चुके हैं।
- विनय अवस्थी, हसनपुर कटौली
मुख्यालय के लिए कोई सीधा साधन नहीं है। सात किलोमीटर दूर सिसैया चौराहा से बस पकड़नी पड़ती है। शासन-प्रशासन जल्द रोडवेज बस संचालित करे।
- ताज खां, निवासी ईसानगर
आठ वर्ष पहले जिला मुख्यालय तक ग्रामीण लोहिया बस चलती थी, बंद होने के बाद यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
- सत्यदेव सिंह, दुर्गापुर पड़री
ईसानगर क्षेत्र को रोडवेज सेवा देने के लिए मुख्यमंत्री से आग्रह किया है। जल्द इस पर कार्य होगा, बस सेवा भी जल्द ही शुरू होगी।
-विनोद शंकर अवस्थी, विधायक धौरहरा

अवनीश शुक्ला

अवनीश शुक्ला

अवनीश शुक्ला